Union budget 2026: रविवार के दिन देश का दूसरा बजट, जानें आजादी के बाद सोमवार से शनिवार तक किस दिन कितने बजट पेश?
Union budget 2026: रविवार को पेश हो रहा बजट 2026 कई मायनों में इतिहास रचने वाला है. आइए जानें कि आजादी के बाद से अब तक किस दिन कितने बजट पेश हो चुके हैं.

Union budget 2026: केंद्र सरकार आज 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे देश का आम बजट 2026 संसद में पेश कर रही हैं. पिछले कुछ वर्षों से 1 फरवरी को ही बजट पेश करने की परंपरा बन चुकी है और इसी क्रम में पिछले साल का केंद्रीय बजट 2025 भी इसी तारीख को संसद के पटल पर रखा गया था. इस बार का बजट खास इसलिए भी है क्योंकि इसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार पेश कर रही हैं. इसके साथ ही वह उन चुनिंदा वित्त मंत्रियों की सूची में शामिल हो जाएंगी, जिन्होंने सबसे अधिक समय तक बिना किसी अंतराल के बजट प्रस्तुत किया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है. इसी क्रम में यह जान लेना भी जरूरी है कि आजादी के बाद सोमवार से शनिवार तक किस दिन कितने बजट पेश हो चुके हैं.
आजादी के बाद से अब तक किस दिन कितने बजट?
केंद्रीय बजट 2026 आज 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जा रहा है. आजादी के बाद यह दूसरा मौका है जब देश का आम बजट रविवार के दिन पेश हो रहा है. इससे पहले ज्यादातर बजट सोमवार से शनिवार के बीच ही संसद में रखे गए हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक सोमवार को सबसे ज्यादा 21 बार बजट पेश हुआ है, जबकि मंगलवार को 11, बुधवार को 18, गुरुवार को 10, शुक्रवार को 17 और शनिवार को 17 बार बजट पेश किया जा चुका है. रविवार को बजट पेश होना अब भी एक दुर्लभ घटना मानी जाती है.
वीकेंड पर बजट पेश होना कोई नई परंपरा नहीं
हालांकि रविवार को बजट आना चर्चा का विषय है, लेकिन वीकेंड पर बजट पेश किए जाने का चलन पहले भी देखा गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 शनिवार के दिन पेश किया था. उनसे पहले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी साल 2015 और 2016 में 28 फरवरी को बजट पेश किया था और दोनों बार वह दिन शनिवार था. इससे साफ है कि सरकार के लिए दिन से ज्यादा जरूरी बजट की समयसीमा और तैयारी होती है.
निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट
बजट 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट है. इसके साथ ही वह उन चुनिंदा वित्त मंत्रियों में शामिल हो जाएंगी, जिन्होंने बिना किसी अंतराल के सबसे ज्यादा बार बजट पेश किया है. साल 2019 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया गया था. इसके बाद 2024 में मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में लौटने पर भी वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी उन्हीं के पास रही है.
GDP अनुमान बना बजट की बुनियाद
केंद्रीय बजट 2026 की तैयारी हाल ही में जारी आर्थिक आंकड़ों पर आधारित है. सरकार की ओर से 7 जनवरी को जारी पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और टैरिफ वॉर जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ वित्त वर्ष 2025-26 में 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है. यह ग्रोथ दर एक साल पहले की 6.5 फीसदी से ज्यादा बताई गई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है.
सरकार की प्राथमिकताएं और आगे की राह
इन्हीं GDP अनुमानों और अन्य आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखते हुए बजट 2026 की रूपरेखा तैयार की गई है. माना जा रहा है कि इस बजट में सरकार घरेलू मांग को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और वैश्विक अस्थिरता से निपटने की रणनीति को साफ तौर पर सामने रखेगी. बजट 2026 से आने वाले वित्त वर्ष के लिए सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं, नीतियों की दिशा और विकास का पूरा रोडमैप मिलने की उम्मीद है.
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