भारत या पाकिस्तान…कहां के लोग 24 घंटे में सबसे ज्यादा खाते हैं चीनी?
कुल राष्ट्रीय खपत में भारत रोजाना 7.7 करोड़ किलो चीनी के साथ दुनिया में सबसे आगे है, लेकिन प्रति व्यक्ति दैनिक इस्तेमाल में पाकिस्तान (70 ग्राम) भारत (55 ग्राम) से आगे है.

भारतीय उपमहाद्वीप में दैनिक खानपान और पारंपरिक मिठाइयों में चीनी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है. वर्तमान समय में भारत के घरेलू बाजार में चीनी के दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं. बढ़ती कीमतों के बीच यह जानना दिलचस्प है कि दोनों पड़ोसी देशों में रोजाना कितनी मिठास का इस्तेमाल होता है. भारतीय और पाकिस्तानी शुगर इंडस्ट्री के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल राष्ट्रीय खपत के मामले में भारत अपने विशाल आकार के कारण बहुत आगे है, लेकिन जब प्रति व्यक्ति दैनिक उपभोग की बात आती है, तो पाकिस्तान के नागरिक भारतीय नागरिकों से आगे निकल जाते हैं.
भारत में दैनिक चीनी की विशाल खपत
भारतीय चीनी उद्योग के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, भारत में सालाना लगभग 2.8 से 2.85 करोड़ टन चीनी का उपयोग होता है. यदि इस वार्षिक आंकड़े को 365 दिनों की अवधि में विभाजित किया जाए, तो देश में प्रतिदिन औसतन 76,700 से 78,100 टन चीनी खर्च होती है. एक टन में 1,000 किलोग्राम होने के गणित के हिसाब से भारत में हर 24 घंटे के भीतर लगभग 7.67 करोड़ से 7.81 करोड़ किलो चीनी की खपत दर्ज की जाती है. यह आंकड़ा केवल रसोईघर की चाय या घर की मिठाइयों का नहीं है, बल्कि इसमें बेकरी, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रसंस्कृत खाद्य उद्योगों में प्रयुक्त होने वाली चीनी भी शामिल है.
भारतीय नागरिकों का प्रति व्यक्ति चीनी उपभोग
यदि भारत की लगभग 1.4 अरब आबादी के आधार पर कुल चीनी खपत का गणितीय विभाजन किया जाए, तो प्रति व्यक्ति सालाना औसतन 20 किलोग्राम चीनी आती है. इस हिसाब से एक भारतीय नागरिक के हिस्से में हर दिन करीब 55 ग्राम चीनी पड़ती है. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और OECD के आंकड़े भी भारत की प्रति व्यक्ति वार्षिक खपत 20 किलो के आसपास ही दर्शाते हैं. हालांकि, यह केवल एक राष्ट्रीय औसत है, क्योंकि व्यावसायिक खाद्य पदार्थों के अत्यधिक उपयोग के कारण शहरों और ग्रामीण इलाकों में व्यक्तिगत उपभोग का यह स्तर अलग-अलग हो सकता है.
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विश्व बाजार में भारतीय खपत और हालिया सरकारी फैसले
कुल राष्ट्रीय उपभोग के मामले में भारत विश्व का सबसे बड़ा चीनी उपभोक्ता देश बना हुआ है. इसी वजह से देश के भीतर चीनी के उत्पादन, उपलब्ध स्टॉक या कीमतों में होने वाले किसी भी बदलाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है. घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने हाल ही में 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है, ताकि त्योहारी सीजन और आम जनता के लिए चीनी की उपलब्धता सुगम बनी रहे.
पाकिस्तान में चीनी का दैनिक और मासिक उपभोग
पड़ोसी देश पाकिस्तान में चीनी की वार्षिक घरेलू खपत लगभग 67 लाख टन के स्तर पर दर्ज की जाती है. महीने के हिसाब से देखें तो वहां प्रति माह 5.5 लाख से 5.67 लाख टन चीनी का इस्तेमाल होता है. जब इस वार्षिक आंकड़े को 24 घंटे की खपत में बदला जाता है, तो पाकिस्तान की पूरी आबादी हर दिन लगभग 1.83 करोड़ किलो चीनी का सेवन कर जाती है. कुल राष्ट्रीय खपत के मामले में पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर 8वें स्थान पर आता है.
पाकिस्तानी नागरिकों की प्रति व्यक्ति खपत का औसत
भले ही पाकिस्तान की कुल राष्ट्रीय खपत भारत से कम हो, लेकिन प्रति व्यक्ति दैनिक सेवन के मामले में वहां के नागरिक आगे हैं. पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति सालाना चीनी की खपत लगभग 25 किलोग्राम है. इसे 365 दिनों में विभाजित करने पर यह आंकड़ा निकलकर आता है कि एक औसत पाकिस्तानी नागरिक 24 घंटे में करीब 68 से 70 ग्राम चीनी खा जाता है, जो भारतीय औसत (55 ग्राम) से काफी अधिक है. खानपान की आदतों और मीठे पेय पदार्थों का अधिक उपयोग इसके प्रमुख कारणों में से एक है.

पाकिस्तान का उत्पादन और सरप्लस स्टॉक की स्थिति
उत्पादन की दृष्टि से पाकिस्तान दुनिया का 7वां सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश माना जाता है. पाकिस्तान चीनी उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, देश में चीनी का घरेलू उत्पादन वहां की कुल वार्षिक मांग (60 से 68 लाख टन) को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद भी पाकिस्तान के पास वर्तमान में भारी मात्रा में अतिरिक्त चीनी का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे वहां की स्थानीय आपूर्ति पर फिलहाल कोई बड़ा संकट नजर नहीं आता.
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