कितना खतरनाक है गोल्डी बराड़, क्यों FBI ने किया इसे मोस्ट वांटेड घोषित?
Goldy Brar: हाल ही में गोल्डी बराड़ को एफबीआई ने मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल किया है. आइए जानते हैं कि आखिर कितना खतरनाक है गोल्डी बराड़. जानें इस बारे में पूरी जानकारी.

- गोल्डी बराड़ FBI की मोस्ट वांटेड सूची, $1 मिलियन इनाम घोषित।
- भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया, बिश्नोई गैंग का सदस्य।
- मूसेवाला हत्या, जबरन वसूली, ड्रग तस्करी का मुख्य आरोपी।
- अमेरिका में संघीय आरोप, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चलाता है।
Goldy Brar: गोल्डी बराड़ जिसका असली नाम सतिंदरजीत सिंह है, अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुका है. अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने 28 सितंबर को उसे अपने टॉप 10 मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल कर दिया है. इसी के साथ उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 1 मिलियन डॉलर के इनाम की भी घोषणा की गई है.
भारत सरकार ने भी बराड़ को गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम के तहत एक व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किया है. भारत और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने उसे संगठित अपराध, टारगेटेड हत्याओं, जबरन वसूली, हथियारों और ड्रग्स की तस्करी से जोड़ा है.
गोल्डी बराड़ कितना खतरनाक है?
एफबीआई और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक बराड़ को काफी हिंसक और पकड़ में ना आने वाला भगोड़ा माना जाता है. उस पर आरोप है कि वह भारत से बाहर रहकर एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चलाता है.

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक अहम सदस्य
बराड़ को जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी और मुख्य संचालक बताया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वह उत्तरी अमेरिका, खासकर अमेरिका और कनाडा से यह नेटवर्क चला रहा है. जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने भारत को दूसरे देशों में अपराधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विदेश में मौजूद ठिकानों का इस्तेमाल किया है.
हाई प्रोफाइल हत्याओं से कथित संबंध
बराड़ पर 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है. इस मामले में उससे जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क की कथित गतिविधियों की तरफ सबका ध्यान खींचा है.
अमेरिकी एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया है कि बराड़ जून 2023 में कनाडा में खालिस्तानी एक्टिविस्ट हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश में शामिल था. ये आरोप बराड़ और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी व्यापक अंतरराष्ट्रीय जांच का हिस्सा है.
जबरन वसूली, अपहरण और तस्करी
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक बराड़ से जुड़ा नेटवर्क टारगेटेड हत्याओं, जबरन वसूली और अपहरण जैसी गतिविधियों में शामिल है. उसे हथियारों, गोला बारूद, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा पार तस्करी से भी जोड़ा गया है.
इन गतिविधियों के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ने बराड़ को भारत और उत्तरी अमेरिका दोनों जगहों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ा टारगेट बना दिया है.
एफबीआई ने उसे मोस्ट वांटेड लिस्ट में क्यों डाला?
एक बड़ी वजह है सीमाओं के पार काम करने वाले संगठित अपराध समूहों के खिलाफ अमेरिका की जांच. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी एजेंसियां ऑपरेशन हार्ड बॉल चला रही हैं. इसमें अमेरिका से काम करने वाले संगठित अपराध नेटवर्क और उनके सरगनाओं को निशाना बनाया जा रहा है.
ऐसा कहा जाता है कि बराड़ एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े होने और दूर से ही गतिविधि को को-ऑर्डिनेट करने की अपनी काबिलियत की वजह से एक बड़ा टारगेट बन गया है.

अमेरिका में गंभीर फेडरल आरोप
कैलिफोर्निया की एक अमेरिकी जिला कोर्ट ने बराड़ के खिलाफ फेडरल वारंट जारी किया है. इसमें रैकेटीयर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन एक्ट के तहत साजिश, जबरन वसूली और खतरनाक ड्रग की तस्करी की साजिश शामिल है. इन फेडरल आरोपों ने भारत और दूसरी जगह पर उसके खिलाफ पहले से चल रही जांच में अमेरिका के कानूनी पहलू को भी जोड़ दिया है.
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नेटवर्क चलाने के लिए अमेरिकी इलाके का कथित इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक बराड़ कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो और फ्रेस्नो जैसे इलाकों से काम करता था और इंटरनेट बेस्ड कॉलिंग और दूसरी टेक्नोलॉजी के जरिए अलग-अलग देशों में मौजूद गैंग के सदस्यों और साथियों से बातचीत करता था. भारत के बाहर से आपराधिक गतिविधियों को कंट्रोल करने की उसकी कथित काबिलियत ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और भी जरूरी बना दिया है.
गोल्डी बराड़ को अपनी मोस्ट वांटेड लिस्ट में डालने का एफबीआई का फैसला उसके खिलाफ लगी फेडरल आरोपों की गंभीरता और उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने की अधिकारियों की कोशिशों को दिखाता है. उसके खिलाफ लगे आरोपों की सच्चाई का पता लगाना संबंधित अदालतों और कानून लागू करने वाले एजेंसियों की कार्रवाई का मामला है.
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