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उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ को कितनी मिलेगी पेंशन? जान लें हर डिटेल

भारत में उपराष्ट्रपति का पद देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है. इस पद पर रहने वालों को इस्तीफा देने या कार्यकाल पूरा होने के बाद पेंशन समेत कुछ खास सुविधाएं मिलती हैं.

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार (21 जुलाई) देर शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस फैसले के पीछे की वजह उन्होंने खराब तबीयत को बताया. अब सवाल यह उठता है कि उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ को कितनी पेंशन मिलेगी? इसके अलावा उन्हें किन-किन सहूलियतों का फायदा मिलेगा? आइए जानते हैं विस्तार से.

कितनी होती है उपराष्ट्रपति की पेंशन?

भारत में उपराष्ट्रपति का पद देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है. इस पद पर रहने वालों को इस्तीफा देने या कार्यकाल पूरा होने के बाद पेंशन समेत कुछ खास सुविधाएं मिलती हैं. फिलहाल जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उनकी पेंशन की सटीक रकम को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मौजूदा नियमों के आधार पर इसकी डिटेल समझते हैं.

इतनी मिल सकती है पेंशन

साल 2018 के बजट के बाद भारत के उपराष्ट्रपति का मासिक वेतन 4 लाख रुपये प्रति माह हो गया था. वहीं, उपराष्ट्रपति की पेंशन आमतौर पर उनके कार्यकाल और वेतन के आधार पर तय की जाती है. भारत में पूर्व उपराष्ट्रपतियों को उनके वेतन का एक हिस्सा पेंशन के रूप में मिलता है, जो सामान्य तौर पर 50 से 60 पर्सेंट तक हो सकता है. इस हिसाब से जगदीप धनखड़ को करीब 2 से 2.5 लाख रुपये मासिक पेंशन मिल सकती है. हालांकि, यह रकम उनके कार्यकाल की अवधि (2022 से 2025 तक, यानी 3 साल) और सरकार के फैसले के हिसाब से तय होगी. 

कार्यकाल कम होने से क्या पड़ सकता है असर?

गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का कार्यकाल 5 साल का था, जो अगस्त 2027 में खत्म होने वाला था, लेकिन उन्होंने 3 साल में इस्तीफा दे दिया. ऐसे में पेंशन की गणना करते वक्त कार्यकाल की अवधि को ध्यान में रखा जा सकता है. हालांकि, कुछ मामलों में आंशिक कार्यकाल के लिए भी पूरी पेंशन दी जाती है. फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है. 

इन सुविधाओं का मिलता रहेगा फायदा   

भारत में पूर्व उपराष्ट्रपति को मुफ्त मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं, जिसमें उनके और उनके परिवार के लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज शामिल है. धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों की वजह से इस्तीफा दिया है. ऐसे में यह सहूलियत उनके लिए खासकर महत्वपूर्ण होगी. इसके अलावा उन्हें ट्रेन और हवाई जहाज में फ्री सफर की सहूलियत दी जाएगी. पूर्व उपराष्ट्रपति को सरकारी आवास या आवास भत्ता मिल सकता है, लेकिन यह उनके व्यक्तिगत आवास की कंडीशन के हिसाब से तय होता है. अगर पूर्व उपराष्ट्रपति को सिक्योरिटी की जरूरत होती है तो उन्हें सुरक्षा भी दी जाती है.

यह भी पढ़ें: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया...मानसून सत्र में कौन संभालेगा राज्यसभा का चार्ज; जानिए क्या है नियम

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