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Chechnya Music Law: इस देश में नहीं बजा सकते बहुत तेज या बहुत धीमे म्यूजिक, जानें क्यों बनाया गया था यह अजीब नियम

Chechnya Music Law: रूस में एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर काफी तेज या फिर काफी धीमा म्यूजिक नहीं बजा सकते. आइए जानते हैं कौन सा है वह क्षेत्र.

Chechnya Music Law: सोचिए कि आप एक ऐसी जगह पर हों जहां किसी गाने के बोल के लिए नहीं बल्कि उसकी स्पीड के लिए जुर्माना लगाया जाए. रूस के चेचन्या इलाके में ठीक यही हो रहा है.  दरअसल यहां अधिकारियों ने एक नियम बनाया है जो इस बात पर रोक लगाता है कि पब्लिक में कितना तेज या फिर धीमा म्यूजिक बजाया जा सकता है. 

क्या है यह नियम? 

दरअसल अप्रैल 2024 में घोषित इस फैसले ने दुनियाभर में उत्सुकता और बहस छेड़ दी है. यहां की सरकार ने ऐलान किया था कि पब्लिक में बजाया जाने वाला सारा म्यूजिक एक खास टेंपो रेंज में होना चाहिए. ना तो ज्यादा एनर्जेटिक और ना ही ज्यादा धीमा.  नए नियम के तहत पब्लिक में बजाया जाने वाला म्यूजिक 80 और 116 बीट्स प्रति मिनट के बीच होना चाहिए. यह असल में उन गानों पर बैन लगाता है जो काफी ज्यादा तेज हैं. जैसे कुछ पॉप, डिस्को, रॉक या टेक्नो ट्रैक. इस टेम्पो रेंज से बाहर का कोई भी म्यूजिक चेचन्या में पब्लिक परफॉर्मेंस के लिए सही नहीं माना जाता है.

कलाकारों के लिए डेडलाइन 

लोकल म्यूजिशियन और परफॉर्मर को 1 जून 2024 तक अपने म्यूजिक को नए स्टैंडर्ड के हिसाब से एडजस्ट करने का समय दिया गया था. इसका मतलब था कंपोजिशन को फिर से अरेंज करना, रिदम बदलना या कुछ जॉनर को पूरी तरह से छोड़ देना. 

नियम के पीछे की वजह 

 यहां के अधिकारियों ने कहा था कि यह कदम कल्चरल सुरक्षा के लिए है. अधिकारियों के मुताबिक म्यूजिक में पारंपरिक चेचन सोच, रिदम और वैल्यूज दिखनी चाहिए. सरकार का तर्क है कि काफी तेज या फिर धीमी टेम्पो इस इलाके की कल्चरल पहचान से मेल नहीं खाती. 

विदेशी असर को रोकना 

नियम का एक और मुख्य कारण विदेशी कल्चर के असर को कम करना है. अधिकारियों का ऐसा मानना है कि ग्लोबल म्यूजिक ट्रेंड, खासकर वेस्टर्न जॉनर, लोकल परंपराओं को कमजोर कर सकते हैं. टेम्पो लिमिट को तय करके सरकार का मकसद कलाकारों को इंटरनेशनल पॉप कल्चर के बजाय चेचन रीति रिवाजों से जुड़ा म्यूजिक बनाने के लिए बढ़ावा देना है.

एक बड़ा विरोधाभास 

हैरानी की बात यह है कि आलोचकों के मुताबिक रूस का अपना नेशनल एंथम भी लगभग 76 बिट्स प्रति मिनट पर बजाया जाता है. यह चेचन्या के नए नियम के तहत मंजूर मिनिमम टेम्पो से धीमा है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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