एक्सप्लोरर

Free Ration: भारत ही नहीं, इन अमीर देशों में भी सरकार देती है मुफ्त राशन, जानें कितना अलग है डिलीवरी सिस्टम?

Free Ration: सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में कुछ और ऐसे देश भी हैं जहां पर सरकार आम नागरिकों को फ्री राशन देती है. आइए जानते हैं उन सभी देशों के बारे में पूरी जानकारी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • अमेरिका, ब्रिटेन इलेक्ट्रॉनिक कार्ड से विविध खाद्य सहायता देते हैं।
  • फिनलैंड स्कूलों में मुफ्त भोजन, फ्रांस दान-मॉडल अपनाते हैं।
  • भारत अनाज केंद्रित, विकसित देश व्यापक खाद्य विकल्प देते।

Free Ration: जब भी लोग मुफ्त राशन योजना के बारे में सोचते हैं तो अक्सर भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली का ख्याल आता है. लेकिन भारत अकेला ऐसा देश नहीं है जो अपने नागरिकों को राशन में मदद करता है. कई अमीर और विकसित देश जैसे कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और फिनलैंड कम आय वाले परिवारों, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए बड़े पैमाने पर राशन सहायता कार्यक्रम चलाते हैं. सबसे बड़ा फर्क इस बात में है कि ये फायदे कैसे पहुंचाए जाते हैं. आइए जानते हैं कि भारत की राशन वितरण प्रणाली से कैसे अलग है विदेशों का सिस्टम.

अमेरिका का राशन सिस्टम 

अमेरिका सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम चलाता है. इसे आमतौर पर फूड स्टैम्प प्रोग्राम के नाम से जाना जाता है. राशन का सामान सीधे लेने के बजाय योग्य नागरिकों को एक इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर कार्ड दिया जाता है. सरकार हर महीने कार्ड में एक निश्चित राशि जमा करती है. इसका इस्तेमाल सुपरमार्केट, किराने की दुकान और यहां तक कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी किया जा सकता है. फायदा उठाने वाले अपनी जरूरत के हिसाब से फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद और दूसरे स्वीकृत खाद्य पदार्थ खरीदने के लिए आजाद होते हैं. 

ब्रिटेन में राशन सिस्टम 

ब्रिटेन में हेल्दी स्टार्ट स्कीम और फूड बैंकों के देशव्यापी नेटवर्क जैसे कार्यक्रमों के जरिए राशन सहायता दी जाती है.  कम इनकम वाले परिवारों और गर्भवती महिलाओं को वाउचर या फिर डिजिटल प्रीपेड कार्ड मिलते हैं. इनका इस्तेमाल दूध, फल और सब्जियों जैसी जरूरी चीजों को लाने के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा हजारों फूड बैंक आर्थिक तंगी का सामना कर रही है लोगों और परिवारों को सीधे पैक्ड भोजन सामग्री बांटते हैं.

यह भी पढ़ेंः क्या चांद पर चल सकती है साइकिल या बाइक, जानें क्या कहता है साइंस?

फिनलैंड और एस्टोनिया

फिनलैंड हर स्कूली छात्र को मुफ्त पोस्टिक भोजन देने के लिए जाना जाता है. यह नीति दशकों से लागू है और यह पक्का करती है कि सभी बच्चों को संतुलित भोजन मिले. भले ही उनके परिवार की इनकम का स्तर कुछ भी हो. स्कूल के अलावा सामुदायिक सहायता कार्यक्रम और चैरिटेबल संस्थाएं जरूरतमंद लोगों को बचा हुआ भोजन बांटती हैं. कई मामलों में वॉलंटियर नेटवर्क के जरिए  राशन सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है.

फ्रांस का राशन सिस्टम 

फ्रांस एक अनोखा मॉडल अपनाता है जिसमें राशन दान और सोशल ग्रॉसरी स्टोर दोनों शामिल हैं. फ्रांसीसी कानून के तहत सुपरमार्केट के लिए बिना बिके लेकिन खाने लायक राशन को नष्ट करना मना है. इसके बजाय राशन को चैरिटी, फूड बैंक और सोशल ग्रॉसरी स्टोर को दान करना जरूरी है. इन स्टोर से कम इनकम वाले परिवार अच्छी क्वालिटी के खाने पीने का सामान काफी कम दाम पर खरीद सकते हैं. 

भारत का सिस्टम कैसे अलग? 

भारत का राशन सिस्टम मुख्य रूप से सरकार द्वारा अधिकृत उचित मूल्य की दुकानों के जरिए गेहूं, चावल और मोटे अनाज जैसे मुख्य अनाजों के वितरण पर केंद्रित है. लाभार्थियों को आमतौर पर अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के तहत अनाज की तय मात्रा दी जाती है. इसके उलट विकसित देशों में खाने-पीने के सामान की एक बड़ी रेंज मिलती है. इनमें ताजे फल, सब्जी, डेयरी उत्पाद, अंडे और पैक्ड फूड शामिल हैं.

यह भी पढ़ेंः जिस देश में शुरू हुआ था पहला प्लास्टिक नोट, वहां की करेंसी में कितना दम; भारत के 500 रुपये वहां कितने?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अक्टूबर में सबसे ज्यादा गर्मी कब पड़ी थी, उस साल कब आई थी गुलाबी ठंड?
अक्टूबर में सबसे ज्यादा गर्मी कब पड़ी थी, उस साल कब आई थी गुलाबी ठंड?
दुनिया में कब-कब तबाही मचा चुका प्लेग, कितने लोगों ने गंवाई थी जान?
दुनिया में कब-कब तबाही मचा चुका प्लेग, कितने लोगों ने गंवाई थी जान?
US को हर साल कितनी दवाएं भेजता है भारत, यह कितना बड़ा कारोबार?
US को हर साल कितनी दवाएं भेजता है भारत, यह कितना बड़ा कारोबार?
क्या प्रधानमंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है चुनाव आयोग, जानें ताकत?
क्या प्रधानमंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है चुनाव आयोग, जानें ताकत?

वीडियोज

SIR Controversy | INDIA Bloc March: ज्ञानेश 'SIR' पर संग्राम..सियासत..सवाल | Gyanesh Kumar | BJP
Breaking | Rahul-Priyanka Gandhi Detained: CEC के खिलाफ विपक्ष का 'ग्राउंड अटैक'! | Congress
Sandeep Chaudhary: सवालों में ज्ञानेश कुमार...BJP -कांग्रेस में तकरार! सटीक विश्लेषण | Rahul Gandhi
India Alliance March | Congress: दिल्ली में आर-पार, निशाने पर Gyanesh Kumar! | Rahul-Priyanka | ABP
INDIA Bloc March | SIR Controversy: विपक्ष का रण... CEC के इस्तीफे का लिया 'प्रण'! | Gyanesh Kumar

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
क्यों नहीं राहुल गांधी की अगुवाई वाले सांसदों को दिया समय? चुनाव आयोग ने बताया
क्यों नहीं राहुल गांधी की अगुवाई वाले सांसदों को दिया समय? चुनाव आयोग ने बताया
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने जाएंगे सौरव दास, 'मैं दिल्ली पुलिस को...'
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने जाएंगे सौरव दास, 'मैं दिल्ली पुलिस को...'
राहुल गांधी पर अभिजीत दीपके बोले 'अब विपक्ष के नेता...'
राहुल गांधी पर अभिजीत दीपके बोले 'अब विपक्ष के नेता...'
ऑस्ट्रेलिया से हारा भारत, 125 रन से गंवाया पहला वनडे; चेज में 149 रन पर ऑलआउट
ऑस्ट्रेलिया से हारा भारत, 125 रन से गंवाया पहला वनडे; चेज में 149 रन पर ऑलआउट
रसिक दुलारी केस में एक्ट्रेस ने किया प्रेमानंद का सपोर्ट, MMS कांड के बाद वृंदावन में बस गई थीं प्रियंका पंडित
रसिक दुलारी केस में एक्ट्रेस ने किया प्रेमानंद का सपोर्ट, MMS कांड के बाद वृंदावन में बस गई थीं प्रियंका पंडित
'विजय से डरते हैं राहुल गांधी इसलिए...', इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर भड़की DMK
'विजय से डरते हैं राहुल गांधी इसलिए...', इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर भड़की DMK
विरोध मार्च पर बोले गिरिराज सिंह- 'कांग्रेस राहुल गांधी का इस्तीफा मांगे क्योंकि...'
विरोध मार्च पर बोले गिरिराज सिंह- 'कांग्रेस राहुल गांधी का इस्तीफा मांगे क्योंकि...'
अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म, BCCI ने नई पोजीशन के लिए निकाली वैकेंसी
अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म, BCCI ने नई पोजीशन के लिए निकाली वैकेंसी
Embed widget