Where Dying Is Banned: ये है दुनिया का ऐसा अनोखा शहर जहां मरना मना, सरकार ने लगा रखा है बैन
Where Dying Is Banned: दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां की सरकार ने लोगों के मरने पर बैन लगा रखा है. पिछले 100 सालों में यहां किसी की मौत नहीं हुई.

Where Dying Is Banned: ये बात तो सच है कि जिसने भी जन्म लिया है, उसका मरना तय है. लेकिन नॉर्वे का लॉन्गईयरब्येन दुनिया एक ऐसा शहर है, जिसने अपने लोगों के मरने पर प्रतिबंध लगा रखा है. यानी की आपकी मौत आपको अपराधियों की कतार में खड़ा कर सकती है. यहां साल 1917 में आखरी बार एक शख्स की मौत हुई थी. उसके बाद यहां आजतक किसी की मौत नहीं हुई. यहां मई से लेकर जुलाई तक सूर्य अस्त नहीं होता, लगातार 76 दिनों तक सूर्योदय रहता है. इस दौरान यहां काफी ठंड पड़ती है. लेकिन फिर भी ऐसा क्या कारण है कि यहां की सरकार को ऐसा अजीबो-गरीब कानून बनाना पड़ा.
मौत पर पाबंदी क्यों?
लॉन्गईयरब्येन दुनिया के सबसे उत्तरी छोर पर बसा एक शहर है. यह उत्तरी ध्रुव के बेहद करीब है, जिसके कारण यहां साल के बारह महीने बहुत कड़ाके की ठंड पड़ती है. इतनी तेज ठंड की यहां का तापमान अक्सर -20 से -30 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है. इतनी भयंकर ठंड पड़ने का कारण यहां की जमीन हमेशा मोटी बर्फ की चादर से ढ़की रहती है. इस कड़ाके की ठंड में यहां इंसानी शव प्राकृतिक रुप से कभी सड़ नहीं पाते हैं. इसलिए साल 1950 में यहां की सरकार को समझ आया की जो शव दशकों पहले दफनाए गए थे, वे आज तक सड़ नहीं पाए. शवों के न सड़ने पर बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है.
महामारी का खतरा
वैज्ञानिकों की रिसर्च के मुताबिक, ठंड में शरीर के न सड़ने पर उनके अंदर खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया सालों तक जिंदा रह सकते हैं. साल 1998 में वैज्ञानिकों ने यहां कुछ ऐसे शवों पर रिसर्च की थी, जिनकी मौत 1918 में फैले स्पैनिश फ्लू महामारी के कारण हुई थी. हैरानी की बात ये है कि 80 साल बाद भी उन शवों में स्पैनिश फ्लू का वायरस जिंदा हालत में मिला. अगर यह वायरस हवा या पानी के संपर्क में आ जाता तो पूरा शहर इस महामारी की चपेट में आ सकता था. इसलिए यहां की सरकार ने साल 1950 के दशक में शवों के दफनाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी.
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अंत में छोड़ना पड़ता है शहर
इस कड़े कानून के कारण लॉन्गईयरब्येन में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाता है या वह काफी बुजुर्ग हो चुका है तो उसे तुरंत इस शहर को छोड़कर नॉर्वे के मुख्य भाग पर जाना पड़ता है. वहीं के अस्पतालों में उनका इलाज होता है और अगर उनकी मौत हो जाए, तो वही उनका अंतिम संस्कार किया जाता है.ये शहर अपने मौत पर बैन ही नहीं बल्कि और भी कई वजहों से अनोखा है. यहां का एक और अनोखा नियम है कि यहां आप बिना नौकरी ये कमाई के साधन के नहीं रह सकते है. अगर आप के पास कोई रोजगार नहीं है तो आपको शहर छोड़ना पड़ेगा. इसके अलावा यहां गर्भवती महिलाओं को भी कुछ वक्त पहले नॉर्वे के मुख्य भाग पर भेज दिया जाता है. क्योंकि यहां आपातकालीन मेडिकल सुविधा बेहद सीमित है.
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