एक्सप्लोरर

दुनिया का एकमात्र ऐसा देश जो कभी भी किसी का गुलाम नहीं रहा, जानिए क्या रहा इसके पीछे कारण

भारत का पड़ोसी देश नेपाल इतिहास में आज तक किसी का गुलाम नहीं बना. एक और जहां भारत पर कई आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया लूटा तबाही मचाई. अंग्रेजों ने तो इस लूट को चरम सीमा तक पहुंचा दिया

ब्रिटेन ने भारत पर 200 साल तक राज किया था सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ब्रिटेन ने दुनिया के 56 देश को अपना गुलाम बनाया था. एक स्टडी के मुताबिक ब्रिटेन ने तकरीबन दुनिया के 90 फ़ीसदी देशों पर हमला किया था. यहां तक की दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका को भी ब्रिटेन ने अपना गुलाम बनाया था. दुनिया में कई देश ऐसे भी हैं जो ब्रिटेन के गुलाम नहीं रहे जिनमें नेपाल,भूटान, ईरान, सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं. लेकिन इन देशों में एक देश ऐसा भी है. जिस पर इतिहास में ब्रिटेन तो क्या किसी भी बाहरी शासक ने राज नहीं किया. आइए जानते हैं पूरी खबर. 

नेपाल पर किसी ने राज नहीं किया

भारत का पड़ोसी देश नेपाल इतिहास में आज तक किसी का गुलाम नहीं बना. एक और जहां भारत पर कई आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया लूटा तबाही मचाई. अंग्रेजों ने तो इस लूट को चरम सीमा तक पहुंचा दिया. दुनिया की शायद ही ऐसी कोई शक्ति बची हो जिसने भारत को लूट ना हो या लूटने की सोची ना हो. इनमें से कई ने तो इस लूट के साथ-साथ भारत पर राज भी किया थोड़ा बहुत नहीं कई सालों तक. अंग्रेजों ने तो दो सदी तक राज किया. लेकिन भारत के पडोसी देश नेपाल पर कोई भी राज नहीं कर पाया. कोई भी विदेशी ताकत कभी नेपाल को गुलाम नहीं बना पाई. हजारों किलोमीटर से आकर दिल्ली पर विदेशियों ने कब्जा किया. लेकिन दिल्ली से 600-700 किलोमीटर की दूरी पर बसे नेपाल तक वह नहीं पहुंचे. 

क्या रही इसकी वजह

जब कोई यह सुनता है कि नेपाल पर कोई भी राज नहीं कर पाया. किसी ने भी उसे गुलाम नहीं बन पाया तो मन में सवाल आता है कि शायद नेपाल में ऐसा कुछ रहा नहीं होगा जिसके लिए वहां राज किया जाए. लेकिन किसी देश को अपना अधीन बनाना वहां अपनी सत्ता कायम करना यह तो शक्ति की निशानी मानी जाती थी. तो फिर ऐसे में तो कोई भी देश हो उस पर राज किया जा सकता था. लेकिन नेपाल पर फिर भी नहीं कर पाए. चलिए इसके पीछे का जो सच है वह हम आपको बताते हैं. दरअसल ऐसा नहीं था कि नेपाल कोई मामूली देश था या गरीब देश था इसलिए वहां कब्जा नहीं हुआ. नेपाल तिब्बत,भारत और चीन के बीच होने वाले व्यापार के लिए एक प्रमुख केंद्र था. सारा व्यापार इसी रास्ते से होता था. 

मुस्लिम शासक राज नहीं कर पाए

नेपाल पर ऐसा नहीं है कि मुस्लिम शासको ने राज करने की कोशिश नहीं की. सबसे पहले शमसुद्दीन इलियास शाह ने सन 1349 में नेपाल पर हमला किया. काठमांडू को लूट लेकिन कुछ समय बाद ही गोरख सी ने समसुद्दीन को वापस भेज दिया. दूसरी बार नेपाल पर 18वीं सदी में मीर कासिम में हमला किया. लेकिन मीर कासिम की सेवा को नेपाल के गोरखा सेना ने हरा कर वापस भेज दिया.

अंग्रेजों को करना पड़ा समझौता

अंग्रेजों ने भी नेपाल पर राज करने की कोशिश तो की थी इसके लिए एक बहुत बड़ा युद्ध भी हुआ था दरअसल 1814 से लेकर 1816 तक अंग्रेजों और नेपाल के बीच युद्ध हुआ जिसे गोरख युद्ध कहा गया था गोरखा साम्राज्य जिसे आज नेपाल कहा जाता है और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच यह युद्ध हुआ था उसे समय अंग्रेजों का कब्जा पूरे भारत पर नहीं था सिख साम्राज्य का तब दबा था गोरखा साम्राज्य भी उसे समय काफी शक्तिशाली था भारत में अभी के राज्य सिक्के कुमाऊं और गढ़वाल पर उन्होंने कब्जा कर लिया था.

