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ये है EVM का वह सीक्रेट बटन, केवल चुनाव अधिकारी ही कर सकते हैं Press

EVM Ballot Button: ईवीएम में एक ऐसा बटन होता है जिसका इस्तेमाल सिर्फ चुनाव अधिकारी ही कर सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सा होता है वह बटन और क्या होता है इसका इस्तेमाल.

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  • EVM में बैलेट बटन पोलिंग अधिकारी नियंत्रित करते हैं।
  • अधिकारी बैलेट बटन दबाकर ही मतदान प्रक्रिया शुरू करते हैं।
  • यह बटन एक बार में केवल एक वोट ही दर्ज करता है।
  • वीवीपीएटी बैलेट प्रक्रिया से जुड़ा, चयन पुष्टि में सहायक।

EVM Ballot Button: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को कई सुरक्षा सुविधाओं के साथ बनाया गया है. ऐसा इसलिए ताकि इस बात को पक्का किया जा सके कि हर योग्य वोटर एक बार में सिर्फ एक ही वोट डाल सके. इसके सबसे जरूरी कंट्रोल में से एक है बैलेट बटन. यह कंट्रोल यूनिट पर होता है और इसे अधिकृत पोलिंग अधिकारी ऑपरेट करते हैं. 

हालांकि वोटर अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने वाला नीला बटन दबाते हैं लेकिन वोटिंग की प्रक्रिया तब तक शुरू नहीं हो सकती जब तक अधिकारी मशीन को चालू न कर दें.

बैल्ट बटन कहां होता है? 

बैल्ट बटन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की कंट्रोल यूनिट पर होता है जो पोलिंग अधिकारियों की देखरेख में रहती है. कंट्रोल यूनिट को बैलेट यूनिट से अलग रखा जाता है जहां वोटर अपने पसंद के उम्मीदवार को चुनते हैं.

कंट्रोल यूनिट को ऑपरेट करने वाले अधिकारी जरूरी वोटर वेरीफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद वोटिंग प्रक्रिया को शुरू करते हैं. इस बीच बैलेट यूनिट को वोटिंग कंपार्टमेंट के अंदर रखा जाता है. ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का हो सके की वोटर निजी तौर पर अपना वोट डाल सकें.


ये है EVM का वह सीक्रेट बटन, केवल चुनाव अधिकारी ही कर सकते हैं Press

बैलेट बटन कैसे काम करता है?

वोटिंग प्रक्रिया में कई चरण होते हैं जो वोटर की पहचान से शुरू होकर वोट रिकॉर्ड होने पर खत्म होते हैं. 

वोटर वेरीफिकेशन और स्याही लगाना 

जब कोई वोटर पोलिंग स्टेशन पर आता है तो पोलिंग अधिकारी उसकी पहचान की पुष्टि करते हैं और जरूरी प्रक्रिया पूरी करते हैं. इसमें वोटर की उंगली पर स्याही लगाना भी शामिल है. 

अधिकारी बैलेट बटन दबाते हैं 

वेरिफिकेशन के बाद अधिकृत पोलिंग अधिकारी कंट्रोल यूनिट पर बैलेट बटन दबाते हैं. इससे बैलेट यूनिट चालू हो जाती है जिससे वोटर अपना वोट डाल सकता है. 

मशीन बताती है कि वोटिंग के लिए तैयार है 

बैलेट बटन दबाने के बाद कंट्रोल यूनिट संबंधित स्टेटस इंडिकेशन दिखाती है. इसी के साथ बैलेट यूनिट पर हरी रेडी लाइट जलती है. इसके बाद वोटर संबंधित नीले बटन का इस्तेमाल करके उम्मीदवार चुन सकते हैं. 

वोट रिकॉर्ड हो जाता है 

जब वोटर अपने चुने हुए उम्मीदवार के सामने वाला बटन दबाता है तो ईवीएम से एक लंबी बीप की आवाज आती है. वोटिंग इंडिकेटर बदल जाते हैं जिससे पता चलता है कि सिस्टम ने वोट रिकॉर्ड कर लिया है.

बैलेट बार-बार वोटिंग को कैसे रोकता है? 

इस बटन के मुख्य कामों में से एक है हर वोटिंग के मौके को कंट्रोल करना. मशीन को इस तरह से बनाया गया है कि अधिकृत पोलिंग अधिकारी द्वारा हर बार चालू करने पर यह सिर्फ एक वोट स्वीकार करता है.  जब कोई वोटर किसी उम्मीदवार का बटन दबाता है तो ईवीएम उसी बार चालू रहने के दौरान दूसरा वोट स्वीकार नहीं करती है. 

अगले वोटर के वोट डालने से पहले पोलिंग अधिकारी को बैलेट बटन फिर से दबाना पड़ता है. इससे यह पक्का होता है कि मशीन अधिकारी के दखल के बिना लगातार वोट स्वीकार न करे.


ये है EVM का वह सीक्रेट बटन, केवल चुनाव अधिकारी ही कर सकते हैं Press

क्या बटन दबाए रखने से कई वोट पड़ सकते हैं?

ईवीएम का वोटिंग सिस्टम इस तरह से बनाया गया है कि बैलेट यूनिट के हर बार चालू होने पर सिर्फ एक ही वोट रिकॉर्ड हो. उम्मीदवार का बटन दबाए रखने से एक ही वोटिंग साइकिल के दौरान कई वोट रजिस्टर नहीं हो पाते. 

अगले वोट के लिए कंट्रोल यूनिट के जरिए अधिकृत पोलिंग अधिकारी द्वारा इसे फिर से चालू करना जरूरी होता है. यह सिस्टम मशीन की सुरक्षा और सही कामकाज का एक बड़ा हिस्सा है.

यह भी पढ़ें: क्या चीफ इलेक्शन कमिश्नर को गिरफ्तार कर सकती है पुलिस, क्या है कानून?

बैलेट बटन वीवीपीएटी से कैसे जुड़ा होता है?

बैलेट बटन उस प्रकिया का भी हिस्सा है जो ईवीएम और वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल सिस्टम के जरिए वोटिंग को संभव बनाती है. 

जब भी कोई वोटर किसी उम्मीदवार को चुनता है तो वीवीपीएटी एक पेपर स्लिप बनाता है जिस पर उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिह्न होता है. यह स्लिप 7 सेकंड तक वीवीपीएटी की देखने वाली खिड़की से दिखाई देती है. इससे वोटर सील बंद डिब्बे में जाने से पहले अपने चयन की पुष्टि कर सकता है.

यह भी पढ़ें: इटली में कितनी है मुस्लिम आबादी, किस शहर में सबसे ज्यादा मस्जिदें?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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