'कट्टर दुश्मनों' को भी गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट बना चुका है भारत, जानें कब-कब आए चीन-पाकिस्तान के दिग्गज?
ऐसे भी कई मौके आए हैं जब भारत में बिना चीफ गेस्ट के ही गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया. पहली बार 1952 और 1953 में लगातार दो सालों तक किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया गया था.

Republic day 2025: भारत इस साल अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. हर बार की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस की परेड में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को चीफ गेस्ट बनाया गया है. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत आएंगे और वह गणतंत्र दिवस के मौके पर होने वाली परेड में शिरकत करेंगे. देश की आजादी के बाद से ही अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बतौर चीफ गेस्ट बुलाने की परंपरा रही है.
भारत में गणतंत्र दिवस के मौके पर कई ताकतवर देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी बतौर चीफ गेस्ट शामिल हो चुके हैं. इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक शामिल हैं. अब सवाल यह उठता कि क्या भारत ने कभी अपने दुश्मन देशों पाकिस्तान और चीन के भी राष्ट्राध्यक्षों को चीफ गेस्ट बनाया है?
दोनों देशों से तनावपूर्ण हैं संबंध
1947 में देश की आजादी के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं. चीन भी उन देशों में शामिल है, जिसके भारत के साथ रिश्ते अच्छे नहीं है और दोनों देशों के बॉर्डर पर हमेशा टकराव की स्थिति बनी रहती है. इसके बावजूद भारत गणतंत्र दिवस के मौके पर इन दोनों देशों के नेताओं को चीफ गेस्ट के तौर पर आमंत्रित कर चुका है.
कब-कब बने पाकिस्तान के चीफ गेस्ट
भारत ने आजादी के बाद ही पाकिस्तान के साथ अपने संबंध सुधारने की पहल की थी. पहली बार पाकिस्तानी नेता को बतौर चीफ गेस्ट 1955 में बनाया गया था. उस समय मलिक गुलाम मुहम्मद आमंत्रित किया गया था. मलिक मुलाम मुहम्मद पाकिस्तान के गवर्नर जनरल थे. इसके बाद दूसरी बार 1965 में भी पाकिस्तान से चीफ गेस्ट का आमंत्रित किया गया था. तब पाकिस्तानी सरकार के फूड एंड एग्रीकल्चर मिलिस्टर राणा अब्दुल हमीद भारत आए थे.
चीन से भी बुलाए जा चुके हैं चीफ गेस्ट
भारत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर चीनी नेता को भी बतौर चीफ गेस्ट आमंत्रित किया है. पहली बार 1958 में पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के मार्शल येन जियानयिंग ने गणतंत्र दिवस के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की थी.
कब-कब नहीं आए चीफ गेस्ट
ऐसे भी कई मौके आए हैं जब भारत में बिना चीफ गेस्ट के ही गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया. पहली बार 1952 और 1953 में लगातार दो सालों तक किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया गया था. इसके बाद 1966 मे भी कोई चीफ गेस्ट नहीं बनाया गया था. 2021 में यूनाइटेड किंगडम के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को निमंत्रण भेजा गया था. हालांकि उनकी यह यात्रा स्थगित कर दी गई थी. इसके बाद 2022 में भी कोरोना महामारी के कारण किसी विदेशी मेहमान को आमंत्रित नहीं किया गया था.
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Source: IOCL






















