क्या PM और राष्ट्रपति की पोस्ट भी हटाई जा सकती है, क्या है पॉलिसी?
Pm Modi Facebook Post Remove: हाल ही में जब पीएम मोदी ने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया तो उसे कुछ देर के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था. इस पर कई सारे सवाल हो रहे हैं.

- राष्ट्र प्रमुखों की पोस्ट भी तकनीकी त्रुटि से हट सकती है।
Pm Modi Facebook Post Remove: जब सोशल मीडिया से राष्ट्र प्रमुख का वीडियो अचानक गायब हो जाए, तो सवाल उठना लाजमी है. ऐसा ही कुछ हाल ही में पीएम मोदी के सोशल मीडिया वीडियो के साथ हुआ. हाल ही में उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने वाले और जेन-जी के लिए अपनी बात रखते हुए एक सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था. वह वीडियो कुछ देर के लिए फेसबुक से हट गया था, लेकिन कंपनी ने तुरंत अपनी भूल सुधारते हुए इसे टेक्निकल ग्लिच बताकर वीडियो वापस ला दिया है. लेकिन किसी देश के राष्ट्र प्रमुख का वीडियो इस तरीके से सोशल मीडिया से हटने पर सवालों की बौछार शुरू हो गई. जिसमें से एक सवाल यह भी है कि क्या पीएम और राष्ट्रपति के पोस्ट को सोशल मीडिया से हटाया जा सकता है कि नहीं? इनकी पॉलिसी क्या कहती है.
तो क्या वाकई हट सकती है पीएम-राष्ट्रपति की पोस्ट?
इस पूरी घटना के बाद से सबसे बड़ी सवाल यही है कि क्या प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति की पोस्ट भी सोशल मीडिया से हट सकती है? इसका सीधा जवाब है हां, लेकिन जानबूझकर इसे नहीं हटाया जा सकता है. तकनीकी खराबी या फिर ऑटोमेटेड फिल्टर्स की वजह से किसी भी बड़ी हस्ती की पोस्ट सोशल मीडिया से अस्थाई रूप से गायब हो सकती है. हालांकि सोशल मीडिया के लिए यह बहुत बड़ी चूक माना जाता है, जिसे ध्यान में आते ही तुरंत ठीक कर दिया जाता है. यानी कि सिस्टम के एल्गोरिदम कभी-कभी बिना इंसानी जांच के अपने आप ऐसी पोस्ट को हटा देते हैं.
किन नियमों के तहत कार्रवाई करते हैं इंस्टा-फेसबुक?
कंपनी का कहना है कि उसके कम्युनिटी स्टैंडड्स दुनिया भर के सभी यूजर्स पर एक समान लागू होते हैं. इसमें सामान्य पोस्ट से लेकर एआई से बने कंटेंट तक शामिल हैं. अगर कोई पोस्ट या फिर वीडियो इस पॉलिसी को तोड़ता है, तो कंपनी उस पर कार्रवाई करते हुए उसे रिमूव कर सकती है, या फिर उसकी पहुंच सीमित कर सकती है, चेतावनी लागू कर सकती है या तो फिर 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध करा सकती है. कंपनी इस बात को स्पष्ट करती है कि सिर्फ किसी की शिकायत मात्र कर देने के सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाई जाती है, बल्कि इसका फैसला एआई और इंसानी जांच के बाद ही लिया जाता है.
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किस तरीके के कंटेंट पर लगती है पाबंदी?
सोशल मीडिया की पॉलिसी है कि हिंसा, दंगे, हत्या या गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कंटेंट कतई पोस्ट नहीं किए जाएंगे, अगर किसी ने ऐसा किया तो कंपनी उसे तुरंत हटा देती है. आतंकी संगठनों का प्रचार, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन ठगी, अश्लील वीडियो और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटा दिया जाता है. इसके अलावा किसी को अपमानित करना, धमकाना, धर्म-जाति या लिंग के आधार पर नफरत फैलाना और भ्रामक जानकारी देना भी नियमों का उल्लंघन है. बिना अनुमति किसी की कॉपीराइट सामग्री अपलोड करने, बार-बार स्पैम करने, फर्जी पहचान बनाने या देश के कानूनों को तोड़ने पर भी सख्त कार्रवाई की जाती है.
पीएम के वीडियो पर आखिर क्या हुआ था?
पिछले हफ्ते देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया था. इस वीडियो में उन्होंने देश के नौजवानों को 'फ्रेंड्स' कहकर संबोधित किया और भरोसा दिया कि सरकार स्थिति की गंभीरता को समझती है. उन्होंने बताया कि सरकार लोकसभा में एक नया विधेयक लाएगी, जिसमें ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के लिए सख्त सजा का प्रावधान होगा. इसके साथ ही मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. हालांकि, पोस्ट होने के कुछ ही देर बाद यह वीडियो अचानक फेसबुक से गायब हो गया.

कंपनी ने मानी गलती और बहाल किया वीडियो
प्रधानमंत्री का वीडियो फेसबुक से हटने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सवाल उठने लगे कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. मामला बढ़ता देख मेटा कंपनी ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर सफाई दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई जानबूझकर उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि तकनीकी चूक की वजह से हुआ था. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि कंटेंट गलती से हट गया था और अब उसे दोबारा बहाल कर दिया गया है. ध्यान देने वाली बात यह रही कि कंपनी ने अपने बयान में किसी भी सरकारी आदेश या कानूनी निर्देश का जिक्र नहीं किया.
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