एक्सप्लोरर

कब और कैसे हुई मैराथन की शुरुआत, क्या है इसकी दूरी 42.195 किमी होने का कारण?

मैराथन की शुरुआत कैसे हुई, क्या आपने कभी ये बात सोची है? आइए आज हम आपको बताते हैं इसी मैराथन रेस के पीछे की दिलचस्प कहानी जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

आपने मैराथन की दौड़ के बारे में तो सुना ही होगा. इसमें एक साथ कई सारे पार्टिसिपेंट्स दौड़ लगाते हैं और काफी लंबा डिस्टेंस कवर करके एक फाइनल पॉइंट पर पहुंचते हैं.
ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि इस दौड़ का नाम मैराथन ही क्यों रखा गया और इसका डिस्टेंस इतना ओड क्यों हैं? दरअसल इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. ऐसे में आइए जानते हैं इसके बारे में.

क्या है मैराथन की कहानी?

मैराथन को मैराथन नाम मिलने के पीछे एक दिलचस्प कहानी है. मैराथन की शुरुआत साल 490 ईसवी से पहले हुई थी. ग्रीस में मैराथन नाम का एक कोस्टल प्लेन था, जहां यूनानी और पर्शियन सैनिकों के बीच युद्ध हुआ था. इस दौरान यूनान की छोटी सी आर्मी ने पर्शियन्स को बुरी तरह से हरा दिया था. ऐसे में इस खुशखबरी को देने के लिए यूनानी सेना के फिडिपीडेस नाम के सैनिक को यूनान भेजा गया. मैराथन से एथेंस तक का कुल डिस्टेंस 40 किमी था, जिसे फिडिपीडेस ने दौड़कर ही कवर किया था. इस दौरान फिडिपीडेस ने अपने कवच और कुंडल भी खोल दिए थे. लेकिन वहां पहुंचने तक वह बेहद थका हुआ और खून से लतपथ था और उसने वहां पहुंचने पर सिर्फ एक शब्द बोला नैनीकिकामैन जिसका ग्रीक में मतलब था हम जीत गए. इस जीत की खबर देने के तुरंत बाद ही फिडिपीडेस की मौत हो गई. बाद में यही कहानी मॉडर्न मैराथन की इंस्पिरेशन बनी.

मैराथन 42.195 किमी लंबी ही क्यों होती है?

हालांकि इस कहानी का कोई रियल प्रूफ नहीं मिलता है लेकिन साल 1896 में जब मॉडर्न ओलिंपिक की शुरुआत की गई तो एक फ्रेंच स्कॉलर मिचेल ब्रिएल ने एक आइडिया दिया कि ओलंपिक में एक ऐसी रेस होनी चाहिए, जो इस कहानी को ट्रिब्यूट दे. तभी ओलंपिक्स के फाउंडर पियर डी कोबर्टिन को ये आइडिया काफी पसंद आया और उन्होंने इसे अपना लिया, जिसके बाद एथेंस में पहला ओलंपिक मैराथन हुई. उस समय मैराथन की कहानी से प्रेरित होकर इस स्पोर्ट्स का कुल डिस्टेंस 40 किमी रखा गया. लेकिन इसके बाद भी ये डिस्टेंस फिक्सड नहीं था. कभी इसे 38 तो कभी कुछ और कर दिया जाता था. ये इस बात पर डिपेंड करता था कि अलग-अलग जगहों पर रस्तें और जगह कैसी है. फिर 1908 में लन्दन ओलिंपिक आए. इसमें ऑर्गनाइजर्स इस रेस को रॉयल फैमिली के लिए स्पेशल बनाना चाहते थे. इसलिए ये तय हुआ कि रेस की शुरुआत विंडसर कास्टल में होगी और खत्म वाइट सिटी स्टेडियम में होगी. इसलिए इस डिस्टेंस को 40 से 42.195 किमी कर दिया गया ताकि इस रेस की फिनिश लाइन एग्जैक्ट रॉयल फैमिली के सामने आकर खत्म हो.

इसे भी पढ़ें: इस देश में बदल रहा कुत्तों का रंग, 39 साल पहले हुई त्रासदी का अब क्यों हो रहा असर?

आंखों में सपने लिए, घर से हम चल तो दिए, जानें ये राहें अब ले जाएंगी कहां... कहने को तो ये सिंगर शान के गाने तन्हा दिल की शुरुआती लाइनें हैं, लेकिन दीपाली की जिंदगी पर बखूबी लागू होती हैं. पूरा नाम दीपाली बिष्ट, जो पहाड़ की खूबसूरत दुनिया से ताल्लुक रखती हैं. किसी जमाने में दीपाली के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ कंधे पर झोला टांगकर और हाथों में अखबार लेकर घूमने वाले लोग होते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी आंखों में इसी दुनिया का सितारा बनने के सपने पनपने लगे और वह भी पत्रकारिता की दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने इस सफर का पहला पड़ाव एबीपी न्यूज में डाला है, जहां वह ब्रेकिंग, जीके और यूटिलिटी के अलावा लाइफस्टाइल की खबरों से रोजाना रूबरू होती हैं. 

