BRICS सम्मेलन के मेन्यू में क्या परोसा जाएगा, कौन तय करता है यह सब?
दिल्ली में होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन में विदेशी मेहमानों के लिए भारत के पारंपरिक श्री अन्न, क्षेत्रीय थालियों और अवधी जायके का मेन्यू तैयार किया जा रहा है. आइए जानें कि यह मेन्यू कौन तैयार करता है.

- अतिथि स्वास्थ्य, वरीयता का विशेष ध्यान, अनुभवी शेफ बनाएँगे।
भारत में आयोजित होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. 11 और 12 तारीख को होने जा रहे इस वैश्विक सम्मेलन में शामिल होने वाले दुनियाभर के बड़े नेताओं और उनके प्रतिनिधिमंडलों के लिए खाने-पीने का भी बहुत ही विशेष प्रबंध किया गया है. मेजबान देश होने के नाते भारत अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लाजवाब देशी स्वादों से रूबरू कराने की पूरी तैयारी कर चुका है. केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और शीर्ष होटलों की टीमों ने मिलकर ऐसा मेन्यू तैयार किया है, जिसमें भारत के पारंपरिक व्यंजनों की झलक तो होगी ही, साथ ही विदेशी मेहमानों की सेहत, शुद्धता और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं का भी पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा. आइए जानें कौन यह सब मेन्यू तय करता है.
कैसे तय होता है वीआईपी मेहमानों का खाना?
अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों में भोजन का चयन कोई साधारण काम नहीं होता है. ब्रिक्स जैसे सम्मेलनों में मेन्यू फाइनल करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से मेजबान देश की सरकार की होती है. भारत में इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय और विशेष रूप से बनाई गई प्रोटोकॉल कमेटियों की देखरेख में पूरा खाका तैयार किया जाता है. मेन्यू बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि भोजन में भारतीय संस्कृति और विविधता की झलक दिखे, लेकिन साथ ही अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों की पसंद और खान-पान से जुड़ी सीमाओं का भी सम्मान हो. बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी की थीम और मानव-केंद्रित सोच के तहत ही इस बार का पूरा भोजन प्लान तैयार किया गया है.
श्री अन्न और पारंपरिक भारतीय ड्रिंक्स का BRICS में दिखेगा जलवा
इस बार के भोजन टेबल पर भारत के पारंपरिक मोटे अनाजों यानी श्री अन्न को प्रमुखता से जगह दी जा रही है. सेहत के लिहाज से बेहतरीन माने जाने वाले बाजरा, ज्वार और रागी से कई तरह के पकवान बनाए जा रहे हैं. सुबह के नाश्ते और हल्के जलपान में मेहमानों को रागी डोसा, बाजरा उपमा और मिलेट पोंगल जैसी पौष्टिक चीजें परोसी जाएंगी. इसके अलावा ताजे मौसमी फल, नारियल पानी और पारंपरिक देशी छाछ जैसी चीजें भी उपलब्ध रहेंगी, जो मेहमानों को ताजगी देने का काम करेंगी. यह पूरी कोशिश भारत के स्वास्थ्यप्रद और पारंपरिक भोजन को दुनिया के सामने लाने की एक बड़ी पहल है.
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उत्तर से दक्षिण तक की थाली का मिलेगा स्वाद
दोपहर और रात के भोजन में भारत के अलग-अलग राज्यों के मशहूर व्यंजनों का संगम देखने को मिलेगा. क्षेत्रीय स्वादों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थानी, गुजराती और साउथ इंडियन थाली की विशेष व्यवस्था की जा रही है. खाने में विविधता बनाए रखने के लिए उत्तर भारत का प्रसिद्ध कश्मीरी पुलाव, दक्कनी तड़का, हैदराबादी वेज और नॉन-वेज बिरयानी व दक्षिण भारतीय स्ट्यू जैसे लोकप्रिय पकवानों को शामिल किया गया है. इसका उद्देश्य यह है कि भारत दौरे पर आए विदेशी नेता एक ही जगह पर पूरे देश के अलग-अलग राज्यों के अनूठे स्वाद और मसालों का अनुभव ले सकें.
खास अवधी कबाब और अलग-अलग रसोइए लाएंगे तंदूरी जायका
भारतीय भोजन की बात हो और कबाब या तंदूरी जायके की बात न हो, ऐसा संभव नहीं है. विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के लिए अवधी कबाब, तंदूरी डिशेज और धीमी आंच पर तैयार की जाने वाली भारतीय ग्रेवी वाले खास पकवान परोसे जाएंगे. इसके साथ ही, अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों की धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए एकदम अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं. दोनों तरह के खानों की शुद्धता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अलग-अलग समर्पित रसोइयों और शेफ की टीमें तैनात की गई हैं.
विदेशी नेताओं की डाइट और हेल्थ का खास ख्याल
हालांकि सुरक्षा और कूटनीतिक कारणों से ब्रिक्स का आधिकारिक मेन्यू पहले से सार्वजनिक नहीं किया जाता है, लेकिन पूर्व सम्मेलनों के अनुभव बताते हैं कि व्यवस्था बेहद लचीली होती है. कई देशों के नेताओं को कुछ विशेष चीजों से एलर्जी होती है या वे डॉक्टर द्वारा बताए गए सख्त डाइट प्लान का पालन करते हैं. इसलिए मेन्यू बनाते समय हर एक वीआईपी मेहमान की मेडिकल और डाइट रिपोर्ट को ध्यान में रखा जाता है. जरूरत पड़ने पर उनके लिए पर्सनल डाइट चार्ट के हिसाब से ही विशेष शेफ द्वारा अलग से खाना तैयार करवाया जाता है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो.

देश के टॉप शेफ और विदेश मंत्री का खास डिनर
इतने बड़े पैमाने पर बेहतरीन और स्वादिष्ट खाना तैयार करने के लिए देशभर के चुनिंदा और अनुभवी शेफ की मदद ली जा रही है. ये शेफ अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हुए भारतीय व्यंजनों में वैश्विक फ्यूजन का तड़का लगाने में माहिर हैं. विदेश मंत्रालय के तय कार्यक्रम के अनुसार, बैठकों के लंबे दौर के बाद भारत मंडपम में शाम 7:00 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से एक भव्य डिनर का आयोजन किया जाएगा. इस डिनर में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, जहां वे अनौपचारिक माहौल में भारतीय पकवानों का आनंद लेते हुए आपस में चर्चा करेंगे.
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