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अभिजीत दीपके-सौरभ दास और आशुतोष रांका में कौन ज्यादा रईस? जान लें सच

सीजेपी नेताओं की तिहाड़ जेल रवानगी के बाद संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की संपत्ति चर्चा में है. आइए तीनों नेताओं की आधिकारिक नेट वर्थ जान लेते हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रमुख नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस पूरी कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासनिक कदम की मंशा पर तीखे सवाल खड़े किए हैं. इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आम जनता के बीच पार्टी की कमान संभाल रहे इन तीनों युवा नेताओं की वित्तीय स्थिति, कुल संपत्ति और उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि को लेकर जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है.

तिहाड़ जेल भेजे जाने पर अभिजीत दीपके के तीखे सवाल

दिल्ली के चर्चित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने की कोशिश करने के दौरान शुरू हुए विवाद के बाद पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की. सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस कानूनी कार्रवाई को सरासर गलत ठहराते हुए यह सवाल पूछा कि आखिर देश के राष्ट्रीय ध्वज को लहराने का प्रयास करना कैसे कोई अपराध हो सकता है. इसी मामले में पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए चौथे साथी अजिंक्य शिंदे को शांति बनाए रखने के लिए पीस बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया, जबकि सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल परिसर में भेज दिया गया.

अभिजीत दीपके की कुल नेट वर्थ 

पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके की निजी वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो अनौपचारिक मीडिया और उद्योग से जुड़े अनुमानों के अनुसार उनकी अनुमानित कुल संपत्ति करीब 25 लाख से 50 लाख रुपये के बीच आंकी गई है, हालांकि कुछ लाइफस्टाइल रिपोर्ट्स इसे 1 करोड़ रुपये तक भी आंकती हैं. दीपके की मुख्य कमाई का जरिया पॉलिटिकल कम्युनिकेशन, पब्लिक रिलेशंस और डिजिटल कैंपेन मैनेजमेंट जैसे पेशेवर क्षेत्रों में उनके काम से आता है. जब वे बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे थे, तब उनके पिता ने मीडिया में यह स्पष्ट जानकारी दी थी कि विदेश में उनकी उच्च शिक्षा के लिए परिवार ने 60 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था.

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सौरव दास नेट वर्थ और कमाई

पत्रकारिता और आरटीआई सक्रियता की दुनिया से जुड़े सीजेपी नेता सौरव दास की आधिकारिक या प्रमाणित नेट वर्थ की कोई स्पष्ट सार्वजनिक जानकारी मौजूद नहीं है. एक खोजी पत्रकार के रूप में पहचान बनाने वाले सौरव दास की लाइफस्टाइल हाल के दिनों में काफी चर्चा और विवादों के केंद्र में रही है. सार्वजनिक रिपोर्ट्स के अनुसार, वे नई दिल्ली के बेहद पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-1 में लगभग 9,000 स्क्वायर फीट के एक आलीशान अपार्टमेंट में रहते हैं, जिसका हर महीने का किराया करीब 8 लाख से 12 लाख रुपये के बीच बताया जाता है. आलोचकों द्वारा कमाई के साधनों पर उठाए गए सवालों के बीच उन्होंने साफ किया है कि उनके तमाम वित्तीय लेनदेन कानून के दायरे में हैं.

आशुतोष रांका की नेट वर्थ का सच

पार्टी के तीसरे प्रमुख नेता आशुतोष रांका की कुल संपत्ति का कोई भी आधिकारिक या सार्वजनिक आंकड़ा मौजूद नहीं है. अक्सर लोग उन्हें इसी नाम के आम आदमी पार्टी के नेता से जोड़कर देखने की भूल कर बैठते हैं जिनकी घोषित संपत्ति लगभग 8 करोड़ रुपये है, लेकिन सीजेपी के आशुतोष रांका बिल्कुल अलग व्यक्ति हैं. शैक्षणिक रूप से वे आईआईटी कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व छात्र रहे हैं और मैकेंजी एंड कंपनी जैसी बहुराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्म के साथ-साथ गावी जैसे वैश्विक संगठनों में उच्च वेतन वाले पदों पर मैनेजमेंट कंसलटेंट के तौर पर काम कर चुके हैं. शानदार कॉर्पोरेट करियर के बावजूद उनकी मौजूदा सेविंग्स और इनवेस्टमेंट की सटीक जानकारी सार्वजनिक डोमेन में दर्ज नहीं है.


अभिजीत दीपके-सौरभ दास और आशुतोष रांका में कौन ज्यादा रईस? जान लें सच

तीनों नेताओं में रईस कौन?

अगर तीनों नेताओं की संपत्ति और कमाई की क्षमता की तुलनात्मक समीक्षा की जाए, तो आधिकारिक तौर पर किसी की भी निश्चित कुल संपत्ति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है. हालांकि, व्यावसायिक और कॉर्पोरेट आय की दृष्टि से देखें तो आशुतोष रांका का पिछला करियर बेहद आकर्षक और उच्च पैकेज वाला रहा है, जबकि सौरव दास का हाई-एंड लिविंग स्टैंडर्ड और अभिजीत दीपके का डिजिटल-मीडिया प्रोफेशन उनकी अलग-अलग आर्थिक स्थितियों की कहानी बयान करता है. इस तरह स्पष्ट है कि सार्वजनिक चर्चाओं के बावजूद तीनों में से किसी के भी पास पूरी तरह से प्रमाणित रईसी का कोई सरकारी या आधिकारिक दावा दर्ज नहीं किया गया है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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