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Tsunami: कब-कब सुनामी से तबाह हुआ जापान, यहां इतनी आपदाएं आती क्यों हैं?

Tsunami Warning Alert News: रूस के पास समुद्र के नीचे 8.8 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक बताया जा रहा है. इसके बाद जापान और अमेरिका में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई.

जापान दुनिया के उन देशों में से एक है जो बार-बार भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता रहता है. कभी बड़े और तेज भूकंप तो कभी समुद्र की ऊंची लहरें, ये देश हमेशा किसी न किसी खतरे से घिरा रहता है. वहीं अब हाल ही में रूस के पास समुद्र के नीचे 8.8 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक बताया जा रहा है. इसके बाद जापान और अमेरिका में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई.

जापान के उत्तर में होक्काइदो और रूस के कुरील द्वीपों में बड़ी-बड़ी समुद्री लहरें उठीं. फुकुशिमा के न्यूक्लियर प्लांट से एम्प्लॉइज को हटा दिया गया और 9 लाख से ज्यादा लोगों को तटीय इलाकों से हटाने की सलाह दी गई. ऐसे में लोग जापान को लेकर कई तरह के सवाल कर रहे हैं और जानना चाह रहे हैं कि आखिर जापान में इतनी आपदाएं आती ही क्यों हैं? और अब तक कब-कब जापान को सुनामी ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है? तो चलिए जानते हैं ​इसका कारण क्या है.

जापान में इतनी आपदाएं क्यों आती हैं?

जापान जिस जगह पर बसा है, वह रिंग ऑफ फायर नाम की टेक्टोनिक प्लेटों का हिस्सा है. यह पृथ्वी की सतह पर मौजूद ऐसी प्लेटें हैं जो लगातार हिलती रहती हैं. जापान चार बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों के मिटिंग पोइंट पर स्थित है जो पैसिफिक, फिलीपीन, यूरेशियन और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट है.जब ये प्लेटें टकराती हैं या खिसकती हैं तो भूकंप आता है और अगर यह समुद्र के नीचे होता है तो उसकी वजह से सुनामी भी आ सकती है. यही कारण है कि जापान में हर साल करीब 15,000 से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप रिकॉर्ड किए जाते हैं.

कब-कब सुनामी से सबसे ज्यादा तबाह हुआ जापान ?

1. 11 मार्च 2011 – जापान के इतिहास की सबसे खतरनाक सुनामी 2011 में आई थी. इस दिन 9.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद समुद्र से भारी सुनामी लहरें उठीं. इसके कारण करीब 20,000 लोग मारे गए, हजारों घायल हुए और लाखों लोग बेघर हो गए. इसके अलावा फुकुशिमा न्यूक्लियर पावर प्लांट भी इस आपदा में तबाह हो गया, जिससे रेडिएशन का खतरा फैल गया.

2. 1896 मीजी सानरिकु सुनामी - जापान 1896 में भी मीजी सानरिकु सुनामी से सबसे ज्यादा तबाह हुआ था. इस सुनामी में करीब 22,000 लोगों की जान गई थी.सुनामी की ऊंचाई 38.2 मीटर तक मापी गई थी. ये सुनामी इतनी धीरे आई कि पहले भूकंप का बहुत ज्यादा एहसास नहीं हुआ लेकिन कुछ ही देर में समुद्र की विशाल लहरें शहरों को बहा ले गईं. 

3. 1933  शोवा सानरिकु सुनामी - 1933 में  शोवा सानरिकु सुनामी से भी जापान सबसे ज्यादा तबाह हुआ था. इसमें भूकंप के तुरंत बाद भारी सुनामी आई थी. इसमें भी 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और हजारों घर बर्बाद हो गए थे. 

यह भी पढ़े : कैसे जारी होता है सुनामी का अलर्ट, वॉर्निंग सिस्टम कितनी देर पहले जारी कर देता है चेतावनी?

मानसी उपाध्याय करीब दो साल से डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मूल रूप से उत्तराखंड से जुड़ी मानसी ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की और वर्तमान में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म कर रही हैं. पत्रकारिता में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अक्टूबर 2024 में एबीपी नेटवर्क से की. अब वह डिजिटल कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें फीचर और इंफॉर्मेटिव स्टोरीज लिखने के साथ-साथ स्क्रिप्ट राइटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने में रुचि है. हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाली मानसी ऐसी स्टोरीज लिखना पसंद करती हैं, जो पाठकों को नई और जरूरी जानकारी आसान भाषा में दें. उनकी कोशिश रहती है कि कंटेंट सिर्फ जानकारी देने वाला ही नहीं, बल्कि पढ़ने में दिलचस्प और पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ भी हो.

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