Civil Services In Nepal: भारत में जैसे UPSC, वैसे नेपाल में क्या? वहां सिविल सर्विस में कैसे मिलती है जॉब?
Civil Services In Nepal: जिस तरह भारत में यूपीएससी को सबसे मुश्किल सिविल सर्विस परीक्षा माना जाता है उसी तरह नेपाल में भी एक ऐसी ही परीक्षा होती है. आइए जानते हैं कौन सी है वह परीक्षा.

- नेपाल में लोक सेवा आयोग सिविल सेवाओं में भर्ती करता है।
- तीन चरणों वाली परीक्षा प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा शामिल।
- योग्यता, साक्षात्कार, कौशल परीक्षण से अंतिम चयन होता है।
- यूपीएससी के समान, पर नेपाल में इसका पैमाना भिन्न।
- देश के प्रतिष्ठित करियर विकल्पों में से एक है।
Civil Services In Nepal: भारत में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी यूपीएससी पास करना सरकारी नौकरी पाने के सबसे मुश्किल रास्तों में से एक माना जाता है. लेकिन नेपाल का क्या? दिलचस्प बात यह है कि नेपाल भी लगभग इसी तरह का सिस्टम अपनाता है. वहां इसके बराबर की संस्था पब्लिक सर्विस कमीशन है. यह संस्था देश की सिविल सेवाओं में अधिकारियों की भर्ती के लिए पूरे देश में परीक्षाएं आयोजित करती है.
नेपाल का पीएससी क्या है और यह कैसे काम करता है?
नेपाल का पब्लिक सर्विस कमीशन अलग-अलग सरकारी पदों पर उम्मीदवारों की भर्ती के लिए जिम्मेदार है. इसमें प्रशासनिक, पुलिस और दूसरी सिविल सेवाएं शामिल हैं. यूपीएससी की तरह ही यह कई चरणों वाली परीक्षा प्रक्रिया के जरिए योग्यता के आधार पर चयन पक्का करता है.
तीन चरणों वाली चयन प्रक्रिया
नेपाल में सिविल सेवक बनने का सफर काफी ज्यादा कॉम्पिटेटिव होता है. इसमें तीन चरण शामिल होते हैं. पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा होता है. इसमें उम्मीदवारों की जांच ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों के जरिए की जाती है. इसमें सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी, रीजनिंग और क्वानटेटिव एप्टीट्यूड जैसे विषय शामिल होते हैं. यह भारत की प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न से काफी मिलते-जुलते हैं.
जो लोग इसे पास कर लेते हैं वह मुख्य परीक्षा में पहुंचते हैं. यह डिस्क्रिप्टिव प्रकृति की होती है. यहां उम्मीदवारों का मूल्यांकन शासन, करंट अफेयर्स, विदेश नीति और भाषा कौशल के आधार पर किया जाता है. इसे यह एक ज्यादा एनालिटिकल और लेखन प्रधान चरण बन जाता है.
आखिर में उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण और इंटरव्यू के चरण का सामना करना पड़ता है. इसमें कंप्यूटर दक्षता परीक्षण, ग्रुप डिस्कशन और एक व्यक्तिगत इंटरव्यू शामिल होता है. ऐसा इसलिए ताकि व्यक्तित्व, संवाद कौशल और फैसले लेने की क्षमता का मूल्यांकन किया जा सके.
पात्रता मानदंड
नेपाल की सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवारों के पास पद के आधार पर स्नातक की डिग्री या फिर उसके बराबर की योग्यता होनी चाहिए. आयु सीमा आमतौर पर 18 से 35 साल के बीच होती है. इसमें महिलाओं और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 40 साल तक की छूट दी जाती है. जरूरी बात यह है कि सिर्फ नेपाल के नागरिक ही आवेदन करने के पात्र हैं.
भारत की यूपीएससी से कितना मिलता जुलता?
हालांकि इसकी संरचना काफी हद तक एक जैसी है. प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू. लेकिन इसका पैमाना काफी अलग है. यूपीएससी में सेवाओं की श्रेणी काफी ज्यादा रेंज में है और आवेदकों की संख्या भी काफी ज्यादा है. इससे यह काफी ज्यादा कॉम्पिटेटिव बन जाता है. वहीं नेपाल का पीएससी अपने दायरे में उतना ही कठोर और देश में सबसे प्रतिष्ठित करियर विकल्पों में से एक बना हुआ है.
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