एक्सप्लोरर

LPG Gas Crisis: देश में कुल कितने गैस सिलेंडर, LPG संकट के बीच जान लीजिए आंकड़े

LPG Gas Crisis: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत के घरेलू गैस नेटवर्क के आंकड़े राहत देने वाले हैं. सरकार ने पिछले दशक में गैस वितरण का जाल दोगुना कर दिया है. आइए जानें देश में कितने गैस सिलेंडर हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • 1.5 करोड़ घरों में पाइप से पीएनजी सप्लाई, भविष्य में विस्तार की योजना.

LPG Gas Crisis: दुनिया भर में युद्ध के हालातों और वैश्विक तनाव के बीच भारत में रसोई गैस की किल्लत की अफवाहों ने लोगों को बेचैन कर दिया है. 140 करोड़ की आबादी वाले देश में जब मामला सीधे किचन के बजट और ईंधन से जुड़ा हो, तो फिक्र लाजिमी है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर हमारे पास गैस का कितना स्टॉक है और सरकार की क्या तैयारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मोर्चे पर नजर बनाए हुए हैं ताकि देश की रसोई ठंडी न पड़े. आइए जानें कि देश में कुल कितने गैस सिलेंडर हैं.

देश में गैस कनेक्शनों का विशाल नेटवर्क 

भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ताजा आंकड़े बताते हैं कि देश में घरेलू एलपीजी (LPG) कनेक्शनों की संख्या अब 33 करोड़ के पार पहुंच गई है. अगर हम इस गणित को समझें कि अधिकतर शहरी और मध्यमवर्गीय परिवारों के पास डबल सिलेंडर कनेक्शन (DBC) होता है, तो देश में कुल एलपीजी सिलेंडरों की संख्या करीब 66 करोड़ से ज्यादा बैठती है. यह विशाल आंकड़ा दर्शाता है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा पहुंच को किस तरह मजबूत किया है. सरकार का स्पष्ट कहना है कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि फिलहाल देश में गैस की कोई भौतिक कमी नहीं है.

पिछले एक दशक में दोगुनी हुई गैस की पहुंच

साल 2014 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस समय देश में महज 14.5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे. पिछले 10 से 12 वर्षों के भीतर इस संख्या में भारी उछाल आया है और यह करीब दोगुनी होकर 33 करोड़ तक पहुंच गई है. इस विस्तार का सबसे बड़ा श्रेय 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' को जाता है. इस योजना के तहत अब तक करीब 10.4 करोड़ गरीब और ग्रामीण परिवारों को सब्सिडी वाले या मुफ्त कनेक्शन दिए गए हैं. इससे न केवल महिलाओं को धुएं से आजादी मिली, बल्कि देश का गैस वितरण नेटवर्क भी सुदूर गांवों तक पहुंच गया है.

यह भी पढ़ें: क्रूड ऑयल से कैसे बनते हैं डीजल-पेट्रोल और LPG-CNG? जान लें पूरा प्रोसेस

पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का बढ़ता दायरा

केवल सिलेंडर ही नहीं, बल्कि अब शहरों में पाइप के जरिए सीधे किचन तक गैस पहुंचाने की व्यवस्था यानी पीएनजी (PNG) पर भी जोर दिया जा रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में करीब 1.5 करोड़ घरों में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई हो रही है. यह सुविधा मुख्य रूप से महानगरों और टियर-1 शहरों में उपलब्ध है. पीएनजी को सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है, क्योंकि इसमें बार-बार रिफिलिंग या बुकिंग का झंझट नहीं रहता है. सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस नेटवर्क को छोटे शहरों तक ले जाने का है.

कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में गैस का इस्तेमाल

रसोई गैस के अलावा देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले उद्योगों और होटलों में भी गैस की भारी खपत होती है. आंकड़ों के मुताबिक, देश में करीब 45 हजार से ज्यादा कमर्शियल प्रतिष्ठान जैसे होटल और रेस्टोरेंट पाइप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, 20 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े उद्योग भी इसी ईंधन पर निर्भर हैं. कमर्शियल सिलेंडरों की संख्या भी करोड़ों में है, जो छोटे व्यापारियों की जरूरतों को पूरा करते हैं. गैस वितरण नेटवर्क का यह विस्तार दर्शाता है कि संकट के समय में भी हमारे पास आपूर्ति बनाए रखने के लिए एक मजबूत ढांचा मौजूद है.

संकट से निपटने के लिए सरकार की रणनीति

ईरान-इजराइल या अन्य वैश्विक तनावों के कारण जब भी हॉर्मुज जलमार्ग जैसे महत्वपूर्ण रूट प्रभावित होते हैं, तो भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए चुनौती बढ़ जाती है. हालांकि, केंद्र सरकार ने 'स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व' और गैस कंपनियों के पास पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री खुद नियमित अंतराल पर पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ बैठकें कर रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम आदमी की जेब पर न पड़े. वर्तमान में गैस एजेंसियों और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोका जा सके.