गोरखाओं के मन में था कि वह अवध पर कब्जा करें. अवध जो ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन था. अंग्रेज और गोरखाओं के बीच युद्ध हुआ युद्ध का परिणाम नहीं निकला. दोनों के बीच एक समझौता हुआ जिसे सुगौली की संधि कहा जाता है. इसके बाद गोरखाओं ने अंग्रेजों को कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र सौंप दिया और अंग्रेजों ने नेपाल पर दोबारा हमला न करने का वचन दिया. 

यह भी पढ़ें: दो देशों की सीमा पर मौजूद है यह ओपेरा हाउस, एक में आता है स्टेज तो दूसरे देश में बैठते दर्शक

 

 

 

 

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

IAS-IPS को शादी करने से पहले सरकार से लेनी होती है परमीशन, जानें क्यों है ऐसा नियम?
IAS-IPS को शादी करने से पहले सरकार से लेनी होती है परमीशन, जानें क्यों है ऐसा नियम?
तुर्किए के 5 सबसे खतरनाक हथियार, जो ईरान को कर सकते हैं तहस-नहस, US भी इनके सामने है कांपता
तुर्किए के 5 सबसे खतरनाक हथियार, जो ईरान को कर सकते हैं तहस-नहस, US भी इनके सामने है कांपता
Foreign Study Policy: इस देश में सरकारी कर्मचारी के बच्चे विदेश में नहीं कर सकते पढ़ाई, मिलती है सजा
इस देश में सरकारी कर्मचारी के बच्चे विदेश में नहीं कर सकते पढ़ाई, मिलती है सजा
Lebanon Shia Population: लेबनान में किसकी है सरकार, इजरायल के निशाने पर क्यों है यह देश; जानें यहां कितने शिया मुसलमान?
लेबनान में किसकी है सरकार, इजरायल के निशाने पर क्यों है यह देश; जानें यहां कितने शिया मुसलमान?

वीडियोज

Sansani: Iran में खामेनेई 2.0 के 'दुस्साहस' का दौर ! | Iran- Israel War
Iran Israel War: क्या Middle East War अब और फैलने वाला है? | Big Breaking
Chitra Tripathi: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कब्जा करेगा अमेरिका | Iran Israel War | Breaking | Janhit
Bharat Ki Baat: महायुद्ध का आपकी जेब से जुड़ा विश्लेषण | Iran Israel War | Netanyahu | Khamenei
Sandeep Chaudhary: चर्चा से क्यों भाग रही सरकार? वरिष्ठ पत्रकार ने खोली पोल! | Iran Israel War

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Israel-Iran War: ईरान ने सोए हुए शिकारी जगाए! खामेनेई की मौत के बाद कर दिए एक्टिवेट, अमेरिका को मिले मैसेज में बड़ा खुलासा
ईरान ने सोए हुए शिकारी जगाए! खामेनेई की मौत के बाद कर दिए एक्टिवेट, अमेरिका को मिले मैसेज में बड़ा खुलासा
Amethi News: खड़े ट्रक में पीछे से घुसीं दो बाइकें, 6 साल की बच्ची समेत तीन की मौत, 4 की हालत नाजुक
अमेठी: खड़े ट्रक में पीछे से घुसीं दो बाइकें, 6 साल की बच्ची समेत तीन की मौत, 4 की हालत नाजुक
Weather Forecast: झुलसाने वाली गर्मी, पारा 40 पार, जानें दिल्ली-यूपी और बिहार को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी
झुलसाने वाली गर्मी, पारा 40 पार, जानें दिल्ली-यूपी और बिहार को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी
‘शर्म करो टीम इंडिया…’ जय शाह और सूर्यकुमार यादव पर क्यों भड़के कीर्ति आजाद, जानकर चौंक जाएंगे
‘शर्म करो टीम इंडिया…’ जय शाह और सूर्यकुमार यादव पर क्यों भड़के कीर्ति आजाद, जानकर चौंक जाएंगे
OTT Release This Week: इस हफ्ते ओटीटी पर महा एंटरटेनमेंट, रिलीज हो रही 'द ताज स्टोरी' से 'एस्पिरेंट्स 3' तक 21 नई फिल्में-सीरीज
इस हफ्ते ओटीटी पर एंटरटेनमेंट का महा धमाका, रिलीज हो रही 21 नई फिल्में-सीरीज
क्या RO का पानी सेहत के लिए होता है खतरनाक, जानें डॉक्टरों ने क्या बताया इसके पीछे का सच?
क्या RO का पानी सेहत के लिए होता है खतरनाक, जानें डॉक्टरों ने क्या बताया इसके पीछे का सच?
गांव में महज 10 हजार रुपये में शुरू कर सकते हैं इतने सारे बिजनेस, देते हैं बंपर प्रॉफिट
गांव में महज 10 हजार रुपये में शुरू कर सकते हैं इतने सारे बिजनेस, देते हैं बंपर प्रॉफिट
'आसान नहीं मुंबई में रहना' छोटे से फ्लैट का एक लाख रुपये किराया चुका रही यह लड़की, देखें वीडियो
'आसान नहीं मुंबई में रहना' छोटे से फ्लैट का एक लाख रुपये किराया चुका रही यह लड़की, देखें वीडियो
Embed widget