कहीं 14 डिग्री तो कहीं -10 डिग्री रहता है तापमान, भारत के अलग-अलग शहरों में क्यों रहता है इतना फर्क?
Weather in India: उत्तर भारत में जब कड़ाके की सर्दी पड़ रही होती है तब दक्षिण भारत के बहुत से क्षेत्रों में माकूल मौसम बना रहता है. दरअसल, इन अंतर के पीछे का एक कारण भौगोलिक स्थिति भी है.

Weather in North India and South India: दिल्ली में तापमान 14 डिग्री है तो श्रीनगर में 0°C वाली कड़ाके की ठंड, लद्दाख में तापमान -12°C तक पहुंच जाता है तो मैदानी इलाकों में लगभग 8-10 डिग्री रहता है. आए साल मौसम का ये अंतर जगहों के हिसाब से हमें अपने देश में देखने को मिलता है. गर्मियों में लोग पहाड़ों और समुंद्र के किनारे जाना पसंद करते हैं. भारत में हर प्रदेश की जलवायु में अंतर रहता है. खासकर उत्तर और दक्षिण के राज्यों में ये अंतर साफ देखा जा सकता है. सवाल बनता है कि ऐसा क्यों है? एक ही देश के अलग-अलग हिस्सों के मौसम में इतना अंतर क्यों है? आखिर क्यों देश के उत्तर और दक्षिण के मौसम में इतना अंतर है? आइए आज इसी बारे में चर्चा करेंगे...
मौसम में फर्क
ऐसा हर साल होता है कि कुछ समय के लिए उत्तर और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति एक दूसरे के बिल्कुल उलट हो जाती है. दरअसल, भौगोलिक स्थितियों और प्राकृतिक संरचनाओं के कारण भी ऐसा होता है. गर्मियों का मौसम काफी लंबा होता है जो अप्रैल से शुरू होकर अक्टूबर तक चलता है. गर्मी के मौसम में दौरान कई हिस्सों में तापमान 45°C से भी ज़्यादा हो जाता है. उसके बाद नवंबर से मार्च के बीच में ठंड पड़ती है. इस बीच उत्तर में तो तापमान -20°C तक चला जाता है. मध्य प्रदेश और इसके आसपास के मध्य भारत क्षेत्र में हर मौसम सुहाना रहता है. इसे बफर ज़ोन कहा जाता है. इस एरिया में सर्दी और गर्मी दोनों ही न तो कम होती हैं और न ही बहुत ज़्यादा.
बात दक्षिण भारत की करें तो यहां स्थितियां अलग होती हैं. इक्वेटर के ज़्यादा नज़दीक आने वाले हिस्से में गर्मी तकरीबन साल भर पड़ती है. हालांकि, ऐसा काम ही होता है कि यहां तापमान 40°C से ज़्यादा हो जाए लेकिन 20°C से कम तापमान हो जाए तो यहां इसे ही बहुत सर्दी माना जाता है.
क्या है मौसम के इस फर्क का कारण?
कर्क रेखा की स्थिति के कारण उत्तर भारत शीतोष्ण ज़ोन में आता है और दक्षिण भारत उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में. आइए इसे और अच्छे से आसान शब्दों में और कारणों के साथ समझते हैं.
1. दक्षिण भारत एक प्रायद्वीपीय त्रिकोण जैसा समुद्री क्षेत्र है. इसके तीन तरफ से समुद्र से घिरे होने के कारण यहां का मौसम स्वाभाविक तौर पर गर्म और आर्द्रता वाला होता है. वहीं, उत्तर में समुद्र नहीं बल्कि हिमालय है इसलिए यहां का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है.
2. एक और दिलचस्प बात यह है कि पश्चिम भारत में भी रेगिस्तान के कारण गर्मी और सर्दी दोनों ही तेज़ होती हैं और बारिश बहुत कम होती है. वहीं, पूर्व भारत में दुनिया के सबसे ज़्यादा बारिश वाले क्षेत्र हैं.
3. भारत की कॉंटिनेंटल प्लेट होने के कारण दक्षिणी हिस्सा पठार के जैसा है, जिसे डेक्कन प्लैटू नाम से भी जानते हैं. वहीं, उत्तर का हिस्सा अपेक्षाकृत नया है और इसे एक प्राचीन समुद्र से बना हुआ बताया जाता है.
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Source: IOCL





















