Delhi Blast Red Alert: दिल्ली में लगे हाई अलर्ट का क्या है मतलब, इस दौरान किन चीजों पर रहेगी रोक?
Delhi Bomb Blast Red Alerts: इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे राजधानी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हाई अलर्ट जारी होने के बाद पुलिस हर संदिग्ध व्यक्ति की जांच कर रही है और उनसे पूछताछ कर रही है.

Delhi Red Fort Blast: देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम एक ब्लास्ट से दहल गई. यहां लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आसपास खड़ी अन्य कारों में भी आग लग गई. दिल्ली में हुई इस धमाके में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे राजधानी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
हाई अलर्ट जारी होने के बाद पुलिस हर संदिग्ध व्यक्ति की जांच कर रही है और उनसे पूछताछ कर रही है. ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल है कि हाई अलर्ट का क्या मतलब होता है और इस दौरान किन-किन चीजों पर रोक लगी रहती है? चलिए जानते हैं इस सवाल का जवाब...
क्या होता है हाई अलर्ट का मतलब?
दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पूरे राजधानी क्षेत्र के साथ कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. घटनास्थल पर NIA और NSG जैसी सुरक्षा एजेंसियों ने पहुंचकर कमान संभाल ली है. किसी भी राज्य या विशेष क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी करने का मतलब होता है कि खतरे की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ गई और घटना से जुड़ी सभी तरह की एजेंसियों को पूरी तरह से तैयार रहने के लिए कहा जाता है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके. दिल्ली जैसी घटना में आतंकी कनेक्शन भी हो सकता है, ऐसे में पुलिस से लेकर खुफिया एजेंसियां भी हाई अलर्ट मोड में आकर पूरी तैयारी रखे हुए हैं.
कौन जारी करता है हाई अलर्ट?
किसी घटना के बाद हाई अलर्ट जारी करने की जिम्मेदारी वहां के प्रशासन की होती है. अगर कोई घटना राष्ट्रीय स्तर पर होती है तो गृह मंत्रालय या खुफिया एजेंसियों द्वारा हाई अलर्ट जारी किया जाता है. अगर घटना राज्य स्तर पर होती है तो राज्य सरकार या पुलिस द्वारा हाई अलर्ट जारी किया जा सकता है.
हाई अलर्ट में क्या-क्या होता है?
जब भी हाई अलर्ट जारी किया जाता है तो सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो जाती हैं. इस दौरान पेट्रोलिंग बढ़ा दी जाती है और CRPF, RAF और NSG जैसी फोर्सेस की अतिरिक्त तैनाती की जाती है. सार्वजनिक स्थानों जैसे एयरपोर्ट, रेलवे, आर्मी कैंप, मंदिर या प्रार्थना स्थलों को स्थानीय प्रशासन अपने कब्जे में लेकर पूरी तरह जांच शुरू कर देता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं जगहों पर होता है.
किन चीजों पर लग सकती है रोक?
हाई अलर्ट के दौरान हर एक संदिग्ध चीज की जांच की जा जाती है. अगर पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को किसी व्यक्ति पर शक होता है तो उससे पूछताछ कर सकती हैं. इस दौरान भीड़ भाड़ को नियंत्रित कर दिया जाता है. स्कल, कॉलेज और दफ्तरों में सख्त निगरानी होती है. आतिशबाजी, ड्राने उड़ाने पर भी रोक लगाई जा सकती है. इसके अलावा अगर मामला बढ़ता है तो इंटरनेट सेवा को भी अस्थाई तौर पर बंद किया जा सकता है.
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Source: IOCL























