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क्या है चाबहार जिस पर राज करता है ईरान, यह होर्मुज से कितना अलग?

Chabahar Port VS Strait Hormuz: हाल ही में ईरान ने चाबहार को लेकर भी एक बड़ी घोषणा की है. आइए जानते हैं क्या है यह घोषणा और साथ ही यह भी कि चाबहार होर्मुज से कितना अलग है.

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  • ईरान ने चाबहार के पास नया प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र घोषित किया।
  • चाबहार ईरान का गहरा बंदरगाह, हिंद महासागर तक सीधी पहुँच।
  • होर्मुज वैश्विक तेल शिपमेंट का महत्वपूर्ण संकरा जलमार्ग है।
  • भारत चाबहार से अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुँचता।

Chabahar Port VS Strait Hormuz: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने ईरान के दक्षिणी समुद्र तट के साथ रणनीतिक जलमार्गों और बंदरगाहों पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है. होर्मुज लंबे वक्त से तनाव के केंद्र में रहा है लेकिन अब ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चाबहार के पास अपने दक्षिण पूर्वी तट तक फैले एक नए समुद्र क्षेत्र के आसपास प्रतिबंध की घोषणा की है. इस कदम ने चाबहार के रणनीतिक महत्व को दर्शाया है और साथ ही एक बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि यह बंदरगाह होर्मुज स्ट्रेट से कैसे अलग है. 

चाबहार क्या है? 

चाबहार सिस्तान बलूचिस्तान प्रांत में ईरान का प्रमुख गहरे पानी वाला समुद्री बंदरगाह है. ओमान की खाड़ी पर स्थित यह होर्मुज के बाहर स्थित है और हिंद महासागर और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों तक सीधी पहुंच देता है. यह जगह ईरान को एक जरूरी समुद्र प्रवेश द्वार देती है जिसके लिए बंदरगाह का इस्तेमाल करने वाले जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की जरूरत नहीं होती. 

होर्मुज स्ट्रेट क्या है? 

होर्मुज स्ट्रेट भारत की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला एक प्राकृतिक संकरा रास्ता है. यह दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री चोकपॉइंट में से एक है क्योंकि वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है.

चाबहार एक बंदरगाह है लेकिन इसके उलट होर्मुज स्ट्रेट एक रणनीतिक रूप से स्थित जल मार्ग है. इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को फारस की खाड़ी में प्रवेश करने या फिर छोड़ने के लिए नेविगेट करना होगा. 


क्या है चाबहार जिस पर राज करता है ईरान, यह होर्मुज से कितना अलग?

दोनों के बीच का भौगोलिक अंतर 

सबसे बड़ा अंतर उनकी भौगोलिक प्रकृति का है. चाबहार एक बंदरगाह है और होर्मुज एक स्ट्रेट. चाबहार सीधे ओमान की खाड़ी पर बसा है जो हिंद महासागर की तरफ खुलता है. इस बीच होर्मुज फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार पर बसा है और खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकीर्ण संबंध बनाता है.

चाबहार रणनीतिक रूप से जरूरी क्यों है? 

चाबहार फारस की खाड़ी के जल में जहाज को नेविगेट करने की जरूरत के बिना खुले समुद्र के शिपिंग रास्ते तक पहुंच देता है. यह इसे ईरान के साथ-साथ वैकल्पिक व्यापार मार्गों की तलाश करने वाले देशों के लिए रणनीतिक रूप से काफी मूल्यवान बनाता है. बंदरगाह का क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए भी काफी बड़ा महत्व है क्योंकि यह अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ समुद्री व्यापार को जोड़ सकता है. 

चाबहार में भारत की भूमिका 

चाबहार में भारत का बड़ा रणनीतिक हित है. इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड के जरिए भारत बंदरगाह पर शहीद बेहिश्ती टर्मिनल का संचालन करता है. चाबहार भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया की तरफ एक जरूरी रास्ता देता है जो पाकिस्तान को बायपास करता है. इस वजह से इसे भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार रणनीति का एक जरूरी घटक माना जाता है. 


क्या है चाबहार जिस पर राज करता है ईरान, यह होर्मुज से कितना अलग?

होर्मुज क्यों है जरूरी?

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है क्योंकि दुनिया के कच्चे तेल और दूसरे ऊर्जा शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. इस वजह से यहां कोई भी लंबे समय तक व्यवधान शिपिंग, ऊर्जा आपूर्ति, परिवहन लागत और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों को प्रभावित कर सकता है. 

यह भी पढ़ेंः क्या होते हैं कॉन्सुलेट और एम्बेसी? इनमें क्या होता है अंतर

सुरक्षा किस प्रकार से अलग है? 

चाबहार और होर्मुज स्ट्रेट अपने सुरक्षा वातावरण के मामले में भी अलग-अलग हैं. होर्मुज स्ट्रेट बार-बार ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े सैन्य तनाव, टकराव और जहाज जब्ती से जुड़ा रहा है. चाबहार के आस-पास एक नए समुद्री प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा सुरक्षा स्थिति में एक और आयाम को जोड़ती है. ईरानी ने यह संकेत दिया है कि विदेशी जहाज, खासतौर से बिना प्राधिकरण के निर्दिष्ट क्षेत्र में आने वाले जहाजों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.

यह भी पढ़ेंः क्या है BRICS में होने वाला गाला डिनर, कहां से शुरू हुई यह परंपरा?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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