कैसा होता है DUSU का ऑफिस, क्या हैं इसे खोलने-बंद करने के नियम?
DUSU Election Result: दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के इलेक्शन के रिजल्ट आ चुके हैं. आइए जानते हैं कि दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन का ऑफिस कैसा है और यह कितने बजे खुलता और बंद होता है.

- दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ कार्यालय प्रेरणा भवन में स्थित है।
- कार्यालय में कैफे, सेमिनार हॉल, लाइब्रेरी, जिम आदि सुविधाएं।
- सोमवार-शनिवार खुला, विश्वविद्यालय प्रशासन नियंत्रित; आवश्यकता पर बंद भी।
DUSU Election Result: दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के चार मुख्य पद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए वोटिंग हो चुकी है. कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपरपज हॉल में वोटों की गिनती हुई. हालांकि दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया 90 मिनट की देरी से शुरू हुई. आपको बता दें कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तीन पदों पर जीत हासिल की और एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन का ऑफिस कैसा है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन का ऑफिस कहां पर है?
प्रेरणा भवन दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस इलाके में यूनिवर्सिटी स्टेडियम के पास स्थित है. इस इमारत को छात्र प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग शैक्षणिक, सामाजिक और मनोरंजक गतिविधि में भाग लेने वाले छात्रों के लिए एक खास जगह के तौर पर डिजाइन किया गया है. आम प्रशासनिक ऑफिस से अलग इस इमारत में बैठक, चर्चा, पढ़ाई और मनोरंजन के लिए भी सुविधाएं मौजूद हैं.

कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
यह इमारत कई मंजिलों में फैली हुई है. इसके अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग सुविधा है. दूसरी मंजिल मुख्य रूप से छात्र प्रतिनिधियों के लिए है. यहां दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के चार मुख्य पदाधिकारी, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए अलग-अलग ऑफिस या फिर केबिन बने हैं. इस मंजिल पर एक मीटिंग रूम भी है जहां पर प्रतिनिधि चर्चा कर सकते हैं. यहां एक पैंट्री और स्टोर रूम की सुविधा भी है.
ग्राउंड फ्लोर पर एक कैफेटेरिया है जिसमें 50 से ज्यादा लोगों के बैठने की जगह है. यहां एक यूटिलिटी शॉप भी है. कैफेटेरिया छात्रों को केंपस लाइफ और छात्र गतिविधि से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर मिलने, बातचीत करने और चर्चा करने के लिए जगह देता है.
पहली मंजिल पर एक आधुनिक सेमिनार हॉल भी है जिसमें लगभग 120 लोग बैठ सकते हैं. इस सुविधा का इस्तेमाल छात्रों की बहस, चर्चा, बैठक और दूसरे कार्यक्रमों के लिए किया जा सकता है.
सबसे ऊपरी मंजिल पर एक आधुनिक लाइब्रेरी और रीडिंग हॉल है. यह जगह छात्रों को पढ़ाई के लिए काफी शांत माहौल देती है. इसी के साथ बेसमेंट में एक जिम और गेम्स जोन है. ये सुविधाएं छात्रों को फिटनेस और मनोरंजन की गतिविधियों के लिए जगह देती है.
ऑफिस का समय क्या है
ऑफिस का रेगुलर काम का समय सोमवार से शनिवार सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक है. ऑफिस रविवार और केंद्र सरकार या फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी द्वारा घोषित सरकारी छुट्टी के दिन बंद रहता है. यह समय सामान्य स्थिति में लागू होते हैं. चुनाव, सुरक्षा की स्थिति या प्रशासनिक दखल की जरूरत वाली दूसरी स्थितियों में खास इंतजाम किए जा सकते हैं.
चुनाव के दौरान क्या होता है?
छात्र संघ चुनाव के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कैंपस और ऑफिस परिसर के आसपास कई पाबंदी लगा दी जाती हैं. कैंपस या फिर उन जगहों पर जाने के लिए जहां पाबंदी लागू है छात्रों के पास दिल्ली यूनिवर्सिटी का वैलिड आइडेंटी कार्ड होना जरूरी है. चुनाव प्रचार भी तय समय तक ही किया जा सकता है.

ऑफिस को कौन कंट्रोल करता है?
हालांकि चुने हुए पदाधिकारी के पास अपने अलग केबिन होते हैं और वह ऑफिस का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन यह बिल्डिंग पूरी तरह से यूनिवर्सिटी प्रशासन से अलग होकर काम नहीं करती है. डीन स्टूडेंट वेलफेयर और प्रॉक्टर ऑफिस की जिम्मेदारी कुल प्रशासनिक देख-रेख सुरक्षा और रखरखाव की होती है.
अगर कोई गंभीर विवाद, सुरक्षा से जुड़ी चिंता या फिर कोई बड़ी घटना होती है तो यूनिवर्सिटी प्रशासन एहतियात के तौर पर कदम उठा सकता है. इसमें ऑफिस को कुछ समय के लिए बंद करना भी शामिल है.
यह भी पढ़ें: क्या NCP-शिवसेना जैसा हो जाएगा TMC का हाल, ममता बनर्जी के पास अब कितने रास्ते?
क्या यह ऑफिस बंद किया जा सकता है?
ऑफिस को हर स्थिति में खुला रखने का कोई बिना रोक-टोक वाला अधिकार नहीं है. हालांकि रेगुलर कामकाज तम समय के मुताबिक होते हैं लेकिन सुरक्षा, अनुशासन, चुनाव या फिर दूसरी प्रशासनिक वजह से जरूरत पड़ने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन पाबंदियों को लगा सकता है या फिर परिसर को बंद कर सकता है.
यह भी पढ़ें: नंदीग्राम चुनाव से पहले कांग्रेस कैंडिडेट गिरफ्तार, क्या अब नहीं लड़ सकता चुनाव?






















