एक्सप्लोरर

Cloud Seeding: 30 मिनट की क्लाउड सीडिंग में कितना आता है खर्चा, जानें बादलों में पानी भरकर कैसे कराई जाती है बारिश

Cloud Seeding: दिल्ली में सरकार क्लाउड सीडिंग करने जा रही है. आज हम जानेंगे कि क्या है क्लाउड सीडिंग तकनीक और 30 मिनट की इस कृत्रिम बारिश में कितना आता है खर्चा.

Cloud Seeding: जैसे ही सर्दियां शुरू हो जाती हैं दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का संकट बढ़ जाता है. स्मॉग के स्तर को बढ़ने और हवा की गुणवत्ता खराब होने से बचाने के लिए दिल्ली सरकार एक अनोखा समाधान करने जा रही है. इस समाधान का नाम है क्लाउड सीडिंग. क्लाउड सीडिंग को कृत्रिम बारिश भी कहते हैं. आज हम जानेंगे कि क्लाउड सीडिंग क्या है और 30 मिनट की इस कृत्रिम बारिश को करवाने में कितना खर्चा आएगा.

क्या है क्लाउड सीडिंग

दरअसल यह मौसम को आर्टिफिशियल तरीके से बदलने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक वैज्ञानिक तकनीक है. इस तकनीक में विमान या फिर ड्रोन का इस्तेमाल करके बादलों में सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम क्लोराइड, या फिर ड्राई आइस जैसे कुछ खास रसायन को छिड़का जाता है. ये रसायन एक सीडिंग एजेंट के रूप में काम करते हैं. इसके बाद बर्फ के क्रिस्टल बनते हैं जो बादलों में भारी हो जाते हैं. इसके बाद वे बादलों से बारिश, बर्फ या ओलावृष्टि के रूप में गिरते हैं.

कैसे काम करती है यह तकनीक

दरअसल यह प्रक्रिया सही तरह के बादलों को चुनने से शुरू होती है. इस प्रक्रिया के लिए आमतौर पर परतदार या फिर गुम्बदनुमा बादलों को चुना जाता है. क्योंकि उनमें काफी नमी होती है. इसके बाद विमान या फिर ड्रोन का इस्तेमाल करके बादलों में रसायन का छिड़काव किया जाता है. यह रसायन कंडेंसेशन न्यूक्ली या फिर बर्फ न्यूक्ली के रूप में काम करते हैं. इसके बाद जलवाष्प उन पर चिपक कर छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाती है. यह क्रिस्टल समय के साथ बढ़ते हैं और भारी हो जाते हैं. इसके बाद बादलों से यह बारिश के रूप में गिरने लगते हैं.

कितना आता है खर्च

30 मिनट की क्लाउड सीडिंग का कोई अलग खर्चा नहीं होता. एक बार की क्लाउड सीडिंग का खर्च कई चीजों पर निर्भर करता है. जैसे दिल्ली में होने जा रही क्लाउड सीडिंग को कराने के लिए 3.1 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. आपको बता दें कि छोटे विमान से किए जाने वाले ट्रायल में अलग खर्चा आता है.

