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किस फ्लेवर की आइसक्रीम ज्यादा खा रहे भारतीय, अगले 7 साल में कौन मारेगा बाजी?

IMARC की रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा चॉकलेट फ्लेवर पसंद किया जा रहा है, वहीं अगले कुछ वर्षों में आम, पान और केसर पिस्ता जैसे प्रीमियम देसी फ्लेवर मार्केट में सबसे आगे बाजी मारेंगे.

गर्मी हो या सर्दी, भारतीयों की आइसक्रीम के प्रति दीवानगी लगातार बढ़ती जा रही है. मार्केट रिसर्च कंपनी IMARC Group की एक रिपोर्ट में भारत के आइसक्रीम बाजार को लेकर दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, देश का आइसक्रीम बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले सालों में इसमें और भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं कि फिलहाल भारतीयों को कौन सा फ्लेवर सबसे ज्यादा पसंद है और अगले 7 साल में बाजार का रुख किस तरफ जा सकता है.

आइसक्रीम बाजार का साइज और ग्रोथ रेट

IMARC Group की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का आइसक्रीम बाजार 2025 में करीब 243.50 अरब रुपये का था, जो 2026 में बढ़कर 271.7 अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह बाजार 2034 तक 639.41 अरब रुपये तक पहुंच सकता है, यानी 2026 से 2034 के बीच इसकी सालाना ग्रोथ रेट करीब 11.29 प्रतिशत रहने का अनुमान है. साल 2020 में यह बाजार सिर्फ 116 अरब रुपये का था, यानी पांच साल में ही यह दोगुने से भी ज्यादा हो चुका है.

किस तरह की आइसक्रीम की मांग सबसे ज्यादा?

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इम्पल्स आइसक्रीम यानी कोन, कप, स्टिक और बार जैसे तुरंत खाए जाने वाले प्रोडक्ट्स की डिमांड सबसे ज्यादा है, जो कुल बाजार का करीब 60.60 प्रतिशत हिस्सा है. इसकी बड़ी वजह यह है कि ये सस्ते, आसानी से मिलने वाले और झटपट खाए जा सकने वाले होते हैं. फॉर्मेट की बात करें तो कोन सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 27.30 प्रतिशत है, इसके बाद स्टिक और ब्रिक का नंबर आता है. 

अगले 7 साल में कौन सा फ्लेवर मारेगा बाजी?

फिलहाल चॉकलेट को भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला क्लासिक फ्लेवर माना जाता है, जिसके बाद वनीला और फ्रूट फ्लेवर्स जैसे मैंगो और स्ट्रॉबेरी का नंबर आता है. लेकिन आने वाले सालों में यह तस्वीर बदल सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, वीगन और प्लांट-बेस्ड आइसक्रीम की मांग सबसे तेजी से बढ़ रही है, जिसकी ग्रोथ रेट 20 प्रतिशत से भी ज्यादा रहने का अनुमान है. इसके अलावा मिलेट यानी मोटे अनाज से बनी फंक्शनल आइसक्रीम और आर्टिजनल जेलाटो जैसे प्रीमियम विकल्प भी 14 से 15 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रहे हैं. यानी अगले 7 साल में सेहत को ध्यान में रखकर बनाए गए फ्लेवर और वीगन ऑप्शन पारंपरिक चॉकलेट-वनीला के मुकाबले तेजी से बाजी मार सकते हैं.

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नई कंपनियां और नए फ्लेवर का ट्रेंड

बाजार में मैग्नम, कॉर्नेटो और अमूल जैसी बड़ी कंपनियां पहले से मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, लेकिन अब कई नए ब्रांड भी शुगर-फ्री, ऑर्गेनिक और हेल्थ-फोकस्ड आइसक्रीम लॉन्च कर रहे हैं. क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए 10 मिनट में आइसक्रीम डिलीवर होने का ट्रेंड भी शहरी इलाकों में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे छोटे शहरों तक भी नए और प्रीमियम फ्लेवर की पहुंच बढ़ रही है.

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दीनदयाल पाटीदार एबीपी लाइव में कार्यरत हैं. एजुकेशन बीट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह स्कूल और यूनिवर्सिटी एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजों, सरकारी भर्तियों, स्कॉलरशिप और शिक्षा से जुड़ी नीतियों पर नियमित तौर पर खबरें लिखते हैं, ताकि छात्रों और अभिभावकों तक सही, सटीक और समय पर जानकारी पहुंच सके. उनकी कोशिश रहती है कि जटिल से जटिल सरकारी नियम और शैक्षणिक अपडेट भी पाठकों तक आसान और समझने लायक भाषा में पहुंचे.

एबीपी लाइव में आने से पहले दीनदयाल पाटीदार अपनी यूनिवर्सिटी की मीडिया टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जहां उन्होंने कैंपस से जुड़ी खबरों, इवेंट्स और एकेडमिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग और कवरेज की जिम्मेदारी निभाई. इसी दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, न्यूज राइटिंग की बारीकियां और खबरों को सही फॉर्मेट व भाषा में पेश करने का हुनर सीखा, जो आज उनकी पत्रकारिता का अहम हिस्सा हैं.

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने मंदसौर यूनिवर्सिटी, मंदसौर से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीए-जेएमसी) में स्नातक की पढ़ाई की है. वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले हैं.

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