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रेलवे की GRP और RPF में क्या अंतर होता है? जान लीजिए दोनों में फर्क 

आपने रेलवे में अक्सर जीआरपी और आरपीएफ को तो देखा ही होगा. अक्सर ट्रेन में जीआरपी और आरपीएफ के जवान दिख जाते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि रेलवे पुलिस के इन दोनों जवानों के बीच अंतर क्या है?

देशभर में जब भी सस्ती और अच्छी यात्रा की बात आती है, लोग भारतीय रेलवे को ही तवज्जो देते हैं. भारतीय रेल एक ऐसा नेटवर्क है जो न केवल पूरे को देश को जोड़ता है, बल्कि हर दिन लाखों यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचाता है. जब रेलवे में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं, तो उनकी सुरक्षा भी बड़ा सवाल है. रेलवे अपने यात्रियों के साथ-साथ पूरे देश में रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा करता है. इसके लिए रेलवे में दो तरह की फोर्स होती हैं. 

आपने रेलवे में अक्सर जीआरपी और आरपीएफ को तो देखा ही होगा. यात्रा करते समय अक्सर ट्रेन में जीआरपी और आरपीएफ के जवान दिख जाते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि रेलवे पुलिस के इन दोनों जवानों के बीच अंतर क्या है? ये दोनों फोर्स किस तरह से काम करती हैं? आइए जानते हैं... 

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आरपीएफ क्या है?

आरपीएफ का पूरा नाम है रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स. यह केंद्र सरकार के तहत आती है और कामकाज रेलवे मंत्रालय देखता है. इसका हेडक्वार्टर दिल्ली में है. आरपीएफ का मुख्य काम देशभर में रेलवे की संपत्तियों के साथ रेल यात्रियों की सुरक्षा करना है. हालांकि, 2003 में आरपीएफ एक्ट में संशोधन किया गया और आरपीएफ को कुछ अन्य अधिकार दिए गए. इसके तहत आरपीएफ एक्शन ले सकती है और एफआईआर भी दर्ज कर सकती है. हालांकि, जीआरपी की तुलना में आरपीएफ के अधिकारी सीमित होते हैं. 

जीआरपी क्या है?

जीआरपी यानी गवर्नमेंट रेलवे पुलिस. इसे राजकीय रेलवे पुलिस भी कहा जाता है. यह मुख्य रूप से राज्य पुलिस के अंतर्गत आते हैं. इनका काम रेलवे स्टेशनों को कानून व्यवस्था को बनाए रखना होता है. भारतीय न्याय संहिता के तहत जो अपराध हैं, उन्हें जीआरपी ही देखती है. रेलवे स्टेशनों या ट्रेनों में जहरखुरानी, चोरी, लूटपाट, हत्या जैसे मामलों में जीआरपी मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई करती है. सिर्फ रेलवे स्टेशन ही नहीं स्टेशन की एक किलोमीटर की परिधि में जो क्राइम होगा उसे जीआरपी ही देखती है. जीआरपी के पास आरोपी को गिरफ्तार करने और उस पर एफआईआर दर्ज करने का अधिकार होता है. इसके अलावा कुछ ट्रेनों में भी जीआरपी जवान तैनात किए जाते हैं. 

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