Railway Budget 2026: देश के किन शहरों में बनेंगे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, यहां कितनी रफ्तार से चलेंगी ट्रेनें?
Railway Budget 2026: बजट 2026 में रेलवे के लिए किए गए बड़े ऐलान आने वाले वर्षों में सफर की परिभाषा बदल सकते हैं. इस बजट में सात शहरों में हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर का ऐलान हुआ है.

Railway Budget 2026: देश की रेल तस्वीर अब तेजी से बदलने वाली है. जिन शहरों के बीच सफर में घंटों लगते थे, वहां अब मिनटों में पहुंचने का सपना आकार लेने जा रहा है. बजट 2026 में रेलवे को लेकर की गई घोषणाएं सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह देश की आर्थिक गति, रोजगार और विकास की नई कहानी भी लिखने वाली हैं. आइए जानें कि देश के किन शहरों में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने वाले हैं.
बजट 2026 में रेलवे पर सरकार का बड़ा फोकस
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार का 15वां बजट पेश कर रही हैं. एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट है. बजट भाषण में वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है. लोगों की आमदनी बढ़ाने, दूर-दराज के इलाकों तक विकास पहुंचाने और निर्णायक नीतियों के जरिए सुधार लागू करने पर जोर दिया गया है. इसी सोच के तहत रेलवे को इस बजट में खास अहमियत दी गई है.
सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान
बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणाओं में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं. इन कॉरिडोर के जरिए देश के बड़े औद्योगिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्रों को आपस में जोड़ा जाएगा. घोषित रूट्स में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं. इन मार्गों पर हाई-स्पीड ट्रेनें चलाने की योजना है, जिससे यात्रा समय में बड़ी कटौती होगी और कारोबार व पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
रफ्तार और कनेक्टिविटी से बदलेगा सफर
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का मकसद सिर्फ तेज ट्रेनें चलाना नहीं है, बल्कि बड़े शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी तैयार करना है. इससे व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी. खास तौर पर दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट्स उत्तर भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्रों को मजबूती से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
रेलवे बजट में रिकॉर्ड आवंटन
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे को 2,55,445 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. यह राशि रेलवे के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और नई तकनीकों के विस्तार में खर्च की जाएगी. सरकार का फोकस रेलवे को ज्यादा सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
सुरक्षा और स्टेशन विकास पर खास ध्यान
बजट में स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के विस्तार के लिए आवंटन बढ़ाया गया है. इसका मकसद मानवीय गलती से होने वाली रेल दुर्घटनाओं को कम करना है. इसके साथ ही ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत देशभर के 1,337 स्टेशनों को आधुनिक रूप देने की योजना पर काम चल रहा है, जिनमें से 1,197 स्टेशनों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.
वंदे भारत, बुलेट ट्रेन और माल ढुलाई
बजट 2026 में नई वंदे भारत ट्रेनों को शुरू करने की घोषणा भी की गई है. इसके अलावा बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 21,000 करोड़ रुपये का निवेश जारी रहेगा. माल ढुलाई को मजबूत करने के लिए ऊर्जा गलियारों और अधिक ट्रैफिक वाले रूट्स पर ट्रैक के दोहरीकरण और विद्युतीकरण पर जोर दिया गया है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सके.
पिछले बजट से आगे की तैयारी
बजट 2024-25 में रेल मंत्रालय को 2,55,393 करोड़ रुपये मिले थे और उस समय ऊर्जा, खनिज और सीमेंट से जुड़े बड़े रेलवे कॉरिडोर की घोषणा की गई थी. बजट 2025-26 में इन परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और हाई-स्पीड नेटवर्क के विस्तार पर ज्यादा फोकस किया गया है. इससे साफ है कि सरकार रेलवे को विकास का मजबूत आधार बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है.
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Source: IOCL

























