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कहानी उस एक्सपर्ट की... उसने जब-जब बोला, तब-तब भूकंप आया! अब भारत को लेकर कर दी भविष्यवाणी

Frank Hoogerbeets: तुर्किए में जब भूकंप आया तो उसके कुछ दिन बाद एक नाम की चर्चा हुई, जिसके लिए कहा गया है कि उन्होंने पहले ही भूकंप के बारे में बता दिया था. तो जानते हैं वो कौन हैं....

फरवरी महीने की शुरुआत तुर्किए के लिए काफी खराब रही. फरवरी के शुरुआत में ही ऐसा भूकंप आया कि 30 हजार से ज्यादा लोग इस भूकंप की वजह से मारे गए और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए. भूकंप के बाद तुर्किए की बदहाल तस्वीर, वीडियो सोशल मीडिया पर छाई रही और वहां की हालात की काफी चर्चा हुई. अभी भी तुर्किए के भूकंप को लेकर काफी अपडेट आ रहे हैं. भूकंप से जुड़ी खबरों के साथ ही एक शख्स और भी चर्चा में रहा है, जिसके लिए कहा जा रहा है कि उन्होंने भूकंप आने से पहले इसकी भविष्यवाणी कर दी थी. 

भारत के लिए अब यह शख्स ज्यादा अहम इसलिए हो गया है, क्योंकि इस शख्स ने अब भारत में भूकंप को लेकर भविष्यवाणी की है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये शख्स कौन है और उन्होंने भारत के लिए क्या कहा है. साथ ही आपको बताते हैं कि इस शख्स ने कब-कब भविष्यवाणी की है और ये भविष्यवाणियां कितनी सच हुई है...

कौन है ये शख्स?

दरअसल, इस शख्स का नाम है फ्रैंक हूगरबीट्स, जो नीदरलैंड के रहने वाले हैं. हूगरबीट्स सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे यानी SSGEOS के लिए काम करते हैं और दावा करते हैं कि वो भूकंप आने से पहले इसका पता लगा सकते हैं. भूकंप के बारे में कहा जाता है कि इसका पहले पता लगाना मुश्किल है, लेकिन हूगरबीट्स के साथ ऐसा नहीं है. उन्होंने कई बार ये साबित भी किया है और भूकंप आने से पहले इसकी जानकारी दी है. जापान से लेकर तुर्किए तक बड़े भूकंप इसके गवाह रहे हैं. ऐसे ही उन्होंने तुर्किए भूकंप को लेकर भविष्यवाणी की थी, जो सच हुई.

हूगरबीट्स खुद को भूकंपीय शोधकर्ता (Seismic Researcher) बताते हैं, जो भूकंप की भविष्यवाणी का दावा करते हैं. बता दें कि वे सौलर सिस्टम ज्यॉमेट्री इंडेक्स के सहारे भूकंप के बारे में पता लगाते हैं. उनका मानना ​​है कि ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों का अलाइमेंट पृथ्वी पर भूकंपीय गतिविधि को प्रभावित कर सकता है और इस वजह से वो अपने SSGI तरीके से भूकंप की भविष्यवाणी करने का दावा करते हैं. हालांकि, कई बार उनके दावों की आलोचना भी की गई है. कई एक्सपर्ट मानते हैं कि उनके सिद्धांतों या भविष्यवाणियों का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

बता दें कि भूकंप पर शोध कर रहे यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे  ने कहा है कि भूकंप की भविष्यवाणी करने के लिए कोई विश्वसनीय तरीका नहीं है और ऐसा करने का प्रयास जनता के बीच भय और घबराहट पैदा कर सकता है. हालांकि, कई बार उनकी भविष्यवाणी सच होने से उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है. वे  SSGEOS के लिए काम करते हैं और SSGEOS एक शोध संस्थान है, जो भूकंप की गतिविधि का अनुमान लगाने के लिए आकाशीय पिंडों जैसे ग्रहों की निगरानी करता है. 

कब-कब सच हुई भविष्यवाणी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2019 में जब असम और अरुणांचल प्रदेश में भूकंप आया था, तब हूगरबीट्स ने इसकी भविष्यवाणी पहले कर दी थी और इस भूंकप के बारे में आगाह किया था. इससे पहले साल 2019 में ही उन्होंने 8 जुलाई से 11 जुलाई के बीच ईराक और ईरान बॉर्डर पर भूकंप आने की भविष्यवाणी की थी और वहां 8 जुलाई को भूकंप आया था. इसके साथ ही उन्होंने कैलीफॉर्निया में आए भूकंप के लिए भी बताया था. उन्होंने जापान और नेपाल भूकंप के लिए भी बता दिया था. 

भारत के लिए क्या कहा?

फ्रैंक हूगरबीट्स ने एक वीडियो में दावा किया है कि भारतीय उपमहाद्वीप में भी बड़ा भूकंप आ सकता है.  फ्रैंक हूगरबीट्स ये भी कह रहे हैं कि ये भूकंप हिंद महासागर क्षेत्र पर यानी भारत-पाकिस्तान सहित अफगानिस्तान के आसपास के कई इलाकों में आ सकता है. 

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