क्लाउड सीडिंग के फायदे

यह कोई नई तकनीक नहीं है इसका इस्तेमाल दुनिया भर में मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए किया जाता रहा है. इसके कई फायदे हैं. जैसे: यह सूखे वाले इलाकों में बारिश बढ़ाने में मदद करता है. इसी के साथ बारिश धूल और प्रदूषकों को बहाकर शहरी इलाकों में हवा की क्वालिटी में काफी ज्यादा सुधार करती है. साथ ही पहाड़ों में कृत्रिम बर्फबारी से नदियों में पानी की आपूर्ति बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ें: क्या फिलिस्तीन को मान्यता देकर वापस भी ले सकता है कोई देश? जान लीजिए नियम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Strait Of Hormuz Import: तेल और गैस के बाद सबसे ज्यादा किस चीज का होता होर्मुज से इंपोर्ट, क्या भारत में इनकी कीमतों पर पड़ा असर?
तेल और गैस के बाद सबसे ज्यादा किस चीज का होता होर्मुज से इंपोर्ट, क्या भारत में इनकी कीमतों पर पड़ा असर?
ब्रिटिश क्राउन में जड़े कोहिनूर की असल कीमत क्या है? जोहरान ममदानी के बयान के बीच जान लीजिए जवाब
ब्रिटिश क्राउन में जड़े कोहिनूर की असल कीमत क्या है? जोहरान ममदानी के बयान के बीच जान लीजिए जवाब
US Spend on Iran War: इतने में 40 लाख लोग 10 साल बैठकर खाएंगे, जानें ईरान वॉर में कितना पैसा खर्च कर चुका अमेरिका?
इतने में 40 लाख लोग 10 साल बैठकर खाएंगे, जानें ईरान वॉर में कितना पैसा खर्च कर चुका अमेरिका?
अब प्लास्टिक वेस्ट से बनेगा क्लीन फ्यूल, जानें सूरज की रोशनी से कैसे होगा यह काम?
अब प्लास्टिक वेस्ट से बनेगा क्लीन फ्यूल, जानें सूरज की रोशनी से कैसे होगा यह काम?

वीडियोज

Bengal Exit Poll: बंगाल में बड़ा उलटफेर! Mamata Banerjee की विदाई, BJP की चढ़ाई? | TMC
Mira Road Horror: मुंबई दहलाने की बड़ी साजिश! मीरा रोड कांड के पीछे ISIS का 'Lone Wolf' Plan!
West Bengal Exit Poll 2026: Bengal Exit Poll में BJP के आंकड़ों ने चौंकाया | Assam | Mamata | TMC
अभिषेक मल्हान के लिए क्यों इंफ्लुएंसर पारुल सिंह ने बोला ‘Angry Young Man?’
Sansani: हिजबुल्लाह के सीक्रेट ठिकानों की अनदेखी पिक्चर ! | Crime News | America

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
UP Politics: बृजभूषण शरण सिंह के लिए सपा में शामिल होना क्यों आसान नहीं? इन 5 वजहों से फंसे हैं पूर्व सांसद!
बृजभूषण शरण सिंह के लिए सपा में शामिल होना क्यों आसान नहीं? इन 5 वजहों से फंसे हैं पूर्व सांसद!
बंगाल में 2021 की तरह एग्जिट पोल्स फेल हुए तो बीजेपी की कितनी बड़ी हार? लाइन से नपेंगे यह नेता, 2027 के चुनावों पर भी असर
बंगाल में 2021 की तरह एग्जिट पोल्स फेल हुए तो बीजेपी की कितनी बड़ी हार? 2027 चुनावों पर भी असर
अभी से हो गया प्लेऑफ पर फैसला? मुंबई समेत ये 3 टीम होंगी बाहर! सामने आया चौंकाने वाला समीकरण
अभी से हो गया प्लेऑफ पर फैसला? मुंबई समेत ये 3 टीम होंगी बाहर! देखें चौंकाने वाला समीकरण
फराह खान या रणवीर इलाहाबादिया, जानें कौन करता है 'यूट्यूब' से सबसे ज्यादा कमाई
फराह खान या रणवीर इलाहाबादिया, जानें कौन करता है 'यूट्यूब' से सबसे ज्यादा कमाई
Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
तमिलनाडु के एग्जिट पोल में ट्विस्ट! स्टालिन नहीं इन्हें CM बनाना चाहती है जनता, जानें नाम
Exit Polls: कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
कैसे होता है एग्जिट पोल और इसे कराने में कितना आता है खर्च? एक क्लिक में जानिए सबकुछ
एआई की लहर का भारत को क्यों नहीं मिल रहा पूरा फायदा? एक्सपर्ट ने बता दी असली वजह
एआई की लहर का भारत को क्यों नहीं मिल रहा पूरा फायदा? एक्सपर्ट ने बता दी असली वजह
Embed widget