भारत के राजचिन्ह के नीचे हाथी, घोड़ा, बैल और शेर बने होते हैं, आज इनका मतलब जान लीजिए
Emblem of India: इन चारों जानवरों के बारे में कहा जाता है कि ये भारत की चार दिशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. हालांकि, इन जानवरों का मतलब सिर्फ इतना ही नहीं है.

Emblem of India: हर देश का अपना एक राजचिन्ह होता है, भारत का भी एक है. भारत का यह राजचिन्ह सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है. इसमें चार सिंह हैं, जिनके मुंह चारों दिशाओं में हैं. राजचिन्ह के निचले हिस्से पर आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' लिखा है. यह आदर्श वाक्य मुण्डकोपनिषद से लिया गया है.
वहीं इस राजचिन्ह को 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपनाया था. लेकिन आज हम इस राजचिन्ह उस हिस्से की बात करने वाले हैं, जिस पर शायद कोई ज्यादा ध्यान नहीं देता है. हम बात कर रहे हैं इसके निचले हिस्से पर बने भागते हुए घोड़े, हाथी, बैल और सिंह की. आज इस आर्टिकल में हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे.
क्या है इन जानवरों का मतलब
इन चारों जानवरों के बारे में कहा जाता है कि ये भारत की चार दिशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. हालांकि, इन जानवरों का मतलब सिर्फ इतना ही नहीं है. यहां मौजूद एक एक जानवर खास है. इन सभी के पीछे एक पूरी कहानी छुपी है. आपको बता दें जब पहली बार इस राजचिन्ह को बनाया गया था तो इसे एक एकाश्म पत्थर को तराशकर बनाया गया था. इसके साथ ही आपने देखा होगा कि इन सभी जानवरों के बीच एक चक्र है... आपको बता दें ये अशोक चक्र है जो हमारे तिरंगे में भी मौजूद है.
पश्चिम की ओर दौड़ते घोड़े का मतलब
भारत के राजचिन्ह में नीचे की ओर बने भागते हुए जिस घोड़े को दिखाया गया है वह पश्चिम दिशा की ओर भाग रहा है. यह घोड़ा कंठक घोडे़ का प्रतिनिधित्व करता है. कंठक घोड़े के बारे में कहा गया है कि इसका इस्तेमाल महात्मा बुद्ध ने अपान राजसी जीवन छोड़कर जाते वक्त किया था.
पूर्व की ओर भागता हाथी
इसी राजचिन्ह में पूर्व की ओर एक हाथी भी भागता दिखाई देता है. ये हाथी एक सपने को दर्शाता है. ये सपना कोई आम सपना नहीं है, बल्कि ये रानी माया का सपना था, जिसमें एक सफेद हाथी उनके गर्भ में प्रवेश करता है.
दक्षिण की ओर भागता बैल
ऐसे तो बैल हमारे अराध्य भगवान शिव की सवारी है, लेकिन यहां दक्षिण की ओर भाग रहे बैल का इससे कोई लेना देना नहीं है. ये बैल दरअसल, वृषभ राशि चक्र के संकेत को दर्शाता है. आपको बता दें इसी महीने बुद्ध का जन्म हुआ था.
उत्तर की ओर भागता शेर
ये शेर उन चार शेरों से अलग है जो भारत के राजचिन्ह के ऊपर की ओर बने हैं. दरअसल, ये शेर उत्तर की ओर भागता हुआ दिखाई देता है. ये ज्ञान की प्राप्ति को दर्शाता है. आपको बता दें ये चारों जानवर गोल-गोल चक्कर काटते नजर आते हैं, यानी ये एक ऐसे दौड़ की तरह है जो अनंत काल तक चलती रहेगी और इन सभी के बीच एक अस्तित्व का चक्र है.
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Source: IOCL