यह भी पढ़ें: LPG में नहीं होती कोई भी गंध, फिर महक के लिए क्या मिलाते हैं इसमें?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

ईरान नहीं बना सकता परमाणु बम लेकिन इजरायल ने कैसे बना लिया, कहां से मिली टेक्नोलॉजी?
ईरान नहीं बना सकता परमाणु बम लेकिन इजरायल ने कैसे बना लिया, कहां से मिली टेक्नोलॉजी?
Natural Cooling: राजा महाराजा के समय बिना बिजली के भी कैसे ठंडे रहते थे महल, जानें क्या था इसके पीछे का राज?
राजा महाराजा के समय बिना बिजली के भी कैसे ठंडे रहते थे महल, जानें क्या था इसके पीछे का राज?
Immortal Creature: कटने के बाद भी कई सालों तक जिंदा रहा अंग, वैज्ञानिकों को समंदर में मिला अमर जीव; जगी नई उम्मीद
कटने के बाद भी कई सालों तक जिंदा रहा अंग, वैज्ञानिकों को समंदर में मिला अमर जीव; जगी नई उम्मीद
Attack on Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी जहां से सांसद, वहां कितने हिंदू-मुस्लिम; जानें लोकसभा सीट की आबादी?
अभिषेक बनर्जी जहां से सांसद, वहां कितने हिंदू-मुस्लिम; जानें लोकसभा सीट की आबादी?
Advertisement

वीडियोज

Iran US War | Strait of Hormuz | Janhit: होर्मुज में ईरान ने खींची 'रेड लाइन'! | Trump | IRGC
Ghaziabad Asad Encounter | UP Police: असद ढेर, पर क्यों भड़का है विपक्ष? | Bakrid
Ghaziabad Asad Encounter | Janhit: जुर्म देखा या धर्म? | Bakrid | UP News
Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में 'योगी मॉडल' का प्रहार! | Encroachment
Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में 'योगी मॉडल' का प्रहार! | Illegal Encroachment
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
IPL 2026 Full Prize Money: चैंपियन RCB हुई मालामाल, गुजरात टाइटंस को भी मिली बंपर रकम; जानें किसे मिली कितनी प्राइज मनी 
चैंपियन RCB हुई मालामाल, गुजरात टाइटंस को भी मिली बंपर रकम; जानें किसे मिली कितनी प्राइज मनी 
मिडिल ईस्ट वॉर में ईरान ने चीनी मिसाइल से मार गिराया US का F-15 लड़ाकू विमान! जानें रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?
वॉर में ईरान ने चीनी मिसाइल से मार गिराया US का F-15 लड़ाकू विमान! रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?
IPS राजीव कृष्ण बने यूपी के स्थायी DGP, नियुक्ति का आदेश जारी; CM योगी से भी की मुलाकात
IPS राजीव कृष्ण बने यूपी के स्थायी DGP, नियुक्ति का आदेश जारी; CM योगी से भी की मुलाकात
'मेरी दुनिया खत्म...', जब बॉबी देओल को लग गई थी नशे की लत, मुश्किल दौर में वाइफ ने भी छोड़ दिया था साथ?
'मेरी दुनिया खत्म...', जब बॉबी देओल को लग गई थी नशे की लत, मुश्किल दौर में वाइफ ने भी छोड़ दिया था साथ?
Exclusive: प्रेम के लिए लांघी सरहद, PoK से LoC पार कर बारामूला पहुंचा जीशान, प्रेमिका संग सेना ने हिरासत में लिया
प्रेम के लिए लांघी सरहद, PoK से LoC पार कर बारामूला पहुंचा जीशान, प्रेमिका संग सेना ने हिरासत में लिया
शांति वार्ता के बीच ईरान की अमेरिका को दो टूक, कहा- 'जब तक अधिकार सुरक्षित नहीं, तब तक...'
शांति वार्ता के बीच ईरान की अमेरिका को दो टूक, कहा- 'जब तक अधिकार सुरक्षित नहीं, तब तक...'
Pankaj Bhadouria Breast Cancer:मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर, 50 के पार महिलाओं में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
मास्टरशेफ विनर पंकज भदौरिया को ब्रेस्ट कैंसर, 50 के पार महिलाओं में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
Super Cool!’ UK व्लॉगर हुआ हैदराबाद मेट्रो का फैन, सफाई और सिस्टम देखकर रह गया दंग
Super Cool!’ UK व्लॉगर हुआ हैदराबाद मेट्रो का फैन, सफाई और सिस्टम देखकर रह गया दंग
Embed widget