एक्सप्लोरर

कितना ताकतवर होता है लोकसभा स्पीकर का पद, जानें ओम बिरला के पास कितनी पावर?

Lok Sabha Speaker Powers: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन को लेकर राजनीतिक तनाव चल रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि लोकसभा स्पीकर का पद कितना पावरफुल होता है.

Lok Sabha Speaker Powers: ओम बिरला के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन को लेकर बढ़ते पॉलिटिकल तनाव के बीच लोकसभा स्पीकर का पद एक बार फिर से चर्चा में आ चुका है.  संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने संकेत दिया है कि बिरला को हटाने की मांग करने वाले विपक्ष के नोटिस पर 9 मार्च को चर्चा और वोटिंग होने की संभावना है. साथ ही ओम बिरला बांग्लादेश के नए चुने गए प्राइम मिनिस्टर तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की तरफ से प्रतिनिधित्व करने वाले हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि लोकसभा स्पीकर का पद कितना ताकतवर होता है और ओम बिरला के पास कितनी पावर है.

सदन में ऑर्डर और डिसिप्लिन को संभालना 

स्पीकर लोकसभा की सभी बैठकों की अध्यक्षता करता है और यह पक्का करता है कि कार्यवाही तय पार्लियामेंट्री नियमों के मुताबिक ही चले. अक्सर गरमा गरम बहस वाले सदन में ऑर्डर को बनाए रखना स्पीकर की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है. स्पीकर के पास संसद के सदस्यों को गलत व्यवहार करने के लिए सस्पेंड करने या फिर उन्हें सदन से बाहर जाने का निर्देश देने का अधिकार होता है. ऐसा इसलिए ताकि माहौल ठीक रहे. इतना ही नहीं बल्कि स्पीकर यह तय करते हैं कि किन मुद्दों या फिर बिलों पर चर्चा होगी और सदस्यों को समय देते हैं.

मनी बिल पर खास अधिकार 

स्पीकर को मिली सबसे ताकतवर संवैधानिक अथॉरिटी में से एक यह तय करना है कि कोई बिल मनी बिल के तौर पर क्वालीफाई करता है या फिर नहीं. संविधान के तहत यह फैसला आखिरी होता है और इसे किसी भी कोर्ट में चैलेंज नहीं किया जा सकता. किसी बिल को मनी बिल के तौर पर क्लासिफाई करने के बड़े मतलब होते हैं.  ऐसा इसलिए क्योंकि यह लेजिस्लेटिव प्रक्रिया में राज्यसभा की भूमिका को सीमित करता है. यह फाइनेंशियल और टैक्सेशन मामलों में स्पीकर के फैसले को काफी ज्यादा अहम बनाता है. 

एंटी-डिफेक्शन लॉ के तहत भूमिका

संविधान के दसवें शेड्यूल के तहत स्पीकर के पास दलबदल से जुड़े मामलों पर फैसला लेने का अधिकार होता है. अगर कोई एमपी पार्टी बदलता है या फिर पार्टी का अनुशासन तोड़ता है तो स्पीकर यह तय करता है कि उस सदस्य को डिसक्वालिफाई किया जाना चाहिए या फिर नहीं. 

टाई होने पर वोटिंग 

स्पीकर के तौर पर कार्यवाही के दौरान वोट नहीं कर सकते. लेकिन अगर किसी खास मुद्दे पर रूलिंग पार्टी और अपोजिशन पार्टी के बीच टाई हो जाता है तो स्पीकर वोटिंग कर सकता है. 

एडमिनिस्ट्रेटिव और इंस्टीट्यूशनल कंट्रोल 

लेजिस्लेटिव अथॉरिटी के अलावा स्पीकर के पास काफी सारे एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकार भी होते हैं. सभी पार्लियामेंट्री कमेटियां स्पीकर की देखरेख में काम करती हैं और स्पीकर इन कमेटियों के चेयरपर्सन को  अपॉइंट करता है. स्पीकर पार्लियामेंट के दोनों हाउस की जॉइंट मीटिंग की अध्यक्षता करता है और लोकसभा सेक्रेटेरिएट के एडमिनिस्ट्रेटिव हेड के तौर पर काम करता है. आपको बता दें कि भारत के ऑफिशियल वरीयता क्रम में स्पीकर छठे नंबर पर है. ओम बिरला के पास इस पद से जुड़ी सभी संवैधानिक, लेजिसलेटिव और एडमिनिस्ट्रेटिव पावर हैं.

ये भी पढ़ें: इस देश में चलता है सबसे तेज इंटरनेट, स्पीड जानकर चौंक जाएंगे आप

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Chenab-Beas Link Project: चिनाब और ब्यास नदी को जोड़ने में कितना आएगा खर्च, इससे कितना बढ़ जाएगा भारत का पानी?
चिनाब और ब्यास नदी को जोड़ने में कितना आएगा खर्च, इससे कितना बढ़ जाएगा भारत का पानी?
क्या है 'भूल जाने' का अधिकार, जिसे अदालत ने भी माना सही; इससे कैसे लीक होती थी प्राइवेसी?
क्या है 'भूल जाने' का अधिकार, जिसे अदालत ने भी माना सही; इससे कैसे लीक होती थी प्राइवेसी?
India Nepal Dispute: भारत-नेपाल के बीच कब से चल रहा सीमा विवाद, रोटी-बेटी के रिश्ते वाले दोनों देश आमने-सामने क्यों?
भारत-नेपाल के बीच कब से चल रहा सीमा विवाद, रोटी-बेटी के रिश्ते वाले दोनों देश आमने-सामने क्यों?
भारत के इस गांव को कहते हैं सांपों का गांव, यहां कोबरा के साथ खेलते हैं बच्चे
भारत के इस गांव को कहते हैं सांपों का गांव, यहां कोबरा के साथ खेलते हैं बच्चे

वीडियोज

Sansani | Crime News: खोड़ा थाने में 150 अपराधियों ने हाथ उठाकर मांगी माफी, योगी पुलिस का खौफ!
UP Police Action: मथुरा पुलिस का 'ऑन-स्पॉट' इंसाफ! | Vrindavan
UP Election 2027 | Surya Murder Case | Janhit:खोड़ा में 'असद' के नाम पर शुरू हुई वोट बैंक की सियासत!
Bharat Ki Baat | CM Yogi Speech | Akhilesh: CM Yogi की हुंकार, अखिलेश का पलटवार!
Weather Update: मौसम का क्यों बिगड़ रहा मिजाज? | ABP News

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
होर्मुज पर बड़ी खबर, ईरान के सरकारी टीवी का ऐलान, अब चौबीसो घंटे खुला रहेगा ट्रैफिक
Ghaziabad News: सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस का एक्शन तेज, खोड़ा के 3 मदरसे सील, बिजली काटी
सूर्या हत्याकांड के बाद गाजियाबाद पुलिस का एक्शन तेज, इलाके के 3 मदरसे सील, बिजली काटी
IPL 2026 के बाद भी सूर्यकुमार यादव का फ्लॉप शो जारी, इस लीग में बुरी तरह फेल
IPL 2026 के बाद भी सूर्यकुमार यादव का फ्लॉप शो जारी, इस लीग में बुरी तरह फेल
Cocktail 2 Trailer Out: रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गया शाहिद-कृति और रश्मिका का लव ट्रायंगल
रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गई शाहिद-कृति और रश्मिका की तिकड़ी
सीबीएसई OSM सिस्टम विवाद पर पीछे हटने के मूड में नहीं विपक्ष, शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा
सीबीएसई OSM विवाद पर पीछे हटने के मूड में नहीं विपक्ष, शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का कल सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
Explained: दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए 'डक कर्व' और सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
दिन में बिजली सस्ती और रात में 14 रुपए यूनिट तक महंगी क्यों? समझिए सोलर एनर्जी का दिलचस्प खेल
Embed widget