US-Iran War: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किसके लिए खोलकर रखने का किया ऐलान? कर दिया साफ, क्या भारत का नाम शामिल, जानें
US-Iran War: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है, लेकिन US-इजरायल के जहाजों के लिए बंद है. यह रूट दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार (14 मार्च 2026) को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है. यह रास्ता केवल अमेरिका और इजरायल के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद किया गया है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है, लेकिन जो देश ईरान पर हमला कर रहे हैं या उसके दुश्मन हैं, उनके जहाजों को इस रास्ते से गुजरने नहीं दिया जाएगा. बाकी देशों के जहाज सामान्य रूप से यहां से जा सकते हैं.
हालांकि, जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है. यरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित इस समुद्री रास्ते में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें कई भारतीय जहाज भी शामिल हैं. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि कई जहाज सुरक्षा कारणों से इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं. उनके मुताबिक यह फैसला जहाज कंपनियों का है और इसका सीधा संबंध ईरान से नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी कई टैंकर और जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे हैं.
Iran's Foreign Minister Abbas Araghchi:
— Clash Report (@clashreport) March 14, 2026
The Strait of Hormuz is open.
It is only closed to the tankers and ships belonging to our enemies, to those who are attacking us and their allies.
Others are free to pass.
Of course, many of them prefer not to because of their security… pic.twitter.com/GDlN5NpBpB
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने जहाजों की आवाजाही में बाधा डाली तो ईरान के तेल ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है. ट्रंप ने इससे पहले ईरान के अहम तेल केंद्र खर्ग आईलैंड पर हमले की घोषणा भी की थी. ट्रंप ने यह भी कहा कि कई देश इस समुद्री रास्ते को खुला रखने के लिए अपने युद्धपोत भेज सकते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश भी जहाज भेज सकते हैं ताकि बिजनेस और एनर्जी सप्लाई जारी रह सके.
रूस और चीन ईरान के रणनीतिक साझेदार
अब्बास अराघची ने यह भी कहा कि रूस और चीन ईरान के रणनीतिक साझेदार हैं और उनके साथ सैन्य सहयोग पहले से जारी है. दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. यह ईरान और ओमान के बीच स्थित है और सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई करीब 33 किलोमीटर है. हर दिन दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है, इसलिए अगर यह रास्ता बंद होता है तो इसका असर पूरी दुनिया के तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
Source: IOCL


























