दो दिन खाना न खाएं तो शरीर में क्या होता है, कितने दिन की एनर्जी स्टोर रखती है हमारी बॉडी?
सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. लेकिन चलिए जानते हैं कि अगर कोई दो दिन तक खाना न खाए तो आखिर उसके शरीर में क्या होता है? और आखिर कितने दिन तक उसके शरीर में एनर्जी होती है.

जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को आज भूख हड़ताल किए हुए 19वां दिन हो रहा है. उनकी सेहत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है. अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि देश के हर एक नागरिक की जान बेहद मूल्यवान है और हर हाल में उसकी हिफाजत करना शासन-प्रशासन का बुनियादी कर्तव्य है. लेकिन क्या आपको बता है कि अगर कोई इंसान दो दिन तक खाना न खाए तो शरीर में क्या होता है, आखिर कितने दिन की एनर्जी स्टोर रखती है बॉडी?
24 घंटे खाना न खाने पर शरीर में क्या होता है?
जब आप भोजन करना बंद करते हैं, तो शरीर सबसे पहले खून में मौजूद शुगर और लिवर में जमा कार्बोहाइड्रेट, जिसे ग्लाइकोजन कहा जाता है, उससे ऊर्जा खींचना शुरू करता है. आम तौर पर पहले 12 से 24 घंटों के भीतर यह जमा हुआ ग्लूकोज पूरी तरह खत्म हो जाता है. जैसे ही यह प्रारंभिक ईंधन समाप्त होता है, लिवर एक्टिव हो जाता है और शरीर में पहले से जमा चर्बी को तोड़कर ऊर्जा बनाना शुरू कर देता है. इस शुरुआती चरण में व्यक्ति को तेज भूख का अहसास होता है और शरीर अपने बैकअप ईंधन को काम पर लगाने की तैयारी करने लगता है.
48 घंटे के बाद शरीर में मानसिक और शारीरिक बदलाव
भोजन छोड़े हुए जब 24 से 48 घंटे का समय हो जाता है, तो खून में शुगर का स्तर काफी नीचे गिर जाता है. चूंकि हमारे दिमाग को चलने के लिए लगातार ग्लूकोज की जरूरत होती है, इसलिए शुगर कम होने से ध्यान लगाने में दिक्कत, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और भारी थकान होने लगती है. इस दौरान जब फैट बहुत तेजी से टूटता है, तो शरीर कीटोन नाम का रसायन बनाने लगता है, जिसे कीटोसिस प्रक्रिया कहते हैं. इस स्थिति के कारण इंसान के मुंह और सांसों से एक अजीब सी हल्की बदबू आने लगती है, जो इस बात का संकेत है कि शरीर पूरी तरह फैट बर्निंग मोड में आ चुका है.
ऑटोफैजी प्रक्रिया और मसल्स का टूटना
दो दिन तक भूखे रहने का एक अनोखा पहलू यह भी है कि लगभग 24 से 48 घंटे के बीच शरीर ऑटोफैजी मोड में चला जाता है. इसका मतलब है कि शरीर खुद की मरम्मत करने लगता है और अंदर मौजूद पुरानी या खराब हो चुकी कोशिकाओं को खुद ही नष्ट कर साफ करने लगता है. लेकिन इसके साथ ही एक नुकसान भी शुरू होता है कि अगर उपवास लंबा खिंचता है, तो शरीर सिर्फ फैट से संतुष्ट नहीं होता. वह ऊर्जा की भारी मांग को पूरा करने के लिए हमारी मांसपेशियों में मौजूद प्रोटीन को भी तोड़ना शुरू कर देता है, जिससे धीरे-धीरे शरीर में कमजोरी बढ़ने लगती है.
शरीर में कितनी है एनर्जी स्टोर करने की क्षमता?
अब सवाल उठता है कि हमारा शरीर आखिर कितने दिनों का राशन अपने अंदर जमा रख सकता है. वैज्ञानिकों की मानें तो अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे, तो एक स्वस्थ मानव शरीर अपने अंदर जमा फैट और मांसपेशियों के दम पर 30 से 60 दिन करीब एक से दो महीने तक जिंदा रह सकता है. यह क्षमता हर व्यक्ति के वजन, शरीर में मौजूद चर्बी की मात्रा, उम्र और उसके स्वास्थ्य पर निर्भर करती है. हालांकि बिना पानी के स्थिति बिल्कुल अलग होती है, क्योंकि पानी के बिना हमारा शरीर केवल 3 से 7 दिनों के अंदर ही काम करना बंद कर देता है.
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