Pigeon Feeding Ban: इन देशों में कबूतर को दाना डालने पर प्रतिबंध, जानें क्या है इंसानों को इस पंछी से खतरा?
Pigeon Feeding Ban: कई देशों ने कबूतरों को दाना डालने पर प्रतिबंध लगाया है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

- सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने पर लगा प्रतिबंध
- वेनिस, सिंगापुर, लंदन, न्यूयॉर्क, मुंबई में पाबंदी
- साफ-सफाई, स्वास्थ्य, ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा प्रमुख कारण
- कबूतरों की बीट से फेफड़ों की गंभीर बीमारियां संभव
Pigeon Feeding Ban: सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना डालना भले ही नुकसानरहित लगे लेकिन दुनिया भर के कई देशों और शहरों ने इस पर सख्त पाबंदी और भारी जुर्माना लगा दिया. इसकी वजह है सार्वजनिक स्वास्थ्य, साफ सफाई और ऐतिहासिक जगह को होने वाले नुकसान से जुड़ी बढ़ती चिंताएं.
वेनिस में पाबंदी
सबसे मशहूर पाबंदियों में से एक वेनिस में है. यहां सेंट मार्क स्क्वायर जैसी ऐतिहासिक जगह के आस-पास कबूतरों को दाना डालना मना है. अधिकारियों ने यह पाबंदी ऐतिहासिक इमारतों और ढांचों को कबूतरों की बीट से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए लगाई है. नियम के उल्लंघन करने वालों पर कथित तौर पर €500 तक का जुर्माना लग सकता है.
सिंगापुर में प्रतिबंध
सिंगापुर भी अपने सार्वजनिक साफ सफाई कानून के तहत पक्षियों को दाना डालने के खिलाफ सख्त नियम लागू करता है. बार-बार नियम तोड़ने पर काफी भारी जुर्माना लग सकता है और कुछ मामलों में तो जेल भी हो सकती है. सरकार का तर्क है कि कबूतरों को दाना डालने से भीड़-भाड़ वाले शहरी इलाकों में पक्षियों की आबादी बढ़ जाती है. इससे साफ सफाई और बीमारियों का खतरा पैदा होता है.
लंदन, न्यूयॉर्क, मुंबई और पुणे जैसे शहरों में पाबंदी
दुनिया भर के कई बड़े शहरों ने चुनिंदा सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना डालने पर रोक लगा दी है. लंदन और न्यूयॉर्क शहर जैसी जगहों पर पर्यटक और ऐतिहासिक स्थलों के पास कबूतरों को दाना डालना मना है. भीड़भाड़ और सफाई से जुड़ी समस्याओं को काबू में करने के लिए दाना डालने की खास जगह बनाई जाती है. भारत में भी मुंबई, पुणे और ठाणे जैसे शहरों ने कबूतरों की बड़ी आबादी से जुड़े स्वास्थ्य खतरों पर चिंता जताई है.
फेफड़ों की बीमारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह कहना है की सबसे बड़ा खतरा सीधे तौर पर कबूतरों से नहीं बल्कि उनकी बीट और पंखों में मौजूद धूल और फंगल कणों से होता है. लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से होने वाली सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है हाइपरसेंसटिविटी न्यूमोनिटिस. यह बीमारी तब होती है जब कबूतरों के पंखों और बीट से निकलने वाले हानिकारक प्रोटीन सांस के जरिए फेफड़ों में चले जाते हैं. समय के साथ इससे फेफड़ों में हमेशा के लिए निशान पड़ सकते हैं, सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा कबूतरों की बीट में cryptococcosis और histoplasmosis जैसे खतरनाक फंगस हो सकते हैं.
यह भी पढ़ेंः किस जाति से आते हैं अभिजीत दीपके, कॉकरोच जनता पार्टी बनाकर आए चर्चा में?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























