एक्सप्लोरर

Abhishek Banerjee Security: अभिषेक बनर्जी को कौन सी सिक्योरिटी मिली है, इसका खर्चा कौन उठाता है?

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है. चलिए जानें कि उनको कौन सी सुरक्षा मिली है और इसका खर्चा कौन उठाता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला, प्रदर्शनकारियों ने फेंके अंडे.
  • टीएमसी नेता से Z+ सुरक्षा वापस, अब मिल रही सामान्य श्रेणी.
  • X श्रेणी में सिर्फ 2 सुरक्षाकर्मी, एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर.
  • खुफिया रिपोर्ट पर सरकारें उठाती हैं VIP सुरक्षा का खर्च.

Abhishek Banerjee Security: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सोनारपुर इलाके में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर अचानक प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया. चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे टीएमसी नेता पर न सिर्फ कच्चे अंडे फेंके गए, बल्कि धक्का-मुक्की भी की गई. सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस अप्रत्याशित घटना के बाद हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि वर्तमान में अभिषेक बनर्जी के पास कौन सा सुरक्षा घेरा मौजूद है और इस भारी-भरकम वीआईपी सुरक्षा का असल में खर्च कौन वहन करता है. 

अभिषेक की Z+ सुरक्षा में कटौती 

पश्चिम बंगाल सरकार ने कुछ दिन पहले एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद उनकी सुरक्षा में बड़ी कटौती की है. राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा समीक्षा करने के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से सर्वोच्च मानी जाने वाली Z+ कैटेगरी की सुरक्षा वापस ले ली गई थी. इसके स्थान पर अब उन्हें एक बेहद सामान्य वीआईपी श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई है, जो खतरे के न्यूनतम स्तर पर दी जाती है.

जानिए क्या होती हैं वीआईपी सुरक्षा श्रेणियां

भारत में किसी भी महत्वपूर्ण व्यक्ति या वीआईपी की जान के खतरे का आकलन करने के बाद मुख्य रूप से 5 अलग-अलग श्रेणियों की सुरक्षा दी जाती है. इनमें X, Y, Y+, Z और अंत में सबसे बड़ी Z+ सुरक्षा श्रेणी शामिल होती है. इस पूरी व्यवस्था में सबसे बुनियादी और सामान्य स्तर की सुरक्षा को 'X श्रेणी' कहा जाता है. अभिषेक बनर्जी को Z+ से हटाकर अब इसी सामान्य सुरक्षा घेरे के तहत सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है, जो अत्यधिक सीमित होती है.

यह भी पढ़ें: Pakistan Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल पर कितना टैक्स लेती है पाकिस्तान की सरकार, एक झटके में कैसे कम कर दिए 22 रुपये?

सामान्य X श्रेणी सुरक्षा 

अब बात करते हैं कि इस सामान्य श्रेणी के तहत वीआईपी को क्या मिलता है. इस सुरक्षा चक्र में कुल मिलाकर सिर्फ 2 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं. इस छोटे से स्टाफ में मुख्य रूप से एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी यानी पीएसओ (Personal Security Officer) शामिल होता है जो हर वक्त नेता के साथ रहता है. इस तरह की बुनियादी सुरक्षा को जमीनी स्तर पर संभालने और वीआईपी को सुरक्षा देने की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस या संबंधित राज्य के सुरक्षा बलों की होती है.

सुरक्षा की बाकी श्रेणियों में कितने होते हैं जवान?

अगर बाकी श्रेणियों की बात करें तो Y श्रेणी में 8 से 11 जवान होते हैं, जिसमें 1 या 2 कमांडो और बाकी पुलिसकर्मी होते हैं. इसके ऊपर Y+ श्रेणी आती है जिसमें 11 से 15 जवानों का अमला होता है और पीएसओ हमेशा साथ चलते हैं. इसके बाद भारी-भरकम Z श्रेणी आती है जिसमें कमांडो समेत 22 सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहते हैं. सबसे आखिर में Z+ सुरक्षा आती है, जो देश के गिने-चुने लोगों को मिलती है और इसमें 55 से अधिक जवान तैनात रहते हैं.

वीआईपी की सुरक्षा का खर्च कौन उठाता है?

अभिषेक बनर्जी जैसी सामान्य या हाई-प्रोफाइल वीआईपी सुरक्षा पर होने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के खर्च को लेकर जनता में हमेशा उत्सुकता रहती है. नियमों के मुताबिक, जब खुफिया एजेंसियां (IB और RAW) किसी नेता या वीआईपी की जान को खतरा बताती हैं, तो केंद्र या राज्य सरकार उस सुरक्षा का पूरा खर्च खुद वहन करती है. यह पैसा सीधे तौर पर देश के आम टैक्सपेयर्स की जेब से आता है, क्योंकि सरकार देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबदेह होती है. 

व्यक्तिगत अनुरोध पर सुरक्षा का अलग नियम

हालांकि, सरकारी खर्च पर मिलने वाली सुरक्षा के अलावा इसमें कुछ खास नियम और अपवाद भी शामिल होते हैं. अगर कोई बड़ा उद्योगपति, बॉलीवुड सेलिब्रिटी या रसूखदार व्यक्ति सरकार से अपनी मर्जी से सुरक्षा की मांग करता है, तो सरकार इंटेलिजेंस रिपोर्ट की जांच करती है. अगर कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया जाता, तो सरकार उन्हें सुरक्षा गार्ड तो दे देती है, लेकिन उसका पूरा भारी-भरकम बिल सीधे उस व्यक्ति को निजी तौर पर चुकाना पड़ता है.

यह भी पढ़ें: Space Debris: अंतरिक्ष का मलबा कैसे ठप कर सकता है रोजमर्रा की जिंदगी, जानें इंसानों को इससे क्यों है खतरा?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Mango Export: जापान के अलावा और कहां एक्सपोर्ट होते हैं भारत के आम, जानें किन किस्मों को किया जाता है पसंद?
जापान के अलावा और कहां एक्सपोर्ट होते हैं भारत के आम, जानें किन किस्मों को किया जाता है पसंद?
India vs Pakistan LPG Price: पाकिस्तान में सरकार को कितने रुपये का पड़ता है गैस सिलेंडर, भारत से कम या ज्यादा?
पाकिस्तान में सरकार को कितने रुपये का पड़ता है गैस सिलेंडर, भारत से कम या ज्यादा?
क्या सुबह और शाम इंसानों की लंबाई में होता है अंतर? जानें इसके पीछे का चौंकाने वाला विज्ञान
क्या सुबह और शाम इंसानों की लंबाई में होता है अंतर? जानें इसके पीछे का चौंकाने वाला विज्ञान
Iran Conflict: जंग अमेरिका और इजरायल से, लेकिन खाड़ी देशों को क्यों तबाह कर रहा ईरान, जान लीजिए वजह
जंग अमेरिका और इजरायल से, लेकिन खाड़ी देशों को क्यों तबाह कर रहा ईरान, जान लीजिए वजह
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Crime News:45 साल की मम्मी और 23 साल का आशिक! | Punjab
Sansani | Crime News:45 साल की मम्मी और 23 साल का आशिक! सीक्रेट ने 16 साल की बेटी को दी खौफनाक मौत!
Chaar Ki Chaal | Ghazipur Encounter | Sanjay Nishad: कमलेश चौधरी एनकाउंटर पर महा-संग्राम!
दुनिया की पहली Electric Car से EV Revolution तक | 200 साल की कहानी | #autolive
बॉलीवुड न्यूज़: जाह्नवी कपूर की कथित प्राइवेट चैट सोशल मीडिया पर वायरल
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'रुको! मैं ही लेता हूं सारे फैसले...', मिसाइल हमले पर भड़के ट्रंप, नेतन्याहू को फोन पर दी चेतावनी
'रुको! मैं ही लेता हूं सारे फैसले...', मिसाइल हमले पर भड़के ट्रंप, नेतन्याहू को फोन पर दी चेतावनी
सम्राट चौधरी सरकार से नाराज लालू यादव बोले- 'सब पागल हो गए हैं', बताया कब छोड़ेंगे आवास
सम्राट चौधरी सरकार से नाराज लालू यादव बोले- 'सब पागल हो गए हैं', बताया कब छोड़ेंगे आवास
रनवे को टच करते ही उठा धुआं, पलक झपकते ही आग का गोला बन गया हवाई जहाज, रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो
रनवे को टच करते ही उठा धुआं, पलक झपकते ही आग का गोला बन गया प्लेन, रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो
पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे सूर्यकुमार की टीम, रहाणे-दुबे टॉप पर; देखें श्रेयस अय्यर की टीम का हाल
पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे सूर्यकुमार की टीम, रहाणे-दुबे टॉप पर; देखें श्रेयस अय्यर की टीम का हाल
थलापति विजय का राहुल गांधी को गिफ्ट, कांग्रेस को सौंपी तमिलनाडु की राज्यसभा सीट, स्टालिन की DMK ने कसा तंज 
थलापति विजय का कांग्रेस को तोहफा, तमिलनाडु की राज्यसभा सीट सौंपी, स्टालिन की DMK ने कसा तंज 
Bandar BO Day 3: बॉबी देओल की 'बंदर' वीकेंड पर भी नहीं कर पाई कमाल, संडे को बस इतनी हुई कमाई
बॉबी देओल की 'बंदर' वीकेंड पर भी नहीं कर पाई कमाल, संडे को बस इतनी हुई कमाई
क्या बड़ी टचस्क्रीन बना रही हैं ड्राइविंग को खतरनाक? जानिए एक्सपर्ट्स की राय
क्या बड़ी टचस्क्रीन बना रही हैं ड्राइविंग को खतरनाक? जानिए एक्सपर्ट्स की राय
Causes of Frequent Urination: पेट खराब होने पर बार बार क्यों आता है पेशाब, जानिए किन चीजों को करना चाहिए अवॉइड?
पेट खराब होने पर बार बार क्यों आता है पेशाब, जानिए किन चीजों को करना चाहिए अवॉइड?
Embed widget