इस राज्य में बुजुर्गों के लिए चलती है सहारा योजना, जानें कौन कर सकता है आवेदन
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना शुरू की है. इस योजना के तहत, प्रति माह 3000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है.

हिमाचल प्रदेश में पिछले काफी समय से मुख्यमंत्री सहारा योजना चलाई जा रही है. यह योजना मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही है. जिसमें बुजुर्गों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है. ऐसे में आज हम आपको इस योजना के बारे में बताने जा रहे हैं...
मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत मिलते हैं 3000 रुपये
मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत हिमाचल सरकार आर्थिक रूप से बुजुर्गों की मदद करती है. इस योजना के तहत कमजोर वर्गों के मरीजों को हर महीने 3000 रुपये वित्तीय सहायता के रूप में दिए जाते हैं. यह राशि उन मरीजों को दी जाती है जो पार्किंसन, कैंसर, पक्षाघात, मांसपेशीय दुर्विकास, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया आदि बीमारियों से ग्रसित हो.
अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों को भी किया गया शामिल
इस योजना के तहत कैंसर जैसी बीमारीयों के अलावा क्रोनिक रीनल फेलियर और अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी शामिल किया गया है. इस योजना में लाभ पाने की कैटेगरी में ऐसे लोग शामिल होते हैं जो आमतौर पर स्थायी रूप से अक्षम होते हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य घातक बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सहायता के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिससे मरीज को लंबे समय तक उपचार के दौरान होने वाली कठिनाइयों को कुछ हद तक कम किया जा सके.
कौन कर सकता है योजना के लिए आवेदन
मुख्यमंत्री सहारा योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ हिमाचल प्रदेश के निवासी आवेदन कर सकते हैं. साथ ही इस योजना के लिए वो लोग आवेदन कर सकते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हो, वहीं आवेदक योजना के अनुसार किसी बिमारी से ग्रसित हो. इसके अलावा इस योजना के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति ऐसी किसी अन्य सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं हाेने चाहिए.
मुख्यमंत्री सहारा योजना के लिए हिमाचल प्रदेश के निवासी कैसे करें आवेदन
मुख्यमंत्री सहारा योजना के लिए आवेदन करने के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट https://sahara.hpsbys.in/Home/Default पर जाकर ऑनलाइन या फिर निकटतम खंड विकास कार्यालय या पंचायत में जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आपको आवेदन पत्र में सही जानकारी भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है. वहीं आवेदन पत्र जमा करने के बाद आवेदक को एक आईडी कार्ड के साथ रसीद दी जाती है.
विधानसभा में छिड़ी थी योजना बंद करने की बात
हाल ही में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष की ओर से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सदन में सवाल उठाया था कि सहारा योजना के तहत पेंशन अटकी हुई है और यह कब तक दी जाएगी. इसके जवाब में हेल्थ मिनिस्टर धनीराम शांडिल ने कहा कि यह योजना कैंसर और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के मरीजों के लिए चलाई गई है. हालांकि कई बार दस्तावेज पूरे नहीं होने पर आवेदकों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है.
योजना को लेकर ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी कंफर्म कर दिया था कि योजना बंद नहीं होगी. वहीं मुख्यमंत्री के अनुसार इस योजना में कुछ संशोधन करके इसमें कुछ और बीमारियां शामिल की जाएंगी. वहीं मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 140 करोड़ रुपये जारी किए हैं.
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Source: IOCL






















