Passport Free Travel : बिना पासपोर्ट के दुनिया घूमने वाले 3 वीआईपी! जानें किन लीडर्स को नहीं पड़ती किसी वीजा की जरूरत?
Passport Free Travel : बिना डॉक्यूमेंट्स के किसी दूसरे देश में जाना लगभग नामुमकिन माना जाता है. आम लोगों से लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक को विदेश जाने के लिए तय नियमों का पालन करना पड़ता है.

Passport Free Travel : विदेश घूमने का सपना लगभग हर व्यक्ति देखता है. हर किसी की कोई न कोई ड्रीम डेस्टिनेशन होती है, जहां वह जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर जाना चाहता है. लेकिन किसी भी दूसरे देश की यात्रा करने के लिए पासपोर्ट और वीजा सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स माने जाते हैं. बिना इन दोनों डॉक्यूमेंट्स के किसी दूसरे देश में जाना लगभग नामुमकिन माना जाता है. आम लोगों से लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक को विदेश जाने के लिए तय नियमों का पालन करना पड़ता है. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी खास लोग हैं, जिन्हें न पासपोर्ट दिखाने की जरूरत होती है और न ही वीजा लेने की. यह विशेष अधिकार दुनिया के सिर्फ तीन लोगों को मिला हुआ है. ऐसे में आइए जानते हैं कि बिना पासपोर्ट के दुनिया घूमने वाले किन 3 वीआईपी को किसी वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है.
बिना पासपोर्ट के दुनिया घूमने वाले किन 3 वीआईपी को किसी वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है?
दुनिया में सिर्फ तीन ऐसे लोग हैं जो बिना पासपोर्ट और वीजा के विदेश यात्रा कर सकते हैं. इनमें यूनाइटेड किंगडम के किंग चार्ल्स तृतीय, जापान के सम्राट नारुहितो और जापान की महारानी मसाको शामिल हैं. इस सूची में किसी भी भारतीय का नाम नहीं है.
ब्रिटेन के किंग को पासपोर्ट की जरूरत क्यों नहीं पड़ती?
ब्रिटेन में सभी पासपोर्ट राजा के नाम पर जारी किए जाते हैं. हर ब्रिटिश पासपोर्ट पर His Majesty's Passport यानी महामहिम का पासपोर्ट लिखा होता है. इसलिए देश के सर्वोच्च संप्रभु होने के कारण किंग चार्ल्स को खुद पासपोर्ट रखने की जरूरत नहीं होती है. इससे पहले जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय सिंहासन पर थीं, तब भी उनके पास पासपोर्ट नहीं था. साल 2023 में किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक के बाद भी यह व्यवस्था पहले की तरह जारी रही. इसी विशेष अधिकार के तहत वे 190 से ज्यादा देशों की यात्रा बिना पासपोर्ट और सामान्य कागजी प्रक्रिया के कर सकते हैं.
जापान के सम्राट और महारानी को कैसे मिली यह सुविधा?
जापान में भी शाही परिवार के लिए अलग व्यवस्था है. देश के संविधान के अनुसार सम्राट नारुहितो और महारानी मसाको पासपोर्ट नहीं रखते हैं. उनकी विदेश यात्राएं जापान के विदेश मंत्रालय की ओर से तय राजनयिक प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की जाती हैं. जापान का विदेश मंत्रालय संबंधित देशों को पहले ही आधिकारिक सूचना भेज देता है. साल 1971 से यह विशेष व्यवस्था लागू है. विदेश यात्रा के दौरान उन्हें मंत्रालय का आधिकारिक पत्र दिया जाता है, जिसे ही उनकी यात्रा के लिए मान्य डॉक्यूमेंट माना जाता है.
यह भी पढ़ें - भारत में अयोध्या तो पाकिस्तान में यहां आता है बंपर चढ़ावा, वहां कैसे मैनेज होता है सिस्टम?
इन शाही हस्तियों को और कौन-से विशेष अधिकार मिलते हैं?
इन तीनों शाही हस्तियों को बिना पासपोर्ट यात्रा करने के साथ कई राजनयिक विशेषाधिकार भी प्राप्त हैं. विदेश यात्रा के दौरान उन्हें विशेष प्रोटोकॉल दिया जाता है. साथ ही उन्हें राजनयिक सुरक्षा भी मिलती है, जिसके तहत विदेश में सामान्य कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी से विशेष संरक्षण प्राप्त रहता है. हालांकि इन विशेष अधिकारों का इस्तेमाल बहुत सीमित परिस्थितियों में ही किया जाता है.
क्या प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी बिना पासपोर्ट यात्रा कर सकते हैं?
भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या अमेरिका जैसे देशों के राष्ट्रपति भी बिना पासपोर्ट विदेश यात्रा नहीं कर सकते है. उन्हें डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी किया जाता है. ऐसे पासपोर्ट धारकों को एयरपोर्ट पर विशेष सुविधा और अलग इमिग्रेशन प्रक्रिया मिलती है, लेकिन उन्हें भी यात्रा के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं. भारत में आम नागरिकों को नीले रंग का पासपोर्ट दिया जाता है, जबकि सरकारी अधिकारियों के लिए आधिकारिक पासपोर्ट और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री साथ ही उपराष्ट्रपति जैसे उच्च पदों के लिए मैरून रंग का डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी किया जाता है.
यह भी पढ़ें - Scrap Tyres: देश क्यों खरीदते हैं कटे-फटे टायर, जानें कहां होता है इनका इस्तेमाल?























