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हाइड्रोजन ट्रेन-मेट्रो, रैपिड रेल या वंदे भारत... किसकी स्पीड सबसे ज्यादा? जान लें हर एक के बारे में सबकुछ

भारतीय रेलवे वंदे भारत, हाइड्रोजन ट्रेन, रैपिड रेल जैसे आधुनिक विकल्पों के जरिए यात्रियों को आरामदायक यात्रा दे रहे हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं इन ट्रेनों में किसकी स्पीड सबसे ज्यादा है?

रेलवे कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. भारत में रेलवे का तेजी से विकास हो रहा है. आज के समय में हाइड्रोजन ट्रेन, मेट्रो, रैपिड रेल और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसे आधुनिक विकल्प यात्रियों के लिए तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा दे रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि इनमें से सबसे तेज कौन है? चलिए इन ट्रेनों के बारे में जानते हैं और जानते हैं कि क्या है इनकी स्पीड.

हाइड्रोजन ट्रेन

भारत जल्द ही अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने जा रहा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन होगी. यह ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलेगी. यह हाइड्रोजन ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी. यह ट्रेन पर्यावरण के लिए बेहद अनुकूल है, क्योंकि यह डीजल इंजनों की तुलना में लगभग शून्य प्रदूषण करती है. 

मेट्रो

मेट्रो को शहरों की धड़कन कहा जाता है. मेट्रो रेल भारत के बड़े शहरों में परिवहन की रीढ़ है. दिल्ली मेट्रो देश की सबसे बड़ी मेट्रो प्रणाली है, जिसकी अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा है. चूंकि मेट्रो छोटी दूरी और शहरों के लिए बनाई गई है, इसकी औसत गति 50 किमी/घंटा के आसपास रहती है. 

रैपिड रेल

रैपिड रेल की बात करें तो रैपिड रेल, जिसे अब ‘नमो भारत’ कहा जाता है, दिल्ली-मेरठ जैसे रूट्स के लिए बनाई गई है. इसकी अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह 82 किलोमीटर की दूरी को सिर्फ 50 मिनट में पूरा कर सकती है.

वंदे मेट्रो

भारत की शान वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसकी अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन ज्यादातर औसत गति 83-96 किमी/घंटा रहती है. 

किसकी स्पीड है सबसे ज्यादा

वंदे भारत ट्रेन और रैपिड रेल दोनों की स्पीड ही लगभग बराबर है. रैपिड रेल की मैक्सिमम स्पीड 180 किमी प्रति घंटा बताई गई है लेकिन अभी फिलहाल 160 किमी प्रति घंटे की स्पीड से इसका ट्रायल किया गया है. वंदे भारत ट्रेन की बात करें तो इसकी टॉप स्पीड 180 किमी प्रति घंटा रखी गई है. जबकि इसे रेलवे ट्रैक पर 160 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ने की अनुमति मिली है. जो रेलवे ट्रैक पर निर्भर करती है. रैपिड रेल और वंदे भारत सबसे तेज हैं. वंदे भारत लंबी दूरी जबकि रैपिड रेल मध्यम दूरी यात्रा के लिए बनाई गई है.

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About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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