एक्सप्लोरर

Moon Gravity: क्या चांद पर चल सकती है साइकिल या बाइक, जानें क्या कहता है साइंस?

Moon Gravity: चांद की ग्रेविटी पृथ्वी के मुकाबले काफी अलग होती है. आइए जानते हैं कि क्या वहां पर साइकिल या फिर मोटरसाइकिल चल सकती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ऑक्सीजन, अत्यधिक तापमान के कारण पेट्रोल-डीजल मोटरसाइकिलें नहीं चलेंगी।
  • इलेक्ट्रिक वाहन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में चांद पर संभव।
  • कम गुरुत्वाकर्षण, वायुमंडल न होने से साइकिल चलाना आसान।
  • कम गुरुत्वाकर्षण संतुलन बनाए रखना, ब्रेक लगाना मुश्किल बनाता है।

Moon Gravity: चांद पर साइकिल या मोटरसाइकिल चलाने का ख्याल किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है. लेकिन यह एक दिलचस्प वैज्ञानिक सवाल भी खड़ा करता है. हालांकि चांद की कम ग्रेविटी साइकिल चलाने के लिए एकदम सही लग सकती है लेकिन वहां का कठोर माहौल ऐसी चुनौतियां पैदा करता है जिसका अनुभव पृथ्वी पर कभी नहीं हुआ. वैज्ञानिक सिद्धांतों के मुताबिक आम पेट्रोल या फिर डीजल वाली मोटरसाइकिल चांद पर बिल्कुल भी नहीं चल पाएगी. हालांकि खास तौर पर डिजाइन की गई साइकिल और इलेक्ट्रिक गाड़ियां वहां पर चल सकती हैं.

पेट्रोल या फिर डीजल वाली मोटरसाइकिल 

आम मोटरसाइकिल के लिए सबसे बड़ी रुकावट वहां वायुमंडल का ना होना है. इंटरनल कंबशन इंजन को ईंधन जलाने और पावर बनाने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है. क्योंकि चांद पर लगभग कोई ऑक्सीजन नहीं है इस वजह से आम पेट्रोल या फिर डीजल इंजन ना तो स्टार्ट हो पाएगा और ना ही चल पाएगा. 

काफी ज्यादा तापमान एक और बड़ी समस्या है. चांद पर दिन के समय तापमान 121 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो सकता है. इसी के साथ रात में यह -133 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जा सकता है. ऐसे हालात पृथ्वी पर चलने वाली गाड़ियों के लिए बने फ्यूल सिस्टम, लुब्रिकेंट, इंजन के पुर्जो और बैटरी पर बुरा असर डालेंगे. 

इलेक्ट्रिक बाइक एक बेहतर विकल्प 

आप मोटरसाइकिलों के उलट इलेक्ट्रिक बाइक को चलाने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होती. अगर एक भरोसेमंद बैटरी सिस्टम मौजूद हो तो इलेक्ट्रिक गाड़ी चांद पर चल सकती है. इसका एक असल उदाहरण पहले से मौजूद है. अपोलो मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने बैटरी से चलने वाले लूनर रोविंग व्हीकल का इस्तेमाल किया था. इससे वे चांद की सतह पर घूम पाए थे. इससे पता चलता है कि चांद के माहौल में बिजली से चलने वाली गाड़ियां इस्तेमाल की जा सकती हैं. 

यह भी पढ़ेंः इन देशों में पिया जाता है सांप का खून, जानें इससे क्यों नहीं होती इंसान की मौत?

साइकिल चलाना मुमकिन 

फिजिक्स के नजरिए से चांद पर साइकिल चलाने के कुछ हैरान करने वाले रिजल्ट निकल कर आते हैं.  क्योंकि वहां पर कोई वायुमंडल नहीं है इस वजह से हवा का कोई अवरोध भी नहीं होता. इसका मतलब है कि साइकिल चलाने वाले को हवा के दबाव से नहीं लड़ना पड़ेगा और वह कम मेहनत में ही अपने रफ्तार बनाए रख सकेगा. चांद की ग्रेविटी पृथ्वी की ग्रेविटी का सिर्फ छठा हिस्सा है. यही वजह है कि चलाने वाले को अपना वजन काफी कम महसूस होगा. इस वजह से पैडल मारना आसान हो जाएगा और साइकिल को आगे बढ़ाने के लिए कम ताकत लगानी पड़ेगी.

कम ग्रेविटी में बैलेंस बनाना मुश्किल 

चांद की कम ग्रेविटी साइकिल के चलने के तरीकों को पूरी तरह से बदल देगी. अगर कोई साइकिल चलाने वाला ठीक-ठाक रफ्तार पर किसी ऊबड़-खाबड़ जगह या फिर गड्ढे से गुजरता है तो साइकिल जमीन से ऊपर हवा में काफी आसानी से उठ सकती है. ब्रेक लगाना भी काफी मुश्किल होगा. अचानक ब्रेक लगाने से पहिए जाम हो सकते हैं और साइकिल धूल भरी सतह पर दूर तक फिसल सकती है.

यह भी पढ़ेंः अवैध निर्माण टूटने के बाद निकले मलबे पर किसका हक, इससे कौन कर सकता है कमाई?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

दिल्ली में लागू हुआ ग्रैप-1, जानें किन चीजों पर रहेगी रोक?
दिल्ली में लागू हुआ ग्रैप-1, जानें किन चीजों पर रहेगी रोक?
फ्रांस में किस धर्म के कितने लोग, यहां कितने रहते हैं मुस्लिम?
फ्रांस में किस धर्म के कितने लोग, यहां कितने रहते हैं मुस्लिम?
किस देश में हो रही है सबसे ज्यादा युवाओं की मौत, जानें क्या है वजह?
किस देश में हो रही है सबसे ज्यादा युवाओं की मौत, जानें क्या है वजह?
रावण को किसने गिफ्ट की थी सोने की लंका, नाम जान चौंक जाएंगे आप
रावण को किसने गिफ्ट की थी सोने की लंका, नाम जान चौंक जाएंगे आप

वीडियोज

Man Atisundar: 🕵🏻‍♀️Radhya का भेष बदलकर नया खेल, क्‍या खुलेगा Antara के धोखे का बड़ा राज़? #sbs
Bollywood News: विजयादशमी के मौके पर रामायण के मेकर्स ने 'रावण तांडव' के साथ खेला बड़ा दांव (21.10.26)
Sansani : साजिश की श्रद्धा....खेल खत्म ! | ABP
Ravana Dahan 2026 : विजयादशमी की धूम..देशभर में जश्न | Vijayadashami | Delhi | Ramlila Maidan
Janhit with Chitra Tripathi: फ्रांस की तरह भारत में भी 'आगजनी' की साजिश थी? | Rahul Gandhi | GenZ

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
एशियन पैरा गेम्स: आज भारत ने जीते 5 गोल्ड समेत 22 मेडल, टोटल पदक हो गए 62; टॉप-5 में एंट्री
एशियन पैरा गेम्स: आज भारत ने जीते 5 गोल्ड समेत 22 मेडल, टोटल पदक हो गए 62; टॉप-5 में एंट्री
सौरव दास ने कोर्ट से रिहाई के आदेश पर दी पहली प्रतिक्रिया, ‘सच्चाई की...’
सौरव दास ने कोर्ट से रिहाई के आदेश पर दी पहली प्रतिक्रिया, ‘सच्चाई की...’
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
किरेन रिजिजू ने शेयर किया खरगे का Video, बोले- कांग्रेस बॉस क्यों नहीं समझ रहे ये बात
किरेन रिजिजू ने शेयर किया खरगे का Video, बोले- कांग्रेस बॉस क्यों नहीं समझ रहे ये बात
Explained: भारत में पाकिस्तान के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
भारत में PAK के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
UP में नीट पीजी काउंसलिंग शुरू, रजिस्ट्रेशन के लिए देने होंगे 3,000, देखें शेड्यूल 
UP में नीट पीजी काउंसलिंग शुरू, रजिस्ट्रेशन के लिए देने होंगे 3,000, देखें शेड्यूल 
Embed widget