एक्सप्लोरर

क्या होता है ब्लू क्रिसमस, यह 25 दिसंबर वाले क्रिसमस से कितना अलग?

ब्लू क्रिसमस उन लोगों के लिए है जो क्रिसमस के समय खुश नहीं हैं. यह दिन अकेलेपन, दुख और भावनात्मक दर्द को स्वीकार करने और उनसे लड़ने का संदेश देता है.

यूरोप के बाहर के बहुत से लोगों को नहीं पता होगा कि ब्लू क्रिसमस क्या होता है. जब क्रिसमस या उसके आसपास का दिन आता है, तो अक्सर लोगों के मन में खुशियां, सजावट, रोशनी से जगमग गलियां और बाजार और चारों तरफ सिर्फ उमंग ही याद आती है. इसके उलट ब्लू क्रिसमस खुशियों का नहीं बल्कि आपके अंदर छिपे दर्द, मुश्किल और परेशानियों को जानने और उनसे लड़ने का दिन है क्योंकि हर किसी का समय अच्छा नहीं चल रहा होता.

किसी ने इस साल अपने सबसे करीबी दोस्त या रिश्तेदार को खोया होता है, कोई लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहा होता है. क्रिसमस का यह दिन कोई उत्सव नहीं बल्कि एक ऐसा दिन है जहां लोगों को अपना दुख छुपाने की जरूरत नहीं होती. यह दिन आपको भरोसा दिलाता है कि अगर आप खुश नहीं हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

ब्लू क्रिसमस क्या होता है?

ब्लू क्रिसमस का दिन हर साल 21 दिसंबर को मनाया जाता है. यह दिसंबर के उन्हीं दिनों के आसपास आता है जब खुशियों और रोशनी का त्योहार क्रिसमस 25 दिसंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है, लेकिन ब्लू क्रिसमस के दिन लोग अपने मन में छिपाए दुख और सारी परेशानियों या चिंताओं को समझने की कोशिश करते हैं. इस दिन उन लोगों को, जो किसी भी कारण से दुखी हैं, यह एहसास दिलाया जाता है कि उनकी भावनाएं सही हैं. इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति दुख और पीड़ा में है या अपने किसी को खोने के गम में है, तो इसका यह मतलब नहीं कि उसके अंदर कोई कमी है या उसकी सोच में कोई दिक्कत है, बल्कि उसका दुख स्वाभाविक है जो किसी घटना या परेशानी की वजह से उसके दिल और दिमाग में आया है.

क्रिसमस और ब्लू क्रिसमस में फर्क

  • पूरी दुनिया में 25 दिसंबर का दिन प्रभु ईशु मसीह के जन्म की वजह से क्रिसमस के त्योहार के रूप में मनाया जाता है. लोग इस दिन पूरे उत्साह और उमंग के साथ इसे मनाते हैं. बाजारों में सजावट, रोशनी, गिफ्ट देना और दूर रहने वाले लोगों से मिलना जैसे कई काम किए जाते हैं, लेकिन इससे कुछ दिन पहले यानी 21 दिसंबर को ब्लू क्रिसमस के दिन लोग अपने अकेलेपन, दुख और अवसाद को समझने, उसे एक-दूसरे के साथ साझा करने और दुखों को कम करने की कोशिश करते हैं.
  • ब्लू क्रिसमस का दिन लोगों को यह याद दिलाता है कि अगर सभी लोग खुशियां मना रहे हैं, तो आप पर यह दबाव नहीं है कि आप भी अपने अंदर के दुख और परेशानियों को नजरअंदाज करके खुशियां मनाएं. बल्कि यह दिन यह सिखाता है कि दुख को महसूस करना भी व्यक्ति के लिए जरूरी है.
  • जहां क्रिसमस के दिन लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं, अपने घरों को रोशनी से सजाते हैं, कैरल गाते हैं और चर्च में मोमबत्तियां जलाते हैं, वहीं ब्लू क्रिसमस के दिन लोग शांति से अपनी समस्याओं को समझने की कोशिश करते हैं और चर्च में जाकर प्रार्थना और सेवा करते हैं.

यह भी पढ़ें: जीरो विजिबिलिटी और उड़ता विमान, जानें कैसे घने कोहरे में भी सुरक्षित लैंड करती हैं फ्लाइट्स?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या पाकिस्तान में भी मिलता है E20, वहां की सरकार एथेनॉल पर क्या कर रही?
क्या पाकिस्तान में भी मिलता है E20, वहां की सरकार एथेनॉल पर क्या कर रही?
मुस्लिम नाटो में सबसे ज्यादा ताकतवर कौन, उसके पास कितनी ताकत?
मुस्लिम नाटो में सबसे ज्यादा ताकतवर कौन, उसके पास कितनी ताकत?
टोल फ्री किया गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, इससे सरकार को कितना नुकसान?
टोल फ्री किया गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, इससे सरकार को कितना नुकसान?
क्या पाकिस्तान के पास भी है अग्नि-4 जैसी मिसाइल, उसकी कितनी रेंज और ताकत?
क्या पाकिस्तान के पास भी है अग्नि-4 जैसी मिसाइल, उसकी कितनी रेंज और ताकत?

वीडियोज

Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा
Bigg Boss 20 का बड़ा Twist! Salman Khan के ‘Karan Arjun’ Hint से खुला Two Lives का राज
Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
रांची प्रोटेस्ट: JPSC-JSSC न्याय गुट की सरकार से बातचीत खत्म, जानें क्या हुई बात?
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
ईरान युद्ध पर पेजेशकियान का बड़ा बयान- 'हमने शुरू नहीं किया, 48 घंटे में...'
IPL 2027 में नहीं खेलेंगे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर? कोच का बयान उड़ा देगा सभी 10 टीमों के होश
IPL 2027 में नहीं खेलेंगे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर? कोच का बयान उड़ा देगा सभी 10 टीमों के होश
DC OTT Release: लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
'देश को अमेरिका के हाथों...', ट्रंप के टैरिफ बिल पर बोले केजरीवाल
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
असम में बाढ़ से 98 की मौत, हिमाचल से बंगाल तक IMD का अलर्ट, UP-बिहार में कैसा मौसम?
MP ESB Recruitment 2026: 5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
बारिश के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन क्यों कम हो जाती है, इससे कितना नुकसान?
Embed widget