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अश्लील कंटेंट दिखाने वाले 25 OTT प्लेटफॉर्म और वेबसाइट बैन, साल भर का सब्सक्रिप्शन ले चुके लोगों का क्या होगा?

Government Banned 25 OTT Platforms: सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 25 ओटीटी एप्स पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. चलिए जानें कि ऐसे में जिन लोगों ने सब्सक्रिप्शन ले लिया है उन लोगों का अब क्या होगा.

केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अश्लील कंटेंट दिखाने वाले 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया है. सरकार का कहना है कि ये एप्स एंटरटेनमेंट के नाम पर दर्शकों को अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री परोस रहे थे. सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को कहा है कि इन ओटीटी एप्स को ब्लॉक कर दिया जाए. बैन किए जाने वाले एप्स की लिस्ट में ऑल्ट, उल्लू, देसी फ्लिक्स जैसे मशहूर प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं. ऑल्ट एप को टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर ने 2017 में लॉन्च किया था. वहीं उल्लू एप को आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट विभु अग्रवाल ने 2018 में बनाया था. 

पहले भी 18 ओटीटी एप हो चुके हैं बैन

इसके पहले साल 2024 में भी सरकार ने 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था. इसके अलावा 19 वेबसाइट्स, 57 सोशल मीडिया हैंडल्स और 10 एप्स को भी ब्लॉक कर दिया था. ऐसे में सवाल उठता है कि जिन यूजर्स ने बैन हो चुके इन ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन साल भर के लिए ले लिया है, तो आखिर उनका क्या होगा. चलिए इस सवाल का जवाब खोजते हैं. 

तरह-तरह के ओटीटी प्लेटफॉर्म

दुनिया में बहुत सारे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आपको फिल्में, वेब सीरीज या दूसरे कंटेंट आसानी से देखने को मिल जाते हैं. बहुत सारे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट देखने के लिए आपको पैसे नहीं देने पड़ते हैं. यानि कि उनमें आप फ्री में चीजें देख सकते हैं. वहीं कई ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आपको कंटेंट देखने के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं. सरकार ने जिन ओटीटी एप्स पर बैन लगाया है, उनमें से कुछ में तो फ्री में कंटेंट देखने के लिए मिलता है, इसलिए उसमें पैसे देने की जरूरत नहीं होती है. 

बैन हो चुके ओटीटी पर सब्सक्रिप्शन ले चुके दर्शकों का क्या?

वहीं जिन प्लेटफॉर्म पर पैसा देकर सब्सक्रिप्शन लेना होता है, अगर उन ओटीटी प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया गया तो सब्सक्रिप्शन लेने वालों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सबसे पहले उनके द्वारा खरीदे गए सब्सक्रिप्शन रद्द हो जाते हैं, इसलिए वे उन ओटीटी पर कंटेंट नहीं देख सकते हैं. अब उनको कुछ भी देखने के लिए दूसरे ऑप्शन की तलाश करनी होगी, जो कि शायद उतने सुविधाजनक या फिर आकर्षक न हों.   

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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