US Fighter Jets: ईरान के अलावा कौन-कौन से देश गिरा चुके हैं अमेरिकी फाइटर जेट, भारत ने कितने मारे?
US Fighter Jets: हाल ही में ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है. आइए जानते हैं कि इतिहास में और कौन से देश अमेरिकी विमानों को निशाना बना चुके हैं.

US Fighter Jets: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के हालिया दावे ने एक बार फिर वैश्विक बहस को छेड़ दिया है. ईरान ने यह दावा किया है कि उसने अमेरिका के लड़ाकू विमानों को मार गिराया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने एक अमेरिकी F-15E विमान को मार गिराया है और एक और विमान A-10 को कथित तौर पर नुकसान पहुंचा है. लेकिन यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया गया है.
वे देश जिन्होंने अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया
आधुनिक इतिहास में कई देशों ने सफलतापूर्वक अमेरिकी विमानों को मार गिराया है. वियतनाम युद्ध के दौरान उत्तरी वियतनाम ने संयुक्त राज्य अमेरिका को सबसे भारी नुकसान पहुंचाया. सोवियत संघ के द्वारा दी गई मिसाइलों और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए वियतनामी सेनाओं ने हजारों अमेरिकी विमानों को मार गिराया. इनमें F-4 फैंटम जैसे एडवांस्ड विमान भी शामिल थे.
यूरोप में 1999 के कोसोवो युद्ध के दौरान यूगोस्लाविया ने एक अमेरिकी F-117 नाइटहॉक विमान को मार गिराकर दुनिया को चौंका दिया. यह एक ऐसा विमान था जिसे रडार के लिए लगभग अदृश्य माना जाता था. इसके साथ ही एक F-16 विमान को भी मार गिराया गया.
इराक भी 1991 के खाड़ी युद्ध और 2003 के आक्रमण के दौरान कई अमेरिकी विमान को मार गिराने में सफल रहा. इराकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने A-10 थंडरबोल्ट और F-16 जैसे विमानों को निशाना बनाया. हालांकि वियतनाम की तुलना में उनकी सफलता का पैमाना सीमित था. अगर शीत युद्ध की बात करें तो सोवियत संघ ने कई अमेरिकी विमानों को मार गिराया था.
क्या भारत ने कभी अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया?
इसका सीधा सा जवाब है नहीं. दरअसल भारत ने कभी भी सीधे तौर पर किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को नहीं मारा है. इसकी वजह यह है कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच कभी कोई सीधा युद्ध हुआ ही नहीं है. हालांकि पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे अमेरिका में बने कई लड़ाकू विमानों को सफलतापूर्वक मार गिराया. इनमें F-86 सेबर और F-104 स्टारफाइटर शामिल थे. भारत जैसे देशों के लिए मुख्य ध्यान अमेरिका के साथ सीधे टकराव पर कम, बल्कि क्षेत्रीय विरोधियों का मुकाबला करने पर ज्यादा रहा है. जिनमें से कई पश्चिमी या अमेरिका में बने हथियारों का इस्तेमाल करते हैं.
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Source: IOCL



























