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PM Modi Address To Nation: देश को संबोधित करने से पहले किसे बताते हैं प्रधानमंत्री, क्या है प्रोटोकॉल?

PM Modi Address To Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि संबोधन से पहले प्रधानमंत्री को किसे जानकारी देनी होती है.

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  • प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करने से पहले राष्ट्रपति को सूचित करते हैं।
  • आवश्यकतानुसार, प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद या संबंधित मंत्रालयों से परामर्श करते हैं।
  • संबोधन की जानकारी प्रसारण तक अत्यंत गोपनीय रखी जाती है।
  • तकनीकी समन्वय प्रसार भारती और सूचना प्रसारण मंत्रालय से होता है।

PM Modi Address To Nation: महिला आरक्षण बिल पर चल रही राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं. ऐसे संबोधन अक्सर बड़े मौके पर होते हैं. लेकिन सवाल यह उठता है कि सीधे लोगों से बात करने से पहले प्रधानमंत्री सबसे पहले किसे जानकारी देते हैं? आइए जानते हैं क्या होता है प्रोटोकॉल.

सबसे पहले राष्ट्रपति को जानकारी 

तय प्रोटोकॉल के मुताबिक देश को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री सबसे पहले भारत के राष्ट्रपति को जानकारी देते हैं. क्योंकि राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, इस वजह से किसी भी बड़े राष्ट्रीय संदेश के बारे में उन्हें जानकारी देना शिष्टाचार और संस्थागत सम्मान का मामला माना जाता है. 

मंत्रिपरिषद के साथ परामर्श 

मुद्दे की अहमियत के आधार पर प्रधानमंत्री कैबिनेट या फिर मंत्रिपरिषद के जरूरी सदस्यों से परामर्श कर सकते हैं. इससे यह पक्का होता है कि दिया जा रहा संदेश किसी एक व्यक्ति की राय के बजाय सरकार के सामूहिक रुख को दर्शाता हो. 

पूरी गोपनीयता बरती जाती है 

भले ही परामर्श होते हैं लेकिन संबोधन की बातें आधिकारिक प्रसारण होने तक पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती हैं. इससे प्रधानमंत्री के औपचारिक रूप से देश से बात करने से पहले किसी भी तरह की जानकारी लीक होने, अटकलों या फिर गलत जानकारी फैलने से बचा जा सकता है. 

प्रसारण एजेंसियों के साथ तालमेल

एक बार संबोधन तय हो जाने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय सूचना और प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती को जानकारी देता है. इसके बाद दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो जैसे मंचों के जरिए तकनीक इंतजाम किए जाते हैं. ऐसा इसलिए ताकि पूरे देश में बिना किसी रूकावट के प्रसारण हो सके.

आपातकाल में भी प्रोटोकॉल लागू 

अगर कोई पहले से तय भाषण हो या फिर युद्ध, महामारी या फिर आपदा जैसी स्थितियों में कोई जरूरी संबोधन हो, तब भी प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्रपति को ही जानकारी देने के प्रोटोकॉल का पालन करते हैं. इससे काफी ज्यादा दबाव वाली स्थिति में भी संवैधानिक अनुशासन बना रहता है. 

 संवेदनशील या फिर काफी अहम संबोधन के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रक्षा, गृह मामले या फिर स्वास्थ्य जैसे संबंधित मंत्रालयों से सुझाव लिए जाते हैं. इससे यह पक्का होता है कि भाषण सटीक और तथ्यों पर ही आधारित हो.

यह भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट खुलने से कितने दिन में नॉर्मल हो जाएगी LPG की सप्लाई, जानें कितना करना पड़ेगा इंतजार?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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