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Delhi BJP New Office: कभी किराए के मकान में चलता था दिल्ली बीजेपी का ऑफिस, जानें कैसे पूरा हुआ स्थायी ऑफिस का सफर?

Delhi BJP New Office: पीएम मोदी ने बीते दिनों भाजपा के नए ऑफिस का उद्रघाटन किया, जिसके बाद बीजेपी को एक लंबे अरसे के बाद अपना खुद का कार्यालय मिल गया.

Delhi BJP New Office: भारत की सबसे पुरानी पार्टियों में एक नाम भारतीय जनता पार्टी का भी है. भारतीय जनसंघ से बनी भाजपा ने बीते कुछ दशकों में खुद को काफी मजबूत किया है. बीते तीन लोकसभा चुनावों में भारत की जनता ने भाजपा को सरकार बनाने और काम करने का मौका दिया और कई राज्यों में भी उनकी सरकार का दोनों हाथों से स्वागत किया.

इस बीच सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि तीन बार से केंद्र सरकार में रही बीजेपी के पास दिल्ली में अपना खुद का कोई कार्यालय नहीं था. कार्यालय जहां उनकी पार्टी मीटिंग हो सके, कार्यालय जहां लोगों को ठहरा सके, लेकिन आज पार्टी का यह सपना भी पूरा हो गया है.  दरअसल, बीते दिनों पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली के नए कार्यालय का उद्घाटन किया. 

कहां है बीजेपी का नया कार्यालय

एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बीजेपी को अपना नया कार्यालय मिल ही गया है. बीजेपी का यह नया कार्यालय दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित है. भाजपा के इस नए ऑफिस के उद्घाटन में प्रधानमंत्री मोदी, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और भाजपा नेता जेपी नड्डा भी शामिल हुए, जिसके बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आरएसएस और जनसंघ का भी जिक्र किया. 

45 साल से कार्यालय के लिए संघर्ष

आपको बता दें कि 1975 से पहले जनसंघ का कार्यालय पुरानी दिल्ली के नए बाजार में किराए की बिल्डिंग में था, जिसे 1975 की शुरुआत में शिफ्ट कर दिया गया. इसके बाद यह कार्यालय अजमेरी गेट चौक स्थित एक किराये के भवन की दूसरी मंजिल पर आ गया. इसी वर्ष सदर बाजार एवं कृष्ण नगर में भी किराये के भवनों में जनसंघ के जिला कार्यालय खुले, लेकिन बाद में 1975 में आपातकाल लगने के दौरान कांग्रेस सरकार ने इसे भी बंद कर दिया.

2025 में मिला नया कार्यालय

बीते तीन दशकों की मेहनत और मुशक्कत के बाद अब जाकर भाजपा को अपना नया कार्यालय मिल पाया है. इस दौरान भाजपा के कई बड़े नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष ने भी इसके पीछे काफी मेहनत की है. इसके बाद वर्ष 2022-23 में बीजेपी को अपना कार्यालय बनाने के लिए जमीन एलोकेट की गई. 2023 में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भूमि पूजन किया और इस जमीन पर बीजेपी के ऑफिस का कार्य शुरू कराया गया, जिसके बाद 2025 में जाकर इसका काम पूरा हुआ और एक शानदार कार्यालय बनकर तैयार हो गया.

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आंखों में सपने लिए, घर से हम चल तो दिए, जानें ये राहें अब ले जाएंगी कहां... कहने को तो ये सिंगर शान के गाने तन्हा दिल की शुरुआती लाइनें हैं, लेकिन दीपाली की जिंदगी पर बखूबी लागू होती हैं. पूरा नाम दीपाली बिष्ट, जो पहाड़ की खूबसूरत दुनिया से ताल्लुक रखती हैं. किसी जमाने में दीपाली के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ कंधे पर झोला टांगकर और हाथों में अखबार लेकर घूमने वाले लोग होते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी आंखों में इसी दुनिया का सितारा बनने के सपने पनपने लगे और वह भी पत्रकारिता की दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने इस सफर का पहला पड़ाव एबीपी न्यूज में डाला है, जहां वह ब्रेकिंग, जीके और यूटिलिटी के अलावा लाइफस्टाइल की खबरों से रोजाना रूबरू होती हैं. 

दिल्ली में स्कूलिंग करने वाली दीपाली ने 12वीं खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और सत्यवती कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रैजुएशन किया. ग्रैजुएशन के दौरान वह विश्वविद्यालय की डिबेटिंग सोसायटी का हिस्सा बनीं और अपनी काबिलियत दिखाते हुए कई डिबेट कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की. 

साल 2024 में दीपाली की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (नोएडा) से टीवी जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उस दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, एडिटिंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च और एंकरिंग की बारीकियां सीखीं. कॉलेज खत्म करने के बाद वह एबीपी नेटवर्क में बतौर कॉपीराइटर इंटर्न पत्रकारिता की दुनिया को करीब से समझ रही हैं. 

घर-परिवार और जॉब की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने लिए सुकून के पल ढूंढना दीपाली को बेहद पसंद है. इन पलों में वह पोएट्री लिखकर, उपन्यास पढ़कर और पुराने गाने सुनकर जिंदगी की रूमानियत को महसूस करती हैं. इसके अलावा अपनी मां के साथ मिलकर कोरियन सीरीज देखना उनका शगल है. मस्ती करने में माहिर दीपाली को घुमक्कड़ी का भी शौक है और वह आपको दिल्ली के रंग-बिरंगे बाजारों में शॉपिंग करती नजर आ सकती हैं.

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