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क्या भारत के राष्ट्रपति का भी ड्राइविंग लाइसेंस बनता है, वो खुद चला सकते हैं कार?

भारत के राष्ट्रपति को कानूनी तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस रखने और कार चलाने का पूरा अधिकार है, लेकिन बेहद सख्त वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल और विशेष प्रशिक्षित ड्राइवरों की तैनाती के कारण ऐसा संभव नहीं है.

भारत के राष्ट्रपति को देश का प्रथम नागरिक कहा जाता है. उनके अधिकारों और उनकी जीवनशैली से जुड़े कई ऐसे सवाल हैं, जो कि अक्सर लोगों के मन में कौतूहल पैदा करते हैं. ऐसा ही एक दिलचस्प सवाल यह है कि क्या देश के सर्वोच्च संंवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के पास भी ड्राइविंग लाइसेंस होता है और क्या वे खुद से अपनी गाड़ी सड़क पर चला सकते हैं कि नहीं? कानूनी नजरिए से देखा जाए तो इसमें कोई रुकावट नहीं है, लेकिन जब बात देश के सबसे सुरक्षित व्यक्ति के वीवीआईपी प्रोटोकॉल की आती है, तो हकीकत काफी अलग है.

राष्ट्रपति और उनके ड्राइसेंस के नियम

भारतीय संविधान या देश का कोई भी कानून राष्ट्रपति को गाड़ी चलाने से नहीं रोकता है. एक आम नागरिक की तरह ही भारत के राष्ट्रपति को भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का पूरा कानूनी अधिकार है. अगर वे चाहें तो निजी परिसरों में अपनी व्यक्तिगत इच्छा से गाड़ी चला सकते हैं, क्योंकि कानूनन उन पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है. लेकिन यह सब सिर्फ कागजी और कानूनी तौर पर ही संभव होता है. जब असल जिंदगी की बात आती है, तो राष्ट्रपति पद की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े नियम इस अधिकार के आड़े आ जाते हैं.

राष्ट्रपति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो देश के राष्ट्रपति का सार्वजनिक सड़कों पर खुद कार चलाना लगभग नामुमकिन होता है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह उनका बेहद सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल होता है. राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा विशेष सुरक्षा बलों के पास होता है. देश के प्रथम नागरिक होने के नाते उसकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है. सुरक्षा कारणों से उनको किसी भी सार्वजनिक मार्ग पर खुद गाड़ी चलाने की इजाजत नहीं दी जाती है, क्योंकि ऐसा करने से उनकी सुरक्षा में बड़ी चूक होने का खतरा हमेशा बना रहता है.

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प्रशिक्षित ड्राइवर और वीवीआईपी प्रोटोकॉल

राष्ट्रपति के हर आधिकारिक दौरे और यात्रा के लिए वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत पहले से ही सारी व्यवस्थाएं तय होती हैं. उनके काफिले को चलाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित और बेहद अनुभवी ड्राइवर तैनात किए जाते हैं. उन ड्राइवरों को हर तरह की आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाती है. राष्ट्रपति को मिलने वाली गाड़ियां भी आम गाड़ियों की तरह से नहीं होती हैं, बल्कि वे पूरी तरह से बुलेटफ्रूट और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस होती हैं. ऐसे में राष्ट्रपति का खुद गाड़ी चलाने का कोई व्यावहारिक औचित्य नहीं रह जाता है.

क्या राष्ट्रपति की गाड़ियों पर होती है नंबर प्लेट?

राष्ट्रपति की गाड़ियों की एक और सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि उनके आधिकारिक वाहनों पर किसी भी प्रकार की सामान्य लाइसेंस नंबर प्लेट नहीं लगी होती है. इन विशेष गाड़ियों पर नंबर की जगह भारत गौरवशाली राष्ट्रीय प्रतीक यानी अशोक स्तंभ अंकित होता है. यह चिन्ह राष्ट्रपति के पद की सर्वोच्चता और देश के गौरव को दर्शाता है. चूंकि इन गाड़ियों को चलाने के लिए कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है, इसलिए राष्ट्रपति हमेशा इन वाहनों में प्रशिक्षित चालकों के साथ ही सफर करना और सुरक्षित समझते हैं.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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