दिल्ली में स्कूलिंग करने वाली दीपाली ने 12वीं खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और सत्यवती कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रैजुएशन किया. ग्रैजुएशन के दौरान वह विश्वविद्यालय की डिबेटिंग सोसायटी का हिस्सा बनीं और अपनी काबिलियत दिखाते हुए कई डिबेट कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की. 

साल 2024 में दीपाली की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (नोएडा) से टीवी जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उस दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, एडिटिंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च और एंकरिंग की बारीकियां सीखीं. कॉलेज खत्म करने के बाद वह एबीपी नेटवर्क में बतौर कॉपीराइटर इंटर्न पत्रकारिता की दुनिया को करीब से समझ रही हैं. 

घर-परिवार और जॉब की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने लिए सुकून के पल ढूंढना दीपाली को बेहद पसंद है. इन पलों में वह पोएट्री लिखकर, उपन्यास पढ़कर और पुराने गाने सुनकर जिंदगी की रूमानियत को महसूस करती हैं. इसके अलावा अपनी मां के साथ मिलकर कोरियन सीरीज देखना उनका शगल है. मस्ती करने में माहिर दीपाली को घुमक्कड़ी का भी शौक है और वह आपको दिल्ली के रंग-बिरंगे बाजारों में शॉपिंग करती नजर आ सकती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Plastic Note In Washing Machine: क्या वॉशिंग मशीन में भी नहीं गलेंगे प्लास्टिक के नोट, इनकी कितनी लाइफ?
क्या वॉशिंग मशीन में भी नहीं गलेंगे प्लास्टिक के नोट, इनकी कितनी लाइफ?
Live in Relationship: लिव इन रिलेशनशिप में पैदा हुए बच्चे को मिलता है पिता का नाम, क्या है कानून?
लिव इन रिलेशनशिप में पैदा हुए बच्चे को मिलता है पिता का नाम, क्या है कानून?
Black Mamba Hunting:दुनिया का सबसे तेज सांप, जो दौड़ में भी दे सकता है इंसान को मात
दुनिया का सबसे तेज सांप, जो दौड़ में भी दे सकता है इंसान को मात
प्रशांत किशोर के पास कितनी संपत्ति, इससे कितना सोना खरीद सकते हैं?
प्रशांत किशोर के पास कितनी संपत्ति, इससे कितना सोना खरीद सकते हैं?

वीडियोज

Sansani: स्कूल में Murder से सनसनी! Lady Teacher का कातिल कौन?
Baba Bageshwar Dham | Dhirendra Krishna Shastri: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट?
Sansani: जंतर-मंतर की 'गालीबाज गर्ल' से सुपारी कांड तक! | Crime News
Triggered Insaan ने 50 घंटे की Live Stream से Assam Flood Relief के लिए जुटाए ₹70 लाख
Ram Gopal Varma-Urmila Matondkar की सीक्रेट शादी का दावा, पुराने किस्से फिर चर्चा में

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
चढ़ावा चोरी पर राज्यसभा में हुआ हंगामा तो गुस्से में आए रिजिजू, बोले- राम विरोधी है सपा-कांग्रेस
चढ़ावा चोरी पर राज्यसभा में हुआ हंगामा तो गुस्से में आए रिजिजू, बोले- राम विरोधी है सपा-कांग्रेस
बांकीपुर में BJP की हार के बाद पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच मुलाकात
बांकीपुर में BJP की हार के बाद पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच मुलाकात
'अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए', किसने दी दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत?
'अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए', किसने दी दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत?
टेस्ट में सबसे ज्यादा 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड किसके नाम?
टेस्ट में सबसे ज्यादा 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड किसके नाम?
Spider Man BO: मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ की रही धूम, शानदार हुई कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ ने शानदार की कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
Xप्लेन: दतिया की सियासत में मौजूद दिग्विजय सिंह! क्या अब भी प्रासंगिक कांग्रेस के 'बुजुर्ग'?
दतिया की सियासत में मौजूद दिग्विजय सिंह! क्या अब भी प्रासंगिक कांग्रेस के 'बुजुर्ग'?
UP Assembly Session LIVE: यूपी विधानसभा में सपा ने उठाया चढ़ावा चोरी का मुद्दा, सपा-बीजेपी के बीच जमकर नारेबाजी
LIVE: यूपी विधानसभा में सपा ने उठाया चढ़ावा चोरी का मुद्दा, सपा-बीजेपी के बीच जमकर नारेबाजी
FSSAI Healthy Food Claims: नैचुरल-हेल्दी टैग्स के नाम पर मिल रहा धोखा? FSSAI सख्त
नैचुरल-हेल्दी टैग्स के नाम पर मिल रहा धोखा? FSSAI सख्त
Embed widget