एक्सप्लोरर

ऑयल-फ्री नेशन बनने की कगार पर खड़ा यह देश, पेट्रोल पंपों पर लग रहे ताले; बिना तेल के दौड़ेगी अर्थव्यवस्था

यह देश अपनी 90% ऊर्जा जियोथर्मल और हाइड्रोपावर से पा रहा है, जिससे तेल पर निर्भरता खत्म हो रही है. इलेक्ट्रिक वाहनों के चलन से वहां पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं. आइए इसके बारे में विस्तार से जानें.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • हाइड्रोजन ईंधन जैसी नई तकनीकें भविष्य के लिए अपनाई जा रही हैं.

क्या आपने कभी ऐसी दुनिया की कल्पना की है जहां पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का आपकी जेब पर कोई असर न पड़े? जहां गाड़ियां पेट्रोल पंप की तलाश में नहीं हों? यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है. आइसलैंड ने एक ऐसा रास्ता चुना है, जिसने उसे दुनिया के बाकी देशों से पूरी तरह अलग खड़ा कर दिया है. आज यह देश ऑयल-फ्री नेशन बनने की दहलीज पर खड़ा है और बाकी दुनिया के लिए एक बड़ा सबक बन गया है.

ऊर्जा का पावर हाउस

आइसलैंड की इस अद्भुत कामयाबी के पीछे उसकी भौगोलिक स्थिति का सबसे बड़ा हाथ है. यह देश अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से नवीकरणीय यानी रिन्यूएबल स्रोतों से पूरा करता है. यहां की ऊर्जा का सबसे शक्तिशाली जरिया जियोथर्मल एनर्जी है. धरती की गहराई में मौजूद प्राकृतिक गर्मी से निकलने वाली यह ऊर्जा वहां के बिजली उत्पादन का मुख्य स्तंभ है. इसी गर्मी से न केवल वहां के घरों को गर्म रखा जाता है, बल्कि लोगों को चौबीसों घंटे गर्म पानी भी मिलता है.

हाइड्रोपावर और ग्रीन एनर्जी की क्रांति

जियोथर्मल के अलावा, आइसलैंड की नदियों और पहाड़ों से मिलने वाली बिजली यानी हाइड्रोपावर का भी बड़ा योगदान है. इन दो प्राकृतिक स्रोतों ने तेल, कोयला और गैस जैसे पारंपरिक और प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों को लगभग पूरी तरह से बाहर कर दिया है. आज आइसलैंड में पारंपरिक ईंधनों की हिस्सेदारी महज 10 से 15 प्रतिशत के आसपास सिमट कर रह गई है. यह छोटा सा हिस्सा भी सिर्फ वाहनों और कुछ विशिष्ट उद्योगों तक ही सीमित है, जिसे हटाने की दिशा में भी काम जारी है.

यह भी पढ़ें: जब डूब रहा था अमेरिका, तब दुनिया के सबसे ताकतवर बैंकर ने संभाली थी कमान; टाइटैनिक से भी है गहरा कनेक्शन

पेट्रोल पंपों पर हो रहे बंद

आइसलैंड में पेट्रोल पंपों का धीरे-धीरे गायब होना वहां के लोगों की बदलती जीवनशैली का सबसे बड़ा प्रमाण है. सड़कों पर अब आपको पेट्रोल के धुएं के बजाय इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सुगबुगाहट सुनाई देती है. लोग अब पेट्रोल-डीजल की महंगी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी (EV) को प्राथमिकता दे रहे हैं. इसके चलते पुराने पेट्रोल पंप या तो पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं या उन्हें आधुनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों में तब्दील किया जा रहा है. यह बदलाव एक ऐसे भविष्य की नींव है जहां ईंधन की कमी की कोई चिंता नहीं होगी.

हाइड्रोजन फ्यूल और नई तकनीकी राहें

केवल बिजली ही नहीं, आइसलैंड भविष्य की ओर भी देख रहा है. वहां हाइड्रोजन फ्यूल जैसे विकल्पों को भी तेजी से अपनाया जा रहा है, जो भविष्य में भारी वाहनों के लिए मुख्य ईंधन बन सकता है. देश की सस्ती और भरपूर ग्रीन एनर्जी ने नागरिकों का जीवन बेहद आसान बना दिया है. यही कारण है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छूते हैं और दूसरे देश महंगाई की मार झेलते हैं, तब भी आइसलैंड पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ता है. उसकी अर्थव्यवस्था तेल के झटकों से पूरी तरह सुरक्षित है.

