Akashteer: कैसे काम करता है आकाशतीर, जिसे भारत से खरीदकर अपना 'कवच' बनाना चाहता है यूएई?
Akashteer: हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के आकाशतीर एयर डिफेंस में रुचि दिखाई है. आइए जानते हैं कि आखिर यह कैसे काम करता है.

- यूएई भारत के स्वदेशी आकाशतीर एयर डिफेंस में रुचि दिखा रहा।
- यह एआई-पावर्ड कमांड सिस्टम, आधुनिक हवाई खतरों का मुकाबला करता।
- एआई इंजन खतरों को पहचानकर, उपयुक्त हथियार स्वतः चुनता है।
Akashteer: भारत के बढ़ते डिफेंस एक्सपोर्ट पर एक बार फिर से सबकी नजर हैं. दरअसल रिपोर्ट्स के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात भारत के स्वदेशी आकाशतीर एयर डिफेंस नेटवर्क को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा है. ड्रोन, क्रूज मिसाइल और दुश्मन के विमान जैसे आधुनिक खतरों से निपटने के लिए बनाया गया आकाश तीर भारत के सबसे एडवांस्ड मिलिट्री कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम में से एक बनकर उभरा है. पारंपरिक मिसाइल सिस्टम के उलट आकाशतीर एक डिजिटल ढाल की तरह काम करता है. यह कुछ ही सेकंड के अंदर हवाई खतरों का पता लगा सकता है, उन्हें समझ सकता है और उन्हें बेअसर भी कर सकता है. आइए जानते हैं कि आखिर कैसे काम करता है आकाशतीर.
आकाशतीर कोई मिसाइल सिस्टम नहीं है
नाम के बावजूद आकाशतीर कोई मिसाइल नहीं है. यह भारत का पहला स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर्ड एयर डिफेंस कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम है. एक एकीकृत एयर डिफेंस नेटवर्क बनाने के लिए विकसित यह सिस्टम सेंसर, रडार, मिसाइल और एंटी एयरक्राफ्ट गन को एक ही प्लेटफार्म से जोड़ता है. यह युद्ध के मैदान में रियल टाइम फैसले लेने में सक्षम है.
हवाई क्षेत्र की एक एकीकृत तस्वीर
आकाशतीर की सबसे जरूरी विशेषताओं में से एक यह है कि वह हवाई क्षेत्र की लाइव और सटीक तस्वीर बना सकता है. यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित डिजिटल क्लाउड के जरिए से मिलिट्री रडार, थर्मल इमेजर, सैटेलाइट, नौसेना के सर्विलांस नेटवर्क और वायु सेना के एसेट्स को जोड़ता है. इससे कमांडर एक ही स्क्रीन पर रियल टाइम में हवा में मौजूद हर चीज पर नजर रख सकते हैं.
दोस्त और दुश्मन की पहचान
आकाशतीर एडवांस्ड आइडेंटिफिकेशन फ्रेंड ऑर फो यानी दोस्त या फिर दुश्मन की पहचान करने की क्षमता से लैस है. सिस्टम हर विमान, ड्रोन, मिसाइल और हवाई वस्तु को अपने आप दोस्त या फिर न्यूट्रल और दुश्मन के तौर पर पहचान सकता है. इससे कॉम्बैट ऑपरेशन के दौरान अपने ही सैन्य संसाधनों पर गलती से हमले का खतरा काफी कम हो जाता है.
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टारगेट के लिए सबसे अच्छा हथियार चुनता है
जब भी किसी आने वाले खतरे का पता चलता है तो आकाशतीर का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंजन उसकी रफ्तार, रास्ते, ऊंचाई और खतरे के स्तर को समझ लेता है. इस आकलन के आधार पर सिस्टम अपने आप सबसे सही हथियार को चुन लेता है. पारंपरिक कमांड स्ट्रक्चर की तुलना में इससे प्रतिक्रिया का समय काफी कम हो जाता है.
आधुनिक ड्रोन खतरों का मुकाबला करने में सक्षम
आधुनिक युद्ध में ड्रोन, लोइटरिंग मुनिशन्स और कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइल पर निर्भरता बढ़ती जा रही है. आकाशतीर को खास तौर से इन मुश्किल लक्ष्यों का पता लगाने और उन पर नजर रखने के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें छोटे ड्रोन भी शामिल हैं.
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