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भारत के 'बाहुबली' के सामने कहां टिकता है चीन का 'ड्रैगन', रूस-अमेरिका से भी कितना आगे?

Isro Launch India Bahubali Rocket: भारत के ‘बाहुबली’ LVM3 ने अंतरिक्ष में अपनी ताकत साबित की है, लेकिन चीन के ‘ड्रैगन’ और अमेरिका‑रूस ‘बाहुबली’ के बारे में भी जानना जरूरी है.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार सुबह एक और ऐतिहासिक मोड़ हासिल किया है. सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया LVM3 रॉकेट, जिसे भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र का ‘बाहुबली’ कहा जा रहा है, ने सफलतापूर्वक 6100 किलोग्राम वजन वाला अमेरिकी कम्युनिकेशन सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक‑2 को लो अर्थ ऑर्बिट तक पहुंचाया है. यह अब तक का सबसे भारी पेलोड है जिसे LVM3 ने सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया है.

यह मिशन ISRO की छठी ऑपरेशनल उड़ान थी और यह भारत को न केवल तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्षमताओं के मानचित्र पर एक भरोसेमंद वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करता है.

4G‑5G के ‘डायरेक्ट टू स्मार्टफोन’ युग की शुरुआत

ब्लूबर्ड ब्लॉक‑2 सैटेलाइट की सबसे अनूठी तकनीक यह है कि यह बिना अतिरिक्त मोबाइल टावर या ग्राउंड एंटीना के सीधे स्मार्टफोन पर 4G और 5G नेटवर्क उपलब्ध कराएगा. इस तकनीक से हिमालय जैसी दुर्गम चोटियों, सुदूर रेगिस्तानी इलाकों, समुद्री मार्गों और हवाई यात्रियों को भी बिना किसी बाधा के कनेक्टिविटी मिल सकेगी. यह वही तकनीक है जिसे भविष्य के वैश्विक संचार और डेटा ट्रांसमिशन की ‘गेम‑चेंजर’ माना जा रहा है.

विश्व के ‘ड्रैगन’ और ‘हेवी लिफ्ट’ रॉकेट

जब हम ISRO के ‘बाहुबली’ LVM3 की बात करते हैं, तो दुनिया के बाकी प्रमुख रॉकेट तकनीकों का जिक्र भी स्वाभाविक है:

चीन का ‘ड्रैगन’ (Long March Family):

चीन की Long March सीरीज, खासकर Long March 5 और Long March 9, चीनी अंतरिक्ष कार्यक्रम की रीढ़ मानी जाती हैं. Long March 5 भारी पेलोड ले जाने की क्षमता रखता है और China’s modular space station तथा चंद्र और मंगल मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है. कुछ तकनीकी समीक्षाएं Long March को चीन के ‘ड्रैगन’ के रूप में दर्शाती हैं, जो भारी पेलोड और लंबी दूरी मिशनों के लिए सक्षम है.

रूस की ‘Moguchiy’ शक्ति:

रूस के शक्तिशाली लॉन्च सिस्टम को रूसी मीडिया और विश्लेषक अक्सर ‘Moguchiy’ (मजबूत) के नाम से संदर्भित करते हैं, खासकर सोवियत‑युग के Energia और आज के Angara सिस्टम को देखते हुए. Energia प्रणाली ने पहले ही भारी अंतरिक्ष कार्गो मिशनों की मिसाल पेश की है, और रूसी अंतरिक्ष कार्यक्रम आज भी भारी अंतरिक्ष ढुलाई के लिए प्रतिष्ठित माना जाता है.

अमेरिका के Heavy Lift सिस्टम:

NASA का Space Launch System (SLS) और SpaceX का Falcon Heavy / Starship आज Heavy Lift रॉकेट के उदाहरण हैं. विशेष रूप से Starship को पूरी तरह पुन: उपयोगी भारी उठाने वाला सिस्टम माना जाता है, जो मंगल, चंद्र और गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है.

भारत ‘बाहुबली’ के साथ कहां खड़ा है?

भारत का LVM3 सीधे तौर पर Heavy Lift रॉकेटों के श्रेणी में नहीं आता जो NASA के SLS या SpaceX Starship जैसी अरबों डॉलर की परियोजनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन इसके कम लागत, सटीक तकनीक और उच्च भरोसे के कारण यह कई विशेष कम्युनिकेशन और वैज्ञानिक मिशनों के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प बना हुआ है.

यह भी पढ़ें: ISRO कैसे रखता है किसी रॉकेट का नाम, किसके पास होती है यह जिम्मेदारी?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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