एक्सप्लोरर

कैसे चुने जाते हैं दिल्ली की शाही मस्जिद के इमाम, कितना होता है इनका कार्यकाल?

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम की नियुक्ति का कोई ठोस नियम नहीं है. बल्कि इनकी नियुक्ति मुगल काल से चली आ रही परंपरा के तहत ही होती है. आइए जानते हैं क्या है यह परंपरा...

Jama Masjid Shahi Imam: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं. हिंदू से लेकर कई मुस्लिम संगठन सड़क पर उतरकर आतंकवाद और पाकिस्तान का विरोध कर रहे हैं और भारत सरकार से दहशतगर्दों को कड़ा सबक सिखाए जाने की मांग कर रहे हैं. इस बीच दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी पाकिस्तान को आईना दिखाने का काम किया है. उन्होंने कड़े शब्दों में पाकिस्तान निंदा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान के जरिए जो दहशतगर्त हिंदुस्तान की सरहद में दाखिल कराए गए, जिन्होंने मासूमों का कत्ल किया, उसे सही नहीं ठहराया जा सकता है. पाकिस्तान के इस कृत्य से भारत के करोड़ों मुसलमानों को शर्मिंदा होना पड़ता है. 

पहलगाम हमले के बाद शाही इमाम अपने इस बयान के बाद चर्चा में आ गए हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम का चुनाव कैसे होता है? इनका चुनाव कौन करता है और शाही इमाम का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है? शाही इमाम की परंपरा कब से चली आ रही है?

क्या है शाही इमाम की परंपरा

दिल्ली की जामा मस्जिद में शाही इमाम की परंपरा मुगलों के जमाने से चली आ रही है. कहा जाता है कि 1650 के दशक में जब मुगल बादशाह शाहजहां ने दिल्ली की जामा मस्जिद बनवाई तो उन्होंने बुखारा (उज्बेकिस्तान) के शासकों को मस्जिद के लिए एक इमाम की जरूरत बताई. इसके बाद मौलाना अब्दुल गफूर शाह बुखारी को भारत भेजा गया. शाहजहां की ओर से उन्हें शाही इमाम का खिताब दिया गया और बुखारी को जामा मस्जिद का इमाम बनाया गया. तब से ही यह परंपरा चली आ रही है. भारत सरकार में शाही इमाम का कोई पद हीं है, बल्कि यह मुगलिया सल्तनत द्वारा दिए गए खिताब की परंपरा है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है. 

कैसे होता है शाही इमाम का चुनाव

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम की नियुक्ति का कोई ठोस नियम नहीं है. बल्कि इनकी नियुक्ति मुगल काल से चली आ रही परंपरा के तहत ही होता है और शुरू से ही बुखारी परिवार के पास यह पद रहा है. सैयद अहमद बुखारी से पहले उनके पिता शाही इमाम का पद संभाल रहे थे. उनके बाद 2014 से यह पद सैयद अहमद बुखारी के पास है. इस तरह शाही इमाम का पद वंशानुगत चला आ रहा है. मौजूदा शाही इमाम अपने जीते जी अपने बेटे को ही अपना उत्तराधिकारी बनाते हैं. 2024 में सैयद अहमद बुखारी ने अपने बेटे सैयद उसामा शाबान बुखारी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था.

कितना होता है कार्यकाल

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम का कार्यकाल कितना होगा, इसको लेकर कोई नियम नहीं है. मौजूदा शाही इमाम स्वस्थ रहने तक पद पर बने रह सकते हैं, जिस तरह सैयद अहमद बुखारी 2014 से इस पद पर बने हुए हैं. उनके बाद सैयद उसामा शाबान बुखारी इस पद को संभालेंगे. 

यह भी पढ़ें: भारत या पाकिस्तान, किस देश के लोग ज्यादा छोड़ते हैं अपना धर्म? जानकर हैरान रह जाएंगे आप

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

मौत के कितने दिन बाद तक हो सकता है पोस्टमॉर्टम, बॉडी कैसे करते हैं प्रिजर्व?
मौत के कितने दिन बाद तक हो सकता है पोस्टमॉर्टम, बॉडी कैसे करते हैं प्रिजर्व?
इंसान की आंख क्या-क्या देख सकती है, कितने Megapixel के बराबर?
इंसान की आंख क्या-क्या देख सकती है, कितने Megapixel के बराबर?
पृथ्वी के अंदर कितनी गहराई तक पहुंच पाया इंसान, कहां सबसे गहरा प्वाइंट?
पृथ्वी के अंदर कितनी गहराई तक पहुंच पाया इंसान, कहां सबसे गहरा प्वाइंट?
किस देश में कैसे दी जाती है मौत की सजा? SC में याचिका के बीच जानें
किस देश में कैसे दी जाती है मौत की सजा? SC में याचिका के बीच जानें

वीडियोज

Bollywood News: अपराध और हिंसा के बीच गुड्डू और स्वीटी का अनोखा रोमांस बना हाइलाइट (18.08.26)
Mahadev & Sons: 😱Rajji-Mogra में खूनी जंग! ऐन वक्त पर हीरो स्टाइल में पहुंचे Dheeraj #sbs
Pakistan News: नकलची पाकिस्तान का फ्लॉप शो देखिए! ABPLIVE
Prashant Kishor Oath Ceremony: प्रशांत किशोर ने ली शपथ! विधायक बनते ही किए 4 बड़े ऐलान |ABPLIVE
ChatGPT Viral Video: AI का कमाल! भीड़ में खोई चप्पल, ChatGPT ने ऐसे ढूंढ निकाली, वीडियो चौंका देगा!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बंगाल विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बने रहेंगे ऋतब्रत बनर्जी, HC से याचिका खारिज
बंगाल विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बने रहेंगे ऋतब्रत बनर्जी, HC से याचिका खारिज
'जो मां का वही बच्चे का धर्म', 28 अगस्त से महाराष्ट्र में फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट
'जो मां का वही बच्चे का धर्म', 28 अगस्त से महाराष्ट्र में फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट
सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन की शादी फिक्स? सामने आई तारीख; जानें दूल्हा कौन
काव्या मारन की शादी फिक्स? सामने आई तारीख; जानें दूल्हा कौन
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी के बाद 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
इमरान को बड़ी राहत! शहबाज-मुनीर ने नहीं सुनी तो SC ने दिया बड़ा आदेश
इमरान को बड़ी राहत! शहबाज-मुनीर ने नहीं सुनी तो SC ने दिया बड़ा आदेश
तृषा के सैल्यूट पर स्टालिन की पार्टी ने उठाया सवाल, कहा- 'क्या ये...'
तृषा के सैल्यूट पर स्टालिन की पार्टी ने उठाया सवाल, कहा- 'क्या ये...'
सरेआम मारी गोली फिर दुकान के बाहर रखा सिलेंडर ले उड़े चोर- देखें वीडियो
सरेआम मारी गोली फिर दुकान के बाहर रखा सिलेंडर ले उड़े चोर- देखें वीडियो
'सोनिया की रगों में इटैलिन खून', वंदे मातरम विवाद पर बोले केन्द्रीय मंत्री
'सोनिया की रगों में इटैलिन खून', वंदे मातरम विवाद पर बोले केन्द्रीय मंत्री
Embed widget