एक ही शहर में समाया है पूरा देश, जानिए कैसे देता है यूरोप की लग्जरी सिटीज को चुनौती
Most Unusual Country: एक ऐसा देश जो एक ही शहर में समाया है, लेकिन पूरी दुनिया को सिखा गया कि अनुशासन और नवाचार से चमत्कार कैसे रचे जाते हैं. आइए इसके बारे में जानें.

दुनिया में जहां देशों को शहरों से अलग माना जाता है, वहीं एक ऐसी जगह है जो इस नियम को ही चुनौती देती है. यहां पूरा देश एक ही शहर में बसता है, और यह शहर इतना समृद्ध, इतना व्यवस्थित और इतना एडवांस्ड है कि लंदन और पेरिस जैसे शहर भी इसके आगे फीके पड़ जाते हैं. यह जगह है सिंगापुर, जिसे अक्सर दुनिया का सबसे परफेक्ट शहर-देश कहा जाता है. यहां हर सड़क, हर इमारत और हर नियम एक मिसाल पेश करता है.
सबसे समृद्ध और शक्तिशाली देश
दुनिया में तमाम देश हैं जिनमें सैकड़ों शहर बसते हैं, लेकिन सिंगापुर एक ऐसा देश है जो पूरी तरह एक ही शहर में सिमटा हुआ है. दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित यह छोटा-सा द्वीपीय देश दुनिया के सबसे समृद्ध, सुरक्षित और आधुनिक देशों में गिना जाता है. आकार में भले ही यह छोटा हो, लेकिन प्रभाव में यह दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतों को चुनौती देता है.
कितनी है इसकी आबादी?
सिंगापुर को आधिकारिक रूप से Republic of Singapore कहा जाता है. यह महज 730 वर्ग किलोमीटर में फैला है, फिर भी इसे Global Smart Nation कहा जाता है. इसकी आबादी लगभग 59 लाख है, लेकिन यह देश इतना व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत है कि इसे मिनी मॉडर्न मिरेकल यानी आधुनिकता का चमत्कार कहा जाता है.
कब बना था सिंगापुर?
सिंगापुर की कहानी 1819 से शुरू होती है, जब ब्रिटिश अधिकारी सर स्टैमफोर्ड रैफल्स ने यहां एक व्यापारिक केंद्र स्थापित किया था. उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि आने वाले सौ सालों में यही जगह एशिया की आर्थिक राजधानी बन जाएगी. 1963 में यह मलेशिया का हिस्सा बना, लेकिन सिर्फ दो साल बाद 9 अगस्त 1965 को यह स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा. बिना प्राकृतिक संसाधनों के, बिना बड़े भूभाग के, सिंगापुर ने खुद को नवाचार, अनुशासन और शिक्षा की ताकत से खड़ा किया.
शहर और देश में नहीं है अंतर
यह देश अनोखा इसलिए भी है क्योंकि यहां शहर और देश में कोई अंतर नहीं है. वही सरकार जो देश चलाती है, वही नगर परिषद भी है. यहां राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख हैं, जबकि प्रधानमंत्री और उनका मंत्रिमंडल नीतिगत फैसले लेते हैं. यही व्यवस्था इसे दक्ष बनाती है कोई अलग-अलग राज्यों या नगरपालिकाओं का झंझट नहीं, न नीतिगत देरी.
क्या चीजें मना हैं?
सिंगापुर की खासियत उसका अनुशासन है. यहां कानूनों का पालन इतनी सख्ती से किया जाता है कि कोई गलती माफ नहीं होती. सड़क पर कचरा फेंकना, दीवार पर पेंट करना या च्यूइंग गम चबाना सब जुर्माना या सजा के दायरे में आता है. लेकिन यही सख्ती इस देश को दुनिया का सबसे स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित शहर बनाती है.
कितनी है जनसंख्या?
यहां की जनसंख्या चार प्रमुख समूहों में बंटी है- चीनी, मलय, भारतीय और यूरेशियन. चार आधिकारिक भाषाएं (अंग्रेजी, मंदारिन, मलय और तमिल) इस बात की गवाही देती हैं कि विविधता के बावजूद एकता यहां की पहचान है. यही वजह है कि सिंगापुर न सिर्फ एक आर्थिक ताकत है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी विश्व का मॉडल बन चुका है.
आज सिंगापुर दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय और लॉजिस्टिक हब में से एक है. इसका बंदरगाह दुनिया का सबसे व्यस्त बंदरगाह है, और इसका एयरपोर्ट चांगी कई बार वर्ल्ड्स बेस्ट एयरपोर्ट का खिताब जीत चुका है. यहां की शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल नेटवर्किंग सिस्टम इतनी मजबूत है कि इसे भविष्य का शहर कहा जाता है.
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Source: IOCL