पर्यावरण के प्रति जवाबदेही का मॉडल

आइसलैंड का यह सफर पर्यावरण के अनुकूल रहने की जिद का नतीजा है. दुनिया के सबसे साफ और ग्रीन देशों में शुमार होने के पीछे यही एक बड़ी वजह है. हालांकि नॉर्वे जैसे देश भी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के मामले में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं, लेकिन पूरी तरह से तेल पर अपनी निर्भरता को खत्म करने के संकल्प में आइसलैंड ने जो मिसाल कायम की है, वह लाजवाब है. यह देश दुनिया को दिखा रहा है कि विकास का मतलब सिर्फ ईधन जलाना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर आगे बढ़ना है.

यह भी पढ़ें: चीन को मालामाल कर रहा ईरान का सस्ता तेल, जानें एक बैरल क्रूड ऑयल में ड्रैगन को कितना फायदा?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

बिहार का सबसे पढ़ा-लिखा जिला कौन सा, क्या है साक्षरता रेट?
बिहार का सबसे पढ़ा-लिखा जिला कौन सा, क्या है साक्षरता रेट?
क्या सीएम के करीबियों पर टिप्पणी करना जुर्म, जानें क्या हैं नियम?
क्या सीएम के करीबियों पर टिप्पणी करना जुर्म, जानें क्या हैं नियम?
विधायक बन गए प्रशांत किशोर, हर महीने कितनी मिलेगी सैलरी?
विधायक बन गए प्रशांत किशोर, हर महीने कितनी मिलेगी सैलरी?
प्रशांत किशोर के पास कितनी संपत्ति, इससे कितना सोना खरीद सकते हैं?
प्रशांत किशोर के पास कितनी संपत्ति, इससे कितना सोना खरीद सकते हैं?

वीडियोज

Ramayana पर बढ़ा विवाद, Shri Ramlila Mahasangh ने दी चेतावनी, Preview Screening की रखी मांग
London में Shah Rukh Khan का नया लुक वायरल, क्या King का First Look गलती से हुआ Reveal?
Jharkhand Students Protest: झारखंड में JPSC-JSSC पर बड़ा बवाल! अभिजीत दीपके की एंट्री ABPLIVE
Sansani: स्कूल में Murder से सनसनी! Lady Teacher का कातिल कौन?
Baba Bageshwar Dham | Dhirendra Krishna Shastri: जमीन की 'लूट'...क्या बाबा बागेश्वर ने दी छूट?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ट्रंप ने तोड़ा शहबाज-मुनीर का दिल, ईरान वार्ता में सऊदी-UAE-कतर का नाम, PAK को भूले
ट्रंप ने तोड़ा शहबाज-मुनीर का दिल, ईरान वार्ता में सऊदी-UAE-कतर का नाम, PAK को भूले
गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज के कमिश्नर बदले, यूपी में 13 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर
गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज के कमिश्नर बदले, यूपी में 13 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर
पति स्टालिन के लिए पुलिस से भिड़ीं किरुथीगा, बोलीं- वो टॉयलेट...
पति स्टालिन के लिए पुलिस से भिड़ीं किरुथीगा, बोलीं- वो टॉयलेट...
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सिर्फ 3 भारतीय लगा सके दोहरा शतक, हैरान कर देगी लिस्ट
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सिर्फ 3 भारतीय लगा सके दोहरा शतक, हैरान कर देगी लिस्ट
Spider Man BO: मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ की रही धूम, शानदार हुई कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
मंडे को भी ‘स्पाइडर मैन’ ने शानदार की कमाई, जानें- 300 करोड़ से रह गई कितनी दूर
Meta की ग्लोबल टीम को मोदी सरकार ने किया तलब, कहा- 'ये तय करें कि...'
Meta ग्लोबल टीम को सरकार ने किया तलब, PM के पोस्ट का उठेगा मुद्दा?
Xप्लेन: दतिया में हार की वजह नरोत्तम मिश्रा हुए तो क्या बीजेपी देगी राजेंद्र भारती जैसी सजा?
दतिया में हार की वजह नरोत्तम मिश्रा हुए तो क्या बीजेपी देगी राजेंद्र भारती जैसी सजा?
पटना: CM आवास घेरने निकले NSUI कार्यकर्ता, बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े
पटना: CM आवास घेरने निकले NSUI कार्यकर्ता, बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े
Embed widget