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एक-दूसरे पर मिसाइल अटैक कर रहे भारत और पाकिस्तान, ये वॉर है या 'लिमिटेड वॉर'; जानिए दोनों में अंतर 

भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति लगातार बिगड़ रही है. हालांकि, अभी तक न ही पाकिस्तान और न ही भारत की तरफ से युद्ध की आधिकारिक घोषणा की गई है और देशों देश 'लिमिटेड वॉर' लड़ रहे हैं.

India Pakistan Conflict: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात हैं. पाकिस्तान LOC पर हैवी फायरिंग कर रहा है, जिसमें 15 नागरिकों समेत सेना के एक जवान की भी मौत हुई है. इतना ही नहीं पाकिस्तान की ओर से भारत के 15 शहरों में स्थिति सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई, इस हमले को भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया. उधर, भारत ने पाकिस्तान के रडार सिस्टम और एयर डिफेंस को तबाह कर डाला है. 

भारत और पाकिस्तान के बीच यह संघर्ष पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ. इस हमले के 15 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल अटैक कर उन्हें तबाह कर डाला. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से सीमा पर फायरिंग शुरू कर दी गई, वहीं मिसाइल अटैक की भी कोशिश की गई, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया. ऐसे में दोनों देशों के बीच स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और जंग के आसार साफ नजर आ रहे हैं. हालांकि, अभी तक न ही पाकिस्तान और न ही भारत की तरफ से युद्ध की आधिकारिक घोषणा की गई है और देशों देश 'लिमिटेड वॉर' लड़ रहे हैं. ऐसे में चलिए जानते लिमिटेड वॉर और वॉर में क्या अंतर होता है? 

भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही 'लिमिटेड वॉर'

भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा समय में जिस तरह की जंग लड़ी जा रही है, उसे 'लिमिटेड वॉर' कहा जाता है. 'लिमिटेड वॉर' दो देशों के बीच छिड़े युद्ध से काफी अलग होती है, दरअसल, लिमिटेड वॉर में किसी भी देश की तरफ से युद्ध की आधिकारिक घोषणा नहीं की जाती. इसके साथ ही दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ अपने सभी सैन्य संसाधनों का प्रयोग नहीं करते हैं. इस तरह की जंग ड्रोन, हल्की गोलीबारी या मिसाइल अटैक के जरिए होती है और बॉर्डर पर रह-रहकर तनाव बना रहता है. 

क्या होती है 'वॉर'

भारत और पाकिस्तान के बीच अभी तक चार बार युद्ध हो चुका है. जब भी दो देशों के बीच युद्ध होता है तो इसकी आधिकारिक घोषणा राष्ट्र का प्रमुख करता है और देश की जनता को भी इसकी सूचना दी जाती है. जब भी दो देश युद्ध में होते हैं तो वे दुश्मन देश के खिलाफ अपने सभी संसाधनों यानी मिलिट्री, एयरफोर्स और नेवी का प्रयोग करते हैं. युद्ध में दोनों देश हर तरह के हथियारों का प्रयोग करने के लिए भी स्वतंत्र होते हैं. वहीं लिमिटेड वॉर में खतरनाक हथियारों का प्रयोग नहीं होता है. 

यह भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बिगड़ रहे हालात, जानें कौन करता है जंग छिड़ने का ऐलान?

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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