Beer Consumption: भारत के इस राज्य में पी जाती है सबसे ज्यादा बियर, आंकड़ा जानकर नहीं होगा यकीन
Beer Consumption: भारत में एक ऐसा राज्य भी है जहां पर सबसे ज्यादा बियर पी जाती है. आइए जानते हैं कौन सा है वह राज्य.

- राज्य का आबकारी राजस्व ₹36,493 करोड़ तक पहुंच गया।
Beer Consumption: भारत में बियर पीने के मामले में तेलंगाना बाकी सभी राज्यों से काफी आगे है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी और अलग-अलग राज्यों के आबकारी विभागों के डेटा के मुताबिक तेलंगाना में देश में सबसे ज्यादा बियर पी जाती है.
बियर की खपत में तेलंगाना सबसे आगे
मात्रा के हिसाब से तेलंगाना देश का सबसे ज्यादा बियर पीने वाला राज्य बन गया है. गर्मियों के महीनों में यह चलन और भी ज्यादा देखने को मिलता है. बढ़ती गर्मी की वजह से बियर की मांग काफी ज्यादा बढ़ जाती है. लू के दौरान राज्य में बियर की बिक्री 65% तक बढ़ जाती है. इसी के साथ रोजाना खपत 2.2 लाख से 2.3 लाख केस तक पहुंच जाती है. बियर की खपत के लिए राज्य की लोकप्रियता न सिर्फ बिक्री के आंकड़ों में बल्कि उपभोक्ताओं के खर्च करने के तरीके में भी देखने को मिलती है.
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बियर और शराब पर सबसे ज्यादा खर्चा
डेटा से यह पता चलता है कि तेलंगाना में ग्रामीण निवासी भारतीय निर्मित विदेशी शराब और बियर पर सालाना औसत ₹3061 प्रति व्यक्ति खर्च करते हैं. यह भारतीय राज्यों में शराब पर प्रति व्यक्ति किया जाने वाला सबसे ज्यादा खर्च है. इस तरह का खर्च राज्य की उपभोक्ता अर्थव्यवस्था में शराब की भूमिका को दर्शाता है.
हैदराबाद भारत के बियर बाजार में सबसे आगे
हैदराबाद देश में बियर की खपत के सबसे ज्यादा बड़े केंद्रों में से एक है. बियर की बिक्री के मामले में इस शहर ने मुंबई और बेंगलुरु को भी पीछे छोड़ दिया है.
तेलंगाना के 972 लाइसेंस प्राप्त बार में से 645 बार ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम की सीमा के अंदर हैं. बार और मनोरंजन स्थलों की इस बड़ी संख्या ने खपत के स्तर को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है.
आबकारी राजस्व रिकॉर्ड स्तर पर
राज्य के तेजी से बढ़ते शराब और बियर बाजार से सरकार को भारी राजस्व को मिलता है. पिछले दशक में तेलंगाना के आबकारी राजस्व में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. आबकारी राजस्व 2014-15 में लगभग ₹10,000 करोड़ से बढ़कर 2023-24 वित्तीय वर्ष में ₹36,493 करोड़ हो गया है. त्योहारों के मौसम में बिक्री और भी ज्यादा बढ़ जाती है. अकेले दिसंबर 2025 में पूरे राज्य में ₹5,102 करोड़ की रिकॉर्ड शराब बिक्री दर्ज की गई.
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