क्या पाकिस्तान में भी है मुफ्त राशन की व्यवस्था? कितने लोग ले रहे फायदा
आर्थिक कंगाली और बढ़ती महंगाई के बीच क्या पाकिस्तान में भी मिलती है मुफ्त राशन की व्यवस्था? जानिए वहां के करोड़ों नागरिकों को मिलने वाले सरकारी मुफ्त आटे और राशन के इस बड़े सच को.

भारत में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत करीब 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलता है, जिस पर सरकार सालाना लाखों करोड़ रुपये खर्च करती है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी गरीबों के लिए ऐसी कोई मुफ्त राशन योजना है? जवाब है हां, पाकिस्तान में भी कमजोर और गरीब परिवारों की मदद के लिए अलग-अलग तरह की सब्सिडी और राशन योजनाएं चलाई जा रही हैं, हालांकि इनका तरीका भारत की योजना से थोड़ा अलग है.
बेनजीर इनकम सपोर्ट प्रोग्राम है सबसे बड़ी योजना
पाकिस्तान में गरीबों की मदद के लिए सबसे बड़ी और सबसे पुरानी योजना बेनजीर इनकम सपोर्ट प्रोग्राम यानी बीआईएसपी (BISP) है. यह योजना खासतौर पर गरीब महिलाओं को केंद्र में रखकर चलाई जाती है, ताकि उनके घर का खर्च चल सके और आर्थिक तंगी थोड़ी कम हो. यह पूरी तरह मुफ्त राशन बांटने वाली योजना नहीं है, बल्कि इसके तहत पात्र परिवारों के खातों में सीधे नकद रकम भेजी जाती है, जिससे वे अपनी जरूरत का सामान खरीद सकें. पाकिस्तान सरकार समय-समय पर इस योजना का दायरा बढ़ाती रही है और आज इससे करोड़ों परिवार जुड़े हुए हैं. हाल के वर्षों में इसमें बायोमेट्रिक सिस्टम भी जोड़ा गया है, ताकि पैसा सही लाभार्थी तक ही पहुंचे और गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो.
पंजाब प्रांत में अलग से राशन कार्ड योजना
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने भी अपने स्तर पर एक अलग राशन कार्ड योजना शुरू की है. इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सीएनआईसी से जुड़ा एक राशन कार्ड दिया जाता है, जिससे वे यूटिलिटी स्टोर्स और तय की गई दुकानों से आटा, दाल, चीनी, घी और चावल जैसी चीजें रियायती दरों पर खरीद सकते हैं. इस योजना की निगरानी पंजाब सोशल प्रोटेक्शन अथॉरिटी करती है. इसके तहत करीब 12.5 लाख कम आय वाले परिवारों को हर महीने आर्थिक मदद देने की बात कही गई है, ताकि वे किचन का जरूरी सामान आसानी से खरीद सकें.
कितने लोग उठा रहे हैं इसका फायदा?
पाकिस्तान सरकार के दावों के मुताबिक, वहां की योजनाओं से करोड़ों लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा घोषित रमज़ान रिलीफ पैकेज के तहत देश के करीब 1.2 करोड़ गरीब परिवारों को सीधे लाभ पहुंचाया गया. अगर एक परिवार में औसतन 5 से 6 सदस्य माने जाएं, तो इससे करीब 6 से 7 करोड़ लोगों को सीधे फायदा मिलता है.
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गैर-सरकारी संस्थाओं NGOs बड़ा सहारा
पाकिस्तान सरकार के पास फंड की भारी कमी रहती है, इसलिए वहां सरकारी राशन से ज्यादा अल-खिदमत फाउंडेशन जैसी बड़ी सामाजिक और गैर-सरकारी संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभाती हैं. ये संस्थाएं पूरे साल और खासकर संकट या बाढ़ के समय लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त राशन पैकेट जिसमें आटा, चावल, तेल, चीनी बांटकर मदद करती हैं.